Sriram Krishnan Resigns: भारतीय मूल के श्रीराम कृष्णन कौन? ट्रंप के AI एडवाइजर के पद से क्यों दिया इस्तीफा
Trump AI advisor Sriram Krishnan resigns: भारतीय मूल के टेक एक्सपर्ट श्रीराम कृष्णन ने ऐलान किया है कि वह जून 2026 के आखिर में व्हाइट हाउस में अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। वह अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के AI पॉलिसी एडवाइजर के रूप में काम कर रहे थे।
करीब 18 महीने तक अमेरिका की AI रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाने के बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया है। कृष्णन ने कहा कि वह कुछ समय का ब्रेक लेने के बाद AI से जुड़ी नई चुनौतियों पर काम करेंगे। उनके इस फैसले ने टेक और पॉलिटिकल गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी है।

Sriram Krishnan resigns: आखिर कौन हैं श्रीराम कृष्णन?
चेन्नई में जन्मे श्रीराम कृष्णन ने SRM इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई की और बाद में अमेरिका जाकर टेक इंडस्ट्री में बड़ा नाम बनाया। उन्होंने Microsoft, Meta, X (Twitter) और Snap जैसी बड़ी कंपनियों में काम किया। इसके बाद वह Andreessen Horowitz से जुड़े और एक सफल टेक इन्वेस्टर बने। सिलिकॉन वैली में उनकी पहचान टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और AI सेक्टर के प्रभावशाली चेहरों में होती है।
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ट्रंप के AI एडवाइजर कैसे बने?
जब ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की तैयारी शुरू की, तब उन्होंने AI को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने का फैसला किया। इसी रणनीति के तहत श्रीराम कृष्णन को पहले सीनियर AI पॉलिसी एडवाइजर और बाद में व्हाइट हाउस में अहम जिम्मेदारी दी गई। 20 जनवरी 2025 से उन्होंने औपचारिक रूप से काम संभाला। उनके नेतृत्व में अमेरिका की AI पॉलिसी, रिसर्च सहयोग और टेक इनोवेशन से जुड़े कई बड़े प्लान तैयार किए गए। वह प्रशासन और सिलिकॉन वैली के बीच मजबूत कड़ी माने जाते थे।
Donald Trump AI advisor: इस्तीफा क्यों दे रहे हैं श्रीराम कृष्णन?
श्रीराम कृष्णन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि व्हाइट हाउस में काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही। उन्होंने बताया कि अब वह कुछ समय का ब्रेक लेना चाहते हैं और इसके बाद AI से जुड़ी नई चुनौतियों पर फोकस करेंगे। हालांकि उन्होंने अपने अगले कदम या नए प्रोजेक्ट की जानकारी नहीं दी है। माना जा रहा है कि वह पब्लिक पॉलिसी, AI रिसर्च या टेक इन्वेस्टमेंट से जुड़े किसी बड़े रोल में नजर आ सकते हैं। इसकी घोषणा जल्द हो सकती है।
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नियुक्ति के समय हुआ था बड़ा विवाद
श्रीराम कृष्णन की नियुक्ति शुरू से ही चर्चा में रही थी। 2024 में जब ट्रंप ने उनका नाम आगे बढ़ाया, तब रिपब्लिकन खेमे के कुछ नेताओं और समर्थकों ने विरोध किया था। उनके पुराने इमिग्रेशन संबंधी बयानों को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बावजूद ट्रंप ने उन पर भरोसा बनाए रखा। व्हाइट हाउस में अपने कार्यकाल के दौरान कृष्णन ने कई अहम AI पॉलिसी तैयार करने में भूमिका निभाई और खुद को प्रशासन के सबसे भरोसेमंद टेक सलाहकारों में शामिल कर लिया।












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