Darjeeling में तीस्ता नदी में समाई कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की गई जान, आखिरी कॉल के बाद क्या हुआ था?
Darjeeling Teesta River Car accident: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग शहर से बड़ी ही दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। तीस्ता नदी में कार गिर गई जिसमें एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा सेवोके और कर्सियांग के पास शुक्रवार की शाम को हुआ। जिसमें पूरी कार नदी में समा गई थी। NDRF सिलीगुड़ी की टीम ने बचाव कार्य शुरू किया और कार को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
NDRF के डिप्टी कमांडेंट संजय रंजन ने जानकारी दी। प्रशासन ने मौके पर तुरंत राहत टीम भेजी थी। शनिवार सुबह चार लोगों को नदी से निकाला गया। चारों की बॉडी की हालत बहुत ही खराब स्थिति में थी।

7 साल की बच्ची समेत चार लोगों की हुई मौत
हादसे में मारे गए लोगों की पहचान हो गई। मृतकों में सब्या न्यूपाने (27) शामिल हैं। स्मारिका न्यूपाने (29) ने भी जान गंवाई। टीका माया दहाल (31) भी शामिल हैं। सात साल की दित्या छेत्री की भी मौत हुई। ये सभी लोग सिक्किम के एक ही परिवार के सदस्य थे।
5 जून के बाद टूट गया था संपर्क
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हादसे का शिकार हुए परिवार का उनके रिश्तेदारों से आखिरी बार संपर्क 5 जून की शाम राम्बी एरिया के पास हुआ था। जिसके बाद उनके कोई संपर्क नहीं हो पाया। जिसके चलते 6 जून को गुमशुदगी की शिकायत रिश्तेदारों द्वारा दर्ज करवाई गई और बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। NDRF, SDRF, पश्चिम बंगाल पुलिस और स्थानीय बचाव टीमों ने लगातार इलाके में खोजबीन की।
कैसे मिला कार का नदी में डूबने का सुराग?
तलाशी के दौरान बाघपुल के पास भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में कार की बैटरी और बंपर मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर बचाव दलों ने खोज का दायरा तीस्ता नदी तक बढ़ाया। बाद में नदी में डूबी कार का पता चल गया।
खराब मौसम के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन
शनिवार शाम कार दिखाई देने के बाद तेज बारिश, अंधेरा और नदी के तेज बहाव की वजह से बचाव अभियान रोकना पड़ा। रविवार तड़के मौसम थोड़ा अनुकूल होते ही टीम फिर मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद कार से चारों शव सुरक्षित बाहर निकाले गए।
तीन लोग सरकारी नौकरी में थे
हादसे में जान गंवाने वाले तीनों वयस्क सरकारी कर्मचारी थे। स्मारिका एसटीएनएम अस्पताल में नर्सिंग लेक्चरर के पद पर कार्यरत थीं। सैब्या संस्कृति विभाग में जूनियर इंजीनियर थीं, जबकि जीका बागवानी विभाग में अपनी सेवाएं दे रही थीं। उनकी असमय मौत से सरकारी महकमे और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है।
आखिर कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक लगातार हो रही भारी बारिश, भूस्खलन और NH-10 की खराब स्थिति इस दर्दनाक हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। घटना के बाद सड़क सुरक्षा और पहाड़ी इलाकों में यात्रा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।












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