ऐसा लगता है जज ने पहले ही फैसला लिख लिया था... इमरान खान को मिली सजा पर भड़के पत्रकार हामिद मीर
Imran Khan Case: इमरान खान को तोशाखाना केस में पाकिस्तान की एक जिला अदालत ने 3 साल की सजा सुनाई है, जिसके बाद लाहौर में पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार कर लिया गया है।
लेकिन, इमरान खान को लेकर जो फैसला पाकिस्तान की जिला अदालत ने सुनाया है, उसको लेकर पाकिस्तान में गंभीर सवाल उठने शुरू हो गये हैं।

इमरान खान की सजा पर उठे सवाल
पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक और प्रसिद्ध पत्रकार हामिद मीर ने इमरान खान को सजा मिलने के बाद कहा, कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान के खिलाफ तोशाखाना मामला शुरू से ही पूरी तरह स्पष्ट था और जिस तरह से ट्रायल कोर्ट और पीठासीन न्यायाधीश, अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश (एडीएसजे) हुमायूं दिलावर ने मामले की सुनवाई की, उससे कई "सवाल" उठेंगे।
आपको बता दें, कि एडीएसजे हुमायूं ने पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान को सरकारी उपहार डिपॉजिटरी से संबंधित मामले में भ्रष्टाचार का दोषी ठहराया है, हालांकि इमरान खान इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
क्रिकेटर से नेता बने 70 वर्षीय पूर्व पाकिस्तानी प्रधान मंत्री पर,पद का दुरुपयोग करते हुए राज्य के हिस्से वाले उपहारों को खरीदने और बेचने का आरोप लगाया गया था, जो विदेश यात्राओं के दौरान उन्हें प्राप्त हुए थे।
इमरान खान के ऊपर 140 मिलियन पाकिस्तानी रुपये, यानि करीब 4 लाख 90 हजार डॉलर का घपला करने का आरोप लगा था, जिसमें अब उन्हें सजा सुनाई गई है।
पाकिस्तान के अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश हुमायूं दिलावर ने इमरान खान को तत्लाल गिरफ्तार करने का वारंट भी जारी तिया और उनके ऊपर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इस मामले पर जियो न्यूज से बात करते हुए हामिद मीर ने कहा, कि "आज का फैसला अप्रत्याशित नहीं था, हर पाकिस्तानी जानता था, कि यह फैसला होगा।"
उन्होंने आगे कहा, कि इमरान खान और उनके वकीलों ने मामले को दूसरी अदालत में ट्रांसफर कराने के लिए हर संभव कोशिश की थी।
उन्होंने कहा, कि "जाहिर तौर पर, इमरान खान के खिलाफ आरोपों में दम था, लेकिन जिस तरह से अदालत ने मामले को संभाला है, इस मामले में न्यायाधीश का आचरण काफी संदिग्ध है।"
उन्होंने कहा, "फैसले को ऊपरी अदालतों में चुनौती दी जाएगी और संभव है कि इमरान खान को राहत मिलेगी।" उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है, कि इस देश के एक और पीएम को सजा मिली है।
उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, कि "इस देश में केवल प्रधानमंत्रियों को ही सजा मिलती है, और जो लोग संविधान को कुचलते हैं, वे बचकर निकल जाते हैं।"
हामिद मीर ने आगे कहा, कि ऐसा लगता है, जैसे न्यायाधीश ने अपना फैसला पहले ही लिख दिया था और इसकी घोषणा के लिए, बस आज की सुबह का इंतजार कर रहे थे।
इसके अलावा, वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक अंसार अब्बासी ने फैसले को "बड़ा फैसला" करार दिया और कहा, कि "चाहे तोशखाना मामला बड़े भ्रष्टाचार में से एक था या नहीं, जब आप सुप्रीम कोर्ट में नवाज शरीफ की अयोग्यता का फैसला देखते हैं, तो यह एक मजबूत मामला था।"
उन्होंने कहा, कि इमरान खान और उनके वकील इस बात से अवगत थे, यही वजह है कि उन्होंने तकनीकी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया और सुनवाई को आगे बढ़ाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, कि इमरान खान ने अपनी संपत्ति की घोषणा पहले नहीं की और मामला मीडिया में उजागर होने के दो साल बाद ही उन्होंने ऐसा किया।
अब इमरान खान निचली अदालत के फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे और देखना होगा, कि क्या उन्हें राहत मिलती है या नहीं।












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