Petrol Diesel Price: ऊट-पटांग बयान देकर ट्रंप दामाद को कैसे पहुंचा रहे फायदा? भारत में उछलेगा पेट्रोल-डीजल?
Petrol Diesel Price: अमेरिका-ईरान की जंग में मिसाइलों के अलावा ट्रंप अपनी जुबान से भी हमला करने से नहीं चूक रहे। उनके इस जुबानी हमले का असर भारत तक साफ-साफ दिख रहा है। जहां वे अपनी जुबान से अपने करीबियों को फायदा पहुंचा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इससे भारत समेत लगभग सभी एशियाई देशों में तेल के दाम उछल रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति की जुबान का वजन
अमेरिकी राष्ट्रपति की जुबान कितनी वजनदार होती है इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि उनकी कही एक लाइन से क्रूड ऑयल जो 100 डॉलर प्रति बैरल के पार रह रहा था वह 98 .65 डॉलर प्रति बैरल पर आ जाता है। वहीं दूसरे बयान से वह तुरंत 100 पार शतकीय पारी खेलने लगता है। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल कितना महंगा या सस्ता हो सकता है, इस बात को समझेंगे इकोनॉमिस्ट और जेएनयू में प्रोफेसर संतोष महरोत्रा से।

ट्रंप के बयान और हरा-लाल हुआ मार्केट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि अमेरिका ईरान को "दो से तीन सप्ताह" में छोड़ सकता है। जिसके तत्काल बाद यूरोप में तेल की कीमतों में हलचल देखने को मिली। बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत कुछ समय के लिए 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गई और 98.65 डॉलर तक पहुंच गई। हालांकि, शाम तक ट्रंप के "ईरान पर इम्पोर्टेंट अपडेट" वाली स्पीच से पहले यह फिर से बढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
यूरोप की भी बल्ले-बल्ले
इस खबर का असर यूरोप के शेयर बाजारों पर भी साफ दिखा। यूके का FTSE 100 1.3% ऊपर बंद हुआ। जर्मनी का DAX 2.1% की बढ़त पर रहा और फ्रांस का CAC 40 1.8% ऊपर कारोबार करता नजर आया।
भारत में क्या असर?
भारत में उनके बयान से मार्केट थोड़ी देर के लिए ठीक जरूर हुआ लेकिन उसके बाद हाल खराब होता चला गया। अर्थशास्त्री संतोष के. मेहरोत्रा ने वनइंइिया के चीफ सब एडिटर सिद्धार्थ पुरोहित के साथ बातचीत में बताया कि ट्रंप के ऐसे बयानों से भारत को नुकसान हो रहा है। हमारे मार्केट पर इसका असर पड़ रहा है और पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
सवाल- ट्रंप क्यों कर रहे ऐसा?
इसके जवाब मे मेहरोत्रा कहते हैं कि ट्रंप को सिर्फ पैसे से मतलब है। उन्हें जंग या किसी के मरने-जीने से कोई लेना-देना नहीं है। ट्रंप पर जंग शुरू होने के बाद से अमेरिकी बिजनेसमेन और MAGA समर्थक धड़े की तरफ से भारी दबाव का सामना करना पड़ा है। जिसके कारण वह अमेरिकी बाजार की हालत ठीक करने और अपने परिवार, दामाद जेरेड कुशनर और करीबी स्टीव विटकॉफ (मिडिल ईस्ट में ट्रंप के विशेष दूत और रियल एस्टेट कारोबारी) जैसे लोगों और उनकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए इस तरह के बयान देते हैं। जैसे ही स्थिति ठीक हो जाती है वे अपने पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं। मेहरोत्रा बताते हैं जब तक जंग चलेगी तब तक भारत पर निगेटिव असर पड़ता रहेगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मूज बना तनाव का बड़ा कारण
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई थी। इसकी बड़ी वजह Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता तनाव है। ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करने की धमकी दी थी, जिससे इस अहम शिपिंग रूट के बंद होने का खतरा पैदा हो गया था।
ट्रंप बनाम ईरान
मंगलवार को ओवल ऑफिस से ट्रंप ने कहा कि ईरान "डील करने के लिए गिड़गिड़ा रहा है", लेकिन यह समझौता होता है या नहीं, इससे अमेरिका की योजना पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान युद्ध खत्म करना चाहता है, लेकिन भविष्य में किसी भी हमले को रोकने के लिए गारंटी चाहता है।
मार्च में तेल की कीमतों में 64% का रिकॉर्ड उछाल
Economist Intelligence Unit के मुताबिक, मार्च में तेल की कीमतों में 64% तक बढ़ोतरी हुई और यह करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। यह 1990 के बाद सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी थी। इससे पहले 1990 में Iraq invasion of Kuwait के दौरान इराक और कुवैत दोनों का तेल बाजार से बाहर हो गया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बड़ा झटका लगा था।
- Assam Polls 2026: असम में फिर खिलेगा 'कमल 'या 'पंजा' करेगा कमाल? ताजा सर्वे ने बताई किसको कितनी सीटें?
- PM Modi Assam Rally: असम के चाय बागान में दिखा पीएम का अलग अंदाज, कांग्रेस और घुसपैठियों को दी सख्त चेतावनी
- Vote from Home सुविधा क्या है? असम चुनाव में EC ने किया लागू, किन्हें और कैसे मिलेगा लाभ?
- Assam election: रैली में जमकर नाचे CM हिमंत, BJP और कांग्रेस कितनी सीटें जीतेगी? कर दी भविष्यवाणी, Video
- Assam Election में BJP का मास्टर प्लान! UCC से 2 लाख नौकरी तक, संकल्प पत्र में इन वादों ने बढ़ाई चुनावी गर्मी
जेट ईंधन और डीजल की कमी से बढ़ा दबाव
Saxo Bank के ओले हेंसन ने बताया कि दुनिया भर में जेट ईंधन और डीजल की कमी के कारण रिफाइनरी कंपनियां कच्चे तेल के लिए ज्यादा ऊंची बोली लगा रही हैं, ताकि वे उत्पादन बढ़ा सकें। मतलब लगभग सभी देश इस आपदा में अवसर तलाशने से नहीं चूक रहे।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।
-
Iran Vs America War: 'होर्मुज में खुद लड़ो या हमसे तेल खरीदो', नाराज ट्रंप की दुनिया को खुली चेतावनी -
Iran Vs America: ईरान में हो गया तख्तापलट! अमेरिका के इशारे पर चल रही सरकार, ट्रंप के युद्ध मंत्री का दावा -
Trump Hormuz Plan: कौन हैं जनरल डेन केन? जिसके कहने पर होर्मुज छोड़ फरार हुए ट्रंप, सरेंडर या मास्टरस्ट्रोक? -
Iran Vs America: अब अमेरिका की हार पक्की! NATO के साथी ने ट्रंप की पीठ में घोंपा छुरा, कहा- हम नहीं उलझेंगे -
Iran US war: 'अमेरिका ईरान छोड़ देगा', Donald Trump ने किया युद्ध खत्म होने का ऐलान? क्या करेंगे नेतन्याहू? -
Iran America War: 'भारत ही युद्ध रूकवा सकता है', ईरान ने अमेरिकी शांति प्रस्ताव कचरे के डिब्बे में फेंका -
Cicada COVID Variant: कितना घातक है कोविड-19 का नया वेरिएंट BA.3.2? भारत में क्या है स्थिति? 23 देशों में कहर! -
Iran America War: ईरान युद्ध पर सरकारी खजाना लुटा रहे ट्रंप, हर 1 सेकेंड पर कितना खर्च कर रहा अमेरिका? -
Indus Waters Treaty: बिना भारत के क्यों हो रहा सिंधु जल संधि पर फैसला, हेग कोर्ट का एकतरफा रुख क्यों? -
Jan Vishwas Bill: अब मेट्रो में सिगरेट पीना अपराध नहीं? क्या है जन विश्वास बिल, आपकी जिंदगी में क्या बदलेगा? -
War Lockdown Notice क्या है? भारत में क्यों होने लगा सरकारी नोटिस Viral? पर्दे के पीछे का सच करेगा परेशान? -
Dubai Gold Rate Today: दुबई या भारत? आज सोना कहां से खरीदना है फायदे का सौदा? ₹7000 की सीधी बचत -
एमपी और यूपी विकास पर सहयोग करते हैं-CM डॉ. मोहन यादव -
Modi Rob Jetten talk: PM मोदी और नीदरलैंड के बीच 'फोन कॉल', किन मुद्दों पर हुई चर्चा? -
MP News: बाबा काशी विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन यादव, बोले- एमपी-यूपी मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत













Click it and Unblock the Notifications