Nepal India border Dispute: 'हम एक ही नदी की संतान हैं', नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत के लिए ऐसा क्यों कहा?
Nepal India Border Dispute: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि नेपाल भारत के साथ सीमा विवाद का समाधान बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए करना चाहता है। नई दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश खुले मन से बातचीत करें तो कोई भी समस्या ऐसी नहीं है जिसका हल न निकले।
शिशिर खनाल ने जोर देकर कहा कि नेपाल भारत को सिर्फ एक पड़ोसी देश नहीं, बल्कि विकास और साझेदारी के महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में देखता है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब सीमा मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच चर्चा तेज है और रिश्तों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Shishir Khanal New Delhi visit: सीमा विवाद पर नेपाल का क्या स्टैंड है?
खनाल ने साफ कहा कि नेपाल किसी भी सीमा विवाद को टकराव के बजाय बातचीत से सुलझाना चाहता है। उनके मुताबिक भारत और नेपाल के रिश्ते इतने मजबूत हैं कि किसी भी मुद्दे पर संवाद के जरिए रास्ता निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को भावनाओं के बजाय प्रैक्टिकल तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। नेपाल की मौजूदा सरकार मानती है कि अच्छे पड़ोसी संबंध दोनों देशों के हित में हैं और विवादों को बातचीत की टेबल पर ही सुलझाया जाना चाहिए।
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"एक ही नदी की संतान" कहने का क्या मतलब है?
विदेश मंत्री ने भारत-नेपाल रिश्तों को खास बताते हुए कहा कि दोनों देश सिर्फ भौगोलिक पड़ोसी नहीं हैं। उन्होंने कहा, "हम एक ही नदी की संतान हैं", यानी दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक संबंध हैं। लाखों नेपाली भारत में काम करते हैं और दोनों देशों के लोगों के बीच पारिवारिक रिश्ते भी हैं। खनाल का संदेश था कि साझा इतिहास और संस्कृति दोनों देशों को जोड़ती है, इसलिए रिश्तों को मजबूत बनाए रखना जरूरी है।
जयशंकर के साथ किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
नई दिल्ली में खनाल की मुलाकात S. Jaishankar से हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, सड़क और रेल कनेक्टिविटी, ऊर्जा सहयोग, जल संसाधन और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। नेपाल चाहता है कि भारत के साथ रिश्तों का फोकस आर्थिक विकास और क्षेत्रीय सहयोग पर रहे। दोनों देशों ने भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश से जुड़े प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने पर भी विचार किया ताकि आम लोगों को सीधा फायदा मिल सके।
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डिजिटल पेमेंट और AI सहयोग क्यों अहम है?
भारत और नेपाल अब डिजिटल सेक्टर में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं। नेपाल की Nepal Clearing House Limited और भारत की National Payments Corporation of India के बीच समझौते से सीमा पार डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा। इससे UPI जैसी सुविधाएं दोनों देशों के लोगों तक पहुंच सकेंगी। इसके अलावा AI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे व्यापार, पर्यटन और टेक्नोलॉजी सेक्टर में नए अवसर पैदा होंगे और दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होगी।












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