श्रीलंका में किसके सिर सजेगा ताज, साजिथ प्रेमदासा राष्ट्रपति की उम्मीदवारी से पीछे हटे, तीन नामों की घोषणा
बता दें कि, देश में महंगाई की मार चरम पर है और लोग देश छोड़कर जा रहे हैं। वहीं, महंगाई से परेशान श्रीलंका की जनता ने राष्ट्रपति भवन और पीएम के सरकारी आवास का घेराव किया था। कल राष्ट्रपति का चुनाव होना है।
कोलंबो, 19 जुलाई : श्रीलंका में नए राष्ट्रपति चुनाव के लिए तारीख की घोषणा हो चुकी है। 20 जुलाई को नया राष्ट्रपति चुना जाना है। इस बीच विपक्ष के नेता साजिथ प्रेमदासा ने अपना नाम वापस ले लिया है। साजिथ प्रेमदासा के नाम वापस लेने के बाद श्रीलंकाई संसद ने राष्ट्रपति पद के लिए तीन उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री व कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, दुल्लास अल्हापेरुमा और अनुरा कुमारा दिसानायके कल होने वाले चुनाव में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे। यह पहली बार होगा जब लोकप्रिय जनादेश के बजाय राष्ट्रपति का चुनाव सांसदों द्वारा किया जाएगा। स्पीकर महिंदा यापा अभयवर्धने ने कहा था कि 225 सदस्यीय संसद 20 जुलाई को गुप्त वोट से नए राष्ट्रपति का चुनाव करेगी। बता दें कि, 1978 के बाद से राष्ट्रपति पद के इतिहास में कभी भी संसद ने राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान नहीं किया था।

20 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव
खबरों के मुताबिक, कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे का नाम राष्ट्रपति चुनाव के लिए शीर्ष तीन उम्मीदवारों में शामिल है। अन्य दो उम्मीदवार एसएलपीपी सांसद दुल्लास अल्हापेरुमा और नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) की नेता अनुरा कुमारा दिसानायके हैं। वहीं, श्रीलंका के मुख्य विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा ने राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि, वे राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रतिद्वंदी उम्मीदवार दुल्लास अल्हाप्परुमा का समर्थन कर रहे हैं।

प्रेमदासा ने नाम लिया वापस
प्रेमदासा ने ट्विटर पर कहा कि उनकी पार्टी समागी जन बालवेगया और उसके गठबंधन और विपक्षी सहयोगी श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के एक सांसद अलहप्परुमा का समर्थन करेंगे, जो आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए मैदान में हैं। प्रेमदासा ने कहा कि वह इस निर्णय के साथ आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि वह श्रीलंका की जनता का हित चाहते हैं। बता दें कि, देश में महंगाई की मार चरम पर है और लोग देश छोड़कर जा रहे हैं। वहीं, महंगाई से परेशान श्रीलंका की जनता ने राष्ट्रपति भवन और पीएम के सरकारी आवास का घेराव किया था।

गोटाबाया देश छोड़कर भागे
इससे पहले, संसद के स्पीकर ने ऐलान किया था कि गोटाबाया के इस्तीफा मंजूर होने के बाद अब 7 दिन के भीतर नए राष्ट्रपति की नियुक्ति की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, नए राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी है। देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद, रानिल विक्रमसिंघे ने कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया। उन्होंने देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए विशेष समिति का गठन कर दिया। यह समिति बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के किसी भी मुद्दे पर कड़ा फैसला ले सकती है।

एक्शन में रानिल विक्रमसिंघे
गठित विशेष समिति में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, पुलिस महानिरीक्षक और तीन सशस्त्र बलों के कमांडर शामिल हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने बताया कि, यह समिति को बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के कानूनी कार्रवाई करने की आजादी दी गई है।












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