Russia Ukraine War: रूस में घुसकर यूक्रेन ने मचाई भारी तबाही, तेल रिफाइनरी और सैन्य ठिकाने राख
Ukrainian drone strikes on Russia: यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध ने एक बार फिर खतरनाक मोड़ ले लिया है। अब लड़ाई केवल सीमा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यूक्रेन ने रूस के अंदरूनी हिस्सों में कई अहम ठिकानों को निशाना बनाकर यह संकेत दिया है कि उसकी सैन्य क्षमताएं लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम हो चुकी हैं। शुक्रवार रात शुरू हुए यूक्रेनी ड्रोन हमलों की श्रृंखला ने रूस के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर, सैन्य अड्डों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
इन हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई है और कई घायल हुए हैं। सामरिक दृष्टि से देखें तो यह हमला न केवल रूस के लिए चेतावनी है, बल्कि युद्ध के बदलते स्वरूप की भी झलक है, जहां तकनीक और ड्रोन हमले पारंपरिक लड़ाई से कहीं अधिक असरदार साबित हो रहे हैं।

तेल रिफाइनरी और सैन्य ठिकाने तबाह
शनिवार तड़के यूक्रेन ने रूस पर एक बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें कम से कम तीन लोगों की जान चली गई। यह हमले रूस के सामारा, पेंज़ा और रोस्तोव जैसे इलाकों में हुए, जहां गिरते हुए ड्रोन के मलबे से घरों में आग लग गई और एक सुरक्षा गार्ड की भी मौत हो गई। पेंज़ा में एक महिला की मौत एक इलेक्ट्रॉनिक फैक्ट्री पर हुए हमले में हुई।
यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इन हमलों का मुख्य निशाना था रियाज़ान ऑयल रिफाइनरी, वोरोनेज़ का ऑयल स्टोरेज और प्रिमोर्स्को-अखतार्स्क का सैन्य हवाई अड्डा। इसके अलावा एक अहम इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिसे रूस के सैन्य औद्योगिक तंत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यूक्रेन की यह रणनीति दिखाती है कि वह अब केवल मोर्चे पर नहीं, बल्कि दुश्मन की जड़ पर भी चोट कर रहा है।
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रूस ने यूक्रेन के एक गांव पर किया कब्जा
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेन से आए 338 ड्रोन को रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। वहीं, यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि रूस ने उनके ऊपर 53 ड्रोन छोड़े, जिनमें से 45 को मार गिराया गया।
इसी बीच रूस ने एक और बड़ा दावा किया है कि उसने पूर्वी यूक्रेन के एक गांव पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन अगर यह सच है तो यह यूक्रेन के लिए सामरिक रूप से एक और झटका हो सकता है।
हथियार आपूर्ति के लिए बना विशेष तंत्र
यूक्रेन को लगातार हथियारों की आवश्यकता पड़ रही है, जिसे पूरा करने के लिए अमेरिका, नाटो और यूरोपीय देशों ने एक संयुक्त व्यवस्था तैयार की है। इस व्यवस्था के तहत यूक्रेन अपनी जरूरतें बताएगा, यूरोपीय देश इन हथियारों की फंडिंग करेंगे, अमेरिका हथियार मुहैया कराएगा और नाटो के ज़रिए उन्हें यूक्रेन तक पहुंचाया जाएगा। इस रणनीति से यह स्पष्ट हो गया है कि पश्चिमी देशों का समर्थन यूक्रेन को दीर्घकालिक सैन्य सहायता देने के लिए और अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होता जा रहा है।












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