Robot Dogs: एलन मस्क, जकरबर्ग और जेफ बेजोस के किसने बनाए रोबोट कुत्ते? करना क्या चाहते हैं साइंटिस्ट?- Video
Robot Dogs: जर्मनी की राजधानी बर्लिन के फेमस नुए नेशनल गैलरी में एक अजीब वाकया उस वक्त देखने को मिला जब दुनिया के दिग्गज बिजनेस टाइकून्स एलन मस्क, मार्क जकरबर्ग और जेफ बेजोस जैसे कई लोगों के रोबोट डॉग्स अचानक जमीन पर घूमते दिखे। इन्हें डिजिटल कलाकार माइक विंकेलमैन, जिन्हें दुनिया बीपल (Beeple) के नाम से जानती है, उन्होंने बनाया था। ये प्रदर्शनी चर्चा में तो आई लेकिन साथ में आया एक सवाल ऐसा करने की जरूरत क्या पड़ी।
ये सिर्फ रोबोट नहीं, AI से बनाते हैं तस्वीरें
एपी रिपोर्ट के मुताबिक, ये सिर्फ रोबोट नहीं हैं। हर रोबोटिक कुत्ते में कैमरे लगाए गए हैं, जो आसपास मौजूद लोगों और चीजों की तस्वीरें कैद करते हैं। लेकिन खास बात यह है कि ये रोबोट तस्वीरों को सीधे प्रिंट नहीं करते। इसके बजाय वे AI का इस्तेमाल करते हैं और फिर उन तस्वीरों को एक अलग अंदाज में प्रिंट करते हैं।

अलग-अलग फोटो बनाता है अलग-अलग कुत्ता
इन तस्वीरों को AI इस तरह बदलता है कि वे किसी मशहूर हस्ती के व्यक्तित्व या किसी खास कला शैली को दिखाएं। उदाहरण के तौर पर, पाब्लो पिकासो से प्रेरित रोबोटिक कुत्ता Cubism शैली में तस्वीरें बनाता है। वहीं एंडी वारहोल से प्रेरित रोबोट पॉप आर्ट स्टाइल में इमेज तैयार करता है।
क्यों पड़ी जरूरत?
यह कला प्रदर्शनी सिर्फ मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि टेक्नोलॉजी हमारी सोच और दुनिया को देखने के तरीके को कैसे बदल रही है। बीपल ने अपनी इस प्रदर्शनी का नाम "रेगुलर एनिमल्स" रखा है। उनका कहना है कि पहले कलाकार समाज की राय और जनधारणा को आकार देते थे, लेकिन अब यह काम बड़े टेक लीडर और एल्गोरिदम कर रहे हैं।
एल्गोरिदम तय कर रहे हैं लोग क्या देखें
बीपल का मानना है कि आज डिजिटल प्लेटफॉर्म यह तय करते हैं कि लोग ऑनलाइन क्या देखेंगे। इसी से उनकी राय, सोच और नजरिया बनता है। पहले बदलाव के लिए कानून या नीतियां बदलनी पड़ती थीं, लेकिन अब एल्गोरिदम तुरंत बदले जा सकते हैं। यही वजह है कि यह प्रदर्शनी पावर, कंट्रोल और टेक्नोलॉजी के Hidden Impact पर सवाल उठाती है।
क्यूरेटर ने बताया प्रदर्शनी का मकसद
प्रदर्शनी की क्यूरेटर लीसा बॉटी के मुताबिक, इस शो का मकसद आज के जमाने में AI की बढ़ती भूमिका पर लोगों को सोचने के लिए प्रेरित करना है। उनका कहना है कि म्यूजियम ऐसे स्थान हैं, जहां लोग समझ सकते हैं कि टेक्नोलॉजी किस तरह ह्यूमन एक्सपीरियंस को नया आकार दे रही है। कला, रोबोटिक्स और AI का यह मेल दर्शकों को अपनी वास्तविकता पर सवाल उठाने के लिए मजबूर करता है।
कौन हैं बीपल?
बीपल अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना के डिजिटल कलाकार हैं। वे अपने एवरीडेज़ प्रोजेक्ट के लिए फेमस हुए, जिसमें उन्होंने कई सालों तक हर दिन एक नया आर्ट बनाया। उनकी पहचान तब और बढ़ गई जब उनकी डिजिटल कलाकृति Everydays: The First 5000 Days को 69 मिलियन डॉलर से ज्यादा कीमत में खरीदा गया। इसके बाद वे दुनिया के सबसे महंगे जीवित कलाकारों में शामिल हो गए।
NFT दुनिया से भी जुड़ा है यह प्रोजेक्ट
यह नई प्रदर्शनी बीपल के NFT यानी Non-Fungible Token की दुनिया से भी जुड़ी हुई है। NFT एक डिजिटल सर्टिफिकेट होता है, जो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए ऑनलाइन ऑर्ट पीस के मालिकाना हक को साबित करता है। पिछली प्रदर्शनियों में बीपल ने NFT से जुड़े AI जनरेटेड प्रिंट्स भी लोगों को दिए थे, जिन्हें खरीदा और बेचा जा सकता था।
कला, इंसान या एल्गोरिदम, किसका होगा दबदबा
बीपल की बर्लिन प्रदर्शनी सिर्फ देखने लायक तमाशा नहीं है। यह दिखाती है कि कला और टेक्नोलॉजी किस तरह एक-दूसरे में घुलती जा रही हैं। रोबोटिक कुत्तों, AI जनरेटेड तस्वीरों और टेक चेहरों के जरिए यह शो लोगों को सोचने पर मजबूर करता है कि डिजिटल युग में असली ताकत किसके हाथ में होगी- कला, इंसान या एल्गोरिदम।
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