‘हमारी दोस्ती शुगर लोफ से भी ज्यादा मीठी’ घाना संसद में PM Modi के संबोधन की 10 बड़ी बातें

PM Modi Ghana Parliament Address: पश्चिमी अफ्रीकी देश घाना की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक भाषण दिया, जिसे भारत और अफ्रीका के रिश्तों में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यह भाषण केवल एक औपचारिक कूटनीतिक संबोधन नहीं था, बल्कि यह भारत की वैश्विक सोच, लोकतांत्रिक मूल्यों, दक्षिण-दक्षिण सहयोग, और संयुक्त समृद्धि के लक्ष्य का जीवंत चित्रण था।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में न केवल लोकतंत्र और सांस्कृतिक मूल्यों की बात की, बल्कि ग्लोबल साउथ की केंद्रीय भूमिका, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक शासन की असमानताओं जैसे अहम विषयों पर भी बेबाकी से अपनी बात रखी।

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PM Modi के भाषण की खास बातें

PM Modi का यह संबोधन उस समय आया जब वैश्विक व्यवस्था तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रही है और दुनिया के विकासशील देश - विशेषकर अफ्रीकी और एशियाई राष्ट्र - अब केवल सहयोगकर्ता नहीं, बल्कि नीति निर्धारण में भागीदार की भूमिका निभाने की ओर अग्रसर हैं।

प्रधानमंत्री ने घाना द्वारा उन्हें दिए गए राष्ट्रीय सम्मान को भारत-घाना के बीच स्थायी मित्रता और साझा मूल्यों का प्रतीक बताया और कहा कि वे 1.4 अरब भारतीयों की शुभकामनाएं और सद्भावना लेकर इस लोकतांत्रिक भूमि पर आए हैं। उन्होंने इस अवसर को "दोनों देशों के संबंधों में नई ऊर्जा और साझेदारी के विस्तार का प्रतीक" कहा। उन्होंने कहा कि भारत-अफ्रीका का रिश्ता शुगर लोफ से भी अधिक मीठा है। बता दें कि शुगर लोफ, साउथ आफ्रीका में पाया जाने वाला एक तरह का अनानस यानी पाइनएप्पल होता है।

यह भाषण न केवल भारत और घाना के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम था, बल्कि यह ग्लोबल साउथ की नई भूमिका, भारत की वैश्विक दृष्टि और लोकतंत्र की विविधता में एकता की ताकत को भी दुनिया के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर बना।

पीएम मोदी के भाषण की प्रमुख बातें

"घाना में होना मेरे लिए सौभाग्य की बात"

प्रधानमंत्री ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि "घाना की भूमि लोकतंत्र की भावना से ओतप्रोत है। इस ऐतिहासिक संसद में खड़े होकर मैं गर्व महसूस कर रहा हूं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रतिनिधि के रूप में, मैं भारतवासियों की ओर से शुभकामनाएं लेकर आया हूं।"

उन्होंने घाना की लोकतांत्रिक परंपराओं और समावेशी प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यह देश अफ्रीकी महाद्वीप के लिए "प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ" बन गया है।

भारत लोकतंत्र की जननी है

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र सिर्फ एक व्यवस्था नहीं बल्कि जीवनशैली है। उन्होंने कहा, "भारत में 2,500 से ज्यादा राजनीतिक दल हैं, 22 आधिकारिक भाषाएं और हजारों बोलियां हैं। 20 अलग-अलग पार्टियां राज्यों में शासन कर रही हैं। इतनी विविधता के बावजूद, भारत में हर आगंतुक का स्वागत खुले दिल से किया जाता है।"

ग्लोबल साउथ को आवाज़ दिए बिना प्रगति अधूरी

प्रधानमंत्री ने "ग्लोबल साउथ" की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया जलवायु परिवर्तन, महामारी, आतंकवाद और साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों से जूझ रही है और पुराने संस्थान इनका समाधान देने में अक्षम हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि "ॉग्लोबल साउथ की आवाज़ के बिना दुनिया की प्रगति संभव नहीं है। वैश्विक शासन प्रणाली में विश्वास और प्रभावशीलता के साथ सुधार की सख्त आवश्यकता है।

2047 तक विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री ने भारत के भविष्य की बात करते हुए कहा कि भारतीयों ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत भारत, अधिक स्थिर और समृद्ध विश्व व्यवस्था में अहम योगदान देगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम अफ्रीका के विकास ढांचे का समर्थन करते हैं और एक साथ मिलकर उज्ज्वल एवं टिकाऊ भविष्य का निर्माण करेंगे।

घाना के राष्ट्रीय सम्मान पर भावुक हुए प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी को घाना की ओर से उच्चतम नागरिक सम्मान से नवाजा गया, जिसे उन्होंने "भारत और घाना के बीच रिश्तों की गहराई और आत्मीयता का प्रतीक" बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का है। इसे मैं सदा संजोकर रखूंगा।

भारत-घाना के बीच चार महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा की उपस्थिति में भारत और घाना के बीच चार अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए:

  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (Cultural Exchange Programme - CEP)

उद्देश्य: कला, संगीत, नृत्य, साहित्य और विरासत में सहयोग को बढ़ावा देना।

  • भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और घाना मानक प्राधिकरण (GSA) के बीच समझौता

उद्देश्य: मानकीकरण, प्रमाणन और गुणवत्ता मूल्यांकन में द्विपक्षीय सहयोग।

  • पारंपरिक चिकित्सा में सहयोग पर समझौता (ITAM - ITRA)

उद्देश्य: आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा की शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान में संयुक्त प्रयास।

  • संयुक्त आयोग बैठक (Joint Commission Meeting - JCM) पर समझौता

उद्देश्य: उच्च स्तरीय संवाद को संस्थागत बनाना और द्विपक्षीय सहयोग की नियमित समीक्षा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का घाना दौरा केवल एक कूटनीतिक पहल नहीं, बल्कि भारत-अफ्रीका सहयोग के लिए दूरगामी सोच और साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनके भाषण में लोकतंत्र की गहराई, वैश्विक न्याय की आवश्यकता और पारंपरिक मित्रता का स्पष्ट संदेश झलकता है। "हमारी दोस्ती शुगर लोफ पाइनएप्पल से भी ज्यादा मीठी है" - यह प्रधानमंत्री का एक व्यक्तिगत लेकिन बेहद भावुक संदेश था, जो दोनों देशों के बीच गहरी आत्मीयता को दर्शाता है।

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