वाह रे Pakistan! अग्निकांड में 11 से साल के बच्चे को बनाया बलि का बकरा, हादसे में गईं थी 72 जानें

Karachi Gul Plaza Case: पाकिस्तान के कराची से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सकते में डाल दिया है। इसी साल जनवरी के महीने में कराची के मशहूर गुल प्लाजा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 72 लोगों की मौत हो गई थी। अब इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने इस मामले में 11 साल के एक बच्चे को मुख्य आरोपी बनाया है। अब इस बच्चे को अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।

कैसे, कहां और कब हुआ था हादसा?

यह दर्दनाक हादसा 17 जनवरी 2026 को कराची के सबसे व्यस्त कारोबारी इलाके सदर में एम. ए. जिन्ना रोड पर स्थित गुल प्लाजा में हुआ था। आग इतनी भीषण थी कि दमकल विभाग और राहत टीमों को आग पर पूरी तरह काबू पाने और मलबा ठंडा करने में एक हफ्ते से ज्यादा समय लग गया। हादसे के बाद पुलिस ने लंबी जांच की और अब पूरे मामले की चार्जशीट अदालत में पेश कर दी है।
Forensic investigation of the 2026 Karachi Gul Plaza fire

पिता की गैरमौजूदगी में दुकान संभाल रहा था बच्चा

पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, हादसे के समय 11 साल का बच्चा अपने पिता की गैरमौजूदगी में आर्टिफिशियल फूलों (Artificial Flowers) की दुकान संभाल रहा था। पुलिस ने बच्चे के साथ उसके पिता और गुल प्लाजा मैनेजमेंट कमेटी के चार सदस्यों को भी आरोपी बनाया है। बताया गया है कि बच्चे का पिता और बाकी सभी वयस्क आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
Pakistan HIV Outbreak: इलाज कराने गए, HIV लेकर लौटे! पाकिस्तान में 78 बच्चों की जिंदगी से बड़ा खिलवाड़</a></div><h2 class=माचिस से खेलने का आरोप, गवाहों ने क्या बताया?
जांच में पुलिस ने दावा किया है कि बच्चा दुकान में अकेला था और उसी दौरान वह माचिस की तीलियों से खेल रहा था। आरोप है कि इसी वजह से दुकान में आग लगी और देखते ही देखते पूरा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आग की चपेट में आ गया। चार्जशीट में 13 साल के एक बच्चे का बयान भी शामिल किया गया है। उसने पुलिस को बताया कि वह हादसे के समय दुकान में मौजूद था और उसने आरोपी बच्चे को माचिस जलाकर फेंकते हुए देखा था। उसके मुताबिक, इसके तुरंत बाद आग तेजी से फैल गई।

72 मौतें, 8 घायल और 1,153 दुकानें जलकर राख

कराची पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों की मानें तो इस भीषण आग में 72 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। इतना ही नहीं, गुल प्लाजा की करीब 1,153 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गई थीं। इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ और कराची के कई व्यापारियों की जिंदगीभर की कमाई पलभर में खत्म हो गई।

व्यापारियों को भारी नुकसान, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

गुल प्लाजा कराची का एक बड़ा थोक और खुदरा व्यापारिक केंद्र माना जाता था, जहां हर दिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता था। हादसे के बाद इमारत की फायर सेफ्टी, फायर अलार्म सिस्टम और इमरजेंसी निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे। कई लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा इंतजाम बेहतर होते, तो इतनी बड़ी जान-माल की हानि रोकी जा सकती थी। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि 11 साल के मासूम बच्चे को खामखां इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है क्योंकि न तो वो अपना पक्ष रख सकता है और न ही कानूनी दांव-पेंच समझ सकता है।

बच्चे पर चलेगा मुकदमा, वकील ने क्या कहा?

जिला सरकारी वकील अब्दुल रज्जाक गुर्जर ने पुष्टि की है कि इस मामले में 11 साल के बच्चे के खिलाफ भी पाकिस्तान के कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाएगा। उनका कहना है कि इतने बड़े हादसे में 72 लोगों की जान गई है, इसलिए कानून के तहत हर जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की जांच और कार्रवाई जरूरी है।

फरार आरोपियों पर भी कसेगा शिकंजा

चार्जशीट में बच्चे के पिता के अलावा तनवीर पास्ता, अमर इस्माइल, मोहम्मद रमजान और मोहम्मद अमीन को भी आरोपी बनाया गया है। इन सभी पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही बरतने का आरोप है। जांच अधिकारी ने अदालत में 42 गवाहों की सूची भी सौंपी है। इनमें प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार, दमकल विभाग के अधिकारी और हादसे में बचने वाले लोग शामिल हैं। अदालत अब इन्हीं गवाहों और सबूतों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ाएगी।
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माचिस से खेलने का आरोप, गवाहों ने क्या बताया?

जांच में पुलिस ने दावा किया है कि बच्चा दुकान में अकेला था और उसी दौरान वह माचिस की तीलियों से खेल रहा था। आरोप है कि इसी वजह से दुकान में आग लगी और देखते ही देखते पूरा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आग की चपेट में आ गया। चार्जशीट में 13 साल के एक बच्चे का बयान भी शामिल किया गया है। उसने पुलिस को बताया कि वह हादसे के समय दुकान में मौजूद था और उसने आरोपी बच्चे को माचिस जलाकर फेंकते हुए देखा था। उसके मुताबिक, इसके तुरंत बाद आग तेजी से फैल गई।

72 मौतें, 8 घायल और 1,153 दुकानें जलकर राख

कराची पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों की मानें तो इस भीषण आग में 72 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। इतना ही नहीं, गुल प्लाजा की करीब 1,153 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गई थीं। इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ और कराची के कई व्यापारियों की जिंदगीभर की कमाई पलभर में खत्म हो गई।

व्यापारियों को भारी नुकसान, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

गुल प्लाजा कराची का एक बड़ा थोक और खुदरा व्यापारिक केंद्र माना जाता था, जहां हर दिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता था। हादसे के बाद इमारत की फायर सेफ्टी, फायर अलार्म सिस्टम और इमरजेंसी निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे। कई लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा इंतजाम बेहतर होते, तो इतनी बड़ी जान-माल की हानि रोकी जा सकती थी। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि 11 साल के मासूम बच्चे को खामखां इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है क्योंकि न तो वो अपना पक्ष रख सकता है और न ही कानूनी दांव-पेंच समझ सकता है।

बच्चे पर चलेगा मुकदमा, वकील ने क्या कहा?

जिला सरकारी वकील अब्दुल रज्जाक गुर्जर ने पुष्टि की है कि इस मामले में 11 साल के बच्चे के खिलाफ भी पाकिस्तान के कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाएगा। उनका कहना है कि इतने बड़े हादसे में 72 लोगों की जान गई है, इसलिए कानून के तहत हर जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की जांच और कार्रवाई जरूरी है।

फरार आरोपियों पर भी कसेगा शिकंजा

चार्जशीट में बच्चे के पिता के अलावा तनवीर पास्ता, अमर इस्माइल, मोहम्मद रमजान और मोहम्मद अमीन को भी आरोपी बनाया गया है। इन सभी पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही बरतने का आरोप है। जांच अधिकारी ने अदालत में 42 गवाहों की सूची भी सौंपी है। इनमें प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार, दमकल विभाग के अधिकारी और हादसे में बचने वाले लोग शामिल हैं। अदालत अब इन्हीं गवाहों और सबूतों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ाएगी।
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72 मौतें, 8 घायल और 1,153 दुकानें जलकर राख

कराची पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों की मानें तो इस भीषण आग में 72 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। इतना ही नहीं, गुल प्लाजा की करीब 1,153 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गई थीं। इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ और कराची के कई व्यापारियों की जिंदगीभर की कमाई पलभर में खत्म हो गई।

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गुल प्लाजा कराची का एक बड़ा थोक और खुदरा व्यापारिक केंद्र माना जाता था, जहां हर दिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता था। हादसे के बाद इमारत की फायर सेफ्टी, फायर अलार्म सिस्टम और इमरजेंसी निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे। कई लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा इंतजाम बेहतर होते, तो इतनी बड़ी जान-माल की हानि रोकी जा सकती थी। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि 11 साल के मासूम बच्चे को खामखां इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है क्योंकि न तो वो अपना पक्ष रख सकता है और न ही कानूनी दांव-पेंच समझ सकता है।

बच्चे पर चलेगा मुकदमा, वकील ने क्या कहा?

जिला सरकारी वकील अब्दुल रज्जाक गुर्जर ने पुष्टि की है कि इस मामले में 11 साल के बच्चे के खिलाफ भी पाकिस्तान के कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाएगा। उनका कहना है कि इतने बड़े हादसे में 72 लोगों की जान गई है, इसलिए कानून के तहत हर जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की जांच और कार्रवाई जरूरी है।

फरार आरोपियों पर भी कसेगा शिकंजा

चार्जशीट में बच्चे के पिता के अलावा तनवीर पास्ता, अमर इस्माइल, मोहम्मद रमजान और मोहम्मद अमीन को भी आरोपी बनाया गया है। इन सभी पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही बरतने का आरोप है। जांच अधिकारी ने अदालत में 42 गवाहों की सूची भी सौंपी है। इनमें प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार, दमकल विभाग के अधिकारी और हादसे में बचने वाले लोग शामिल हैं। अदालत अब इन्हीं गवाहों और सबूतों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ाएगी।
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