अब श्रीलंका में भी लगेगा गोवध पर प्रतिबंध, पीएम की पार्टी ने पास किया प्रस्ताव
नई
दिल्ली। श्रीलंका में जल्दी गोवध पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। श्रीलंका की सत्ताधारी पार्टी श्रीलंका पोदुजाना पेरमुना (एसएलपीपी) ने अपनी एक बैठक गोवध पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। पार्टी प्रस्ताव में पूरे देश में गाय काटे जाने पर प्रतिबंध की बात कही गई है। हालांकि बीफ के आयात की इजाजत रहेगी। प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने मंगलवार को एसएलपीपी संसदीय समूह की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की है। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>
पार्टी बैठक में प्रस्ताव
मीडिया मिनिस्टर और कैबिनेट प्रवक्ता काहेलिया रामबुकवेला ने बताया है कि एसएलपीपी संसदीय समूह की बैठक में भाग लेने वाले सभी एसएलपीपी सांसदों ने इस प्रस्ताव के लिए प्रधानमंत्री राजपक्षे की सराहना की है और उनसे सहमित जताई है। एसएलपीपी संसदीय समूह की बैठक में प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने कहा कि उन्हें पशुवध पर प्रतिबंध लगने की उम्मीद है।

जल्दी ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा प्रस्ताव
काहेलिया ने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से कोई आधिकारिक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया गया था, लेकिन वह जल्द ही इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री यह फैसला करेंगे कि कब और कैसे औपचारिक रूप से कैबिनेट को गोवध पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करना चाहिए। अगर प्रस्ताव को कैबिनेट पस करती है अनुमोदित किया जाता है और लागू किया जाता है तो सरकार मांस का आयात करेगी। वहीं मांस चिकन, मटन और दूसरी तरह के मांस पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

राजपक्षे की पार्टी का रहा है ये रुख
राजपक्षे की पार्टी एसएलपीपी में बुद्ध सन्यासियों का काफी प्रभाव माना जाता है। इन्हीं का दबाव सरकार पर रहा है कि गाय का कटना देश में बंद किया जाए। श्रीलंका की ज्यादातर आबाजी गोश्त खाती है लेकिन बुद्धों और हिन्दुओं में बड़ी तादाद शाकाहार पसंद करने वालों की भी है।












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