Russia-Ukraine War Update: अब रुक जाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध, शांति वार्ता में फिर चौधरी बनना चाहते हैं ट्रंप!
Russia-Ukraine War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर से खुद को चौधरी साबित करने के लिए आगे आए हैं। ट्रंप ने इस सप्ताह तुर्किए में संभावित यूक्रेन-रूस चर्चा में शामिल होने में दिलचस्पी दिखाई है। यूरोपियन यूनियन रूस से यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष में 30-दिवसीय सीजफायर का आग्रह कर रहे हैं। ट्रम्प का ये बयान यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक की संभावना और इसी उम्मीद में इस्तांबुल जाने की चर्चा के बीच आई है।
ट्रंप फिर बन रहे बातचीत के चौधरी
ट्रम्प ने बताया कि वह गुरुवार को इस्तांबुल में होने वाली बातचीत में हिस्सा ले सकते हैं, जो उनकी क्षेत्रीय यात्रा का हिस्सा है, जिसमें ट्रप का सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर में रुकना शामिल है। जनवरी में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने के बाद से अपनी दूसरी अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, "मेरी बहुत सारी बैठकें हैं, लेकिन मैं वास्तव में वहां जाने के बारे में सोच रहा था।"

सीजफायर प्रस्ताव और लड़ाई
प्रस्तावित सीजफायर के बावजूद, यूक्रेनी सेना ने सोमवार शाम तक रूसी सेना के साथ अग्रिम मोर्चे पर 133 झड़पों की सूचना दी। सीजफायर आधी रात को शुरू होना था। इसी बीच यूक्रेन के शीर्ष कमांडर ओलेक्सेंडर सिरस्की ने डोनेट्स्क क्षेत्र और रूस के कुर्स्क क्षेत्र में भीषण लड़ाई होने की खबर कीव को दी। ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूसी हमले पूरे दिन जारी रहे और मॉस्को ने तुर्किए में पुतिन के साथ बातचीत के उनके प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ज़ेलेंस्की ने कहा, "रूसी गोलाबारी और हमले जारी हैं।" साथ ही "मॉस्को ने सीधी मुलाकात के प्रस्ताव के बारे में पूरे दिन चुप्पी साधे रखी।"
कूटनीतिक प्रयास और प्रतिबंध की धमकी
तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन के साथ इस संभावित बातचीत के बाद राजनयिक प्रयास फिर से शुरू हो गए हैं। एर्दोगन ने इन वार्ताओं को एक नया अवसर बताया जिसे किसी को खोना नहीं चाहिए। इस बीच, जर्मन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर रूस दिन के अंत तक सीजफायर का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।इसी दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने गुरुवार को यूक्रेन के साथ पुतिन की प्रस्तावित वार्ता के बारे में तुर्किए के अपने समकक्ष हकन फिदान से बात की। हालांकि, रूस की ओर से इस बात के कोई संकेत नहीं मिले कि पुतिन ज़ेलेंस्की के बैठक के निमंत्रण को स्वीकार करेंगे या नहीं।
यूरोपीय देश क्या बोले?
चार प्रमुख यूरोपीय देशों के नेताओं ने शनिवार को कीव का दौरा किया और सोमवार से शुरू होने वाले बिना शर्त 30 दिन के सीजफायर की मांग की। जवाब में पुतिन ने सीजफायर के संभावित खाका रूप में इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के बीच सीधी बातचीत का सुझाव दिया इन कूटनीतिक कदमों के बावजूद, यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने रूस पर यूक्रेनी सेना पर लगातार हमलों के कारण सीजफायर पहल की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने एक ज्वॉइंट कॉल के दौरान यूरोपीय यूनियन के देशों और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ चल रही तना-तनी पर भी बात की।
रूस किस बात पर खफा?
रूस युद्ध समाप्त करने की प्रतिबद्धता का दावा करता जरूर है, लेकिन यूरोपीय शक्तियों पर उकसावे की भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाता है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने सुझाव दिया कि यूरोप के सीजफायर प्रस्ताव का मकसद कीव को रूस के खिलाफ अपनी सैन्य क्षमताओं के पुनर्निर्माण के लिए समय देना है। इसलिए इस पर गहराई से मंथन किया जा रहा है। साथ ही अमेरिका की भागीदारी के बिना नए यूरोपीय प्रतिबंधों की प्रभावशीलता अनिश्चित बनी हुई है। रूस और यूक्रेन दोनों ही ट्रम्प की शांति वाली बात से इत्तेफाक रखते हैं। लेकिन एक-दूसरे को हमला करने के लिए उकसाने का जिम्मेदार भी बताते हैं।
तनाव के बीच बातचीत
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि शांति वार्ता के लिए कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद दोनों पक्ष अपनी सैन्य गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। लिहाजा गोलीबारी के बीच इस शांति वार्ता का महत्व कितना है ये आप समझ सकते हैं।
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