एक भयानक हादसे ने छीन ली इस फेमस एक्ट्रेस की शोहरत, खूबसूरत चेहरे पर लगा ऐसा दाग, मिली दर्दनाक मौत
Sadhana: हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर में जब शर्मिला टैगोर, आशा पारेख और नीतू कपूर जैसी एक्ट्रेसेस दर्शकों के दिलों पर राज कर रही थीं, उसी दौर में साधना ने अपनी अलग पहचान बनाई थी। अपनी खूबसूरती, सादगी और दमदार अभिनय के अलावा साधना अपने खास हेयरस्टाइल के लिए भी जानी जाती थीं। उनका मशहूर साधना कट उस समय फैशन का प्रतीक बन गया था और लाखों लड़कियां उसे अपनाने लगी थीं।
साधना का जादू, जिसने बदल दिया था बॉलीवुड का फैशन
60 और 70 के दशक में साधना इंडस्ट्री की सबसे सफल और पॉपुलर एक्ट्रेसेस में गिनी जाती थीं। उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया था और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। हालांकि पर्दे पर सफलता की कहानी लिखने वाली इस एक्ट्रेस की निजी जिंदगी उतनी आसान नहीं रही।

फिल्म के सेट पर साधना को मिला था जीवनसाथी
-एक्ट्रेस साधना की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। फिल्म निर्देशक आर.के. नय्यर के साथ उनकी पहली मुलाकात फिल्म 'लव इन शिमला' के दौरान हुई थी। इस फिल्म का निर्देशन आर.के. नय्यर कर रहे थे और साधना इसकी लीड एक्ट्रेस थीं। साथ काम करते-करते दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और फिर ये रिश्ता प्यार में बदल गया।
-आखिरकार साल 1966 में साधना ने आर.के. नय्यर से शादी कर ली। शादी के बाद दोनों की जिंदगी बेहद खुशहाल रही और वह बॉलीवुड के चर्चित कपल्स में शामिल हो गए लेकिन ये रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चल सका। साल 1995 में आर.के. नय्यर का अस्थमा अटैक से निधन हो गया था, जिसने साधना की जिंदगी को पूरी तरह बदलकर रख दिया।
पति की मौत के बाद बढ़ गई साधना की तन्हाई
-पति को खोने के बाद साधना ने खुद को फिल्मी दुनिया से अलग करने का फैसला ले लिया था। उन्होंने अपने पति द्वारा शुरू किए गए प्रोडक्शन हाउस को बंद कर दिया और स्टाफ को भी अलविदा कह दिया। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाते हुए अपना अधिकांश समय घर पर बिताना शुरू कर दिया।
-साधना की अपनी कोई संतान नहीं थी, इसलिए अकेलेपन का एहसास उन्हें अक्सर परेशान करता था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया था कि कभी-कभी उन्हें लगता था कि अगर उनके बच्चे होते तो शायद जिंदगी कुछ अलग होती। हालांकि बाद में उन्होंने ये भी माना था कि हर किसी की जिंदगी की अपनी चुनौतियां होती हैं और सिर्फ बच्चों का होना खुशियों की गारंटी नहीं है।
-पति की मौत के बाद साधना को इस बात का डर भी सताता था कि अगर कभी उनके साथ कोई अनहोनी हो जाए तो उनके पास सहारा देने वाला कोई नहीं होगा। हालांकि उन्होंने जीवन की इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया था और पॉजिटिव सोच के साथ आगे बढ़ने की कोशिश करने लगी थीं।
गोद ली हुई बच्ची बनी साधना की दुनिया
-साधना भले ही बायोलॉजिकल तरीके से मां नहीं बन सकीं लेकिन उन्होंने एक बच्ची को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया था। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने एक नवजात बच्ची को अपने संरक्षण में लिया था, जो उनके जीवन में खुशियों की नई किरण बनकर आई थी।
-आपको बता दें कि वह बच्ची और उसका परिवार साधना के साथ ही रहते थे। एक्ट्रेस ने न सिर्फ उसकी शिक्षा की जिम्मेदारी उठाई थी बल्कि उसके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए भी कई योजनाएं बनाई थीं। उन्होंने ये भी कहा था कि वह उस बच्ची की शादी तक का खर्च उठाना चाहती हैं।
-साधना का मानना था कि जीवन में सबसे बड़ी चीज प्यार और अपनापन है। यही वजह थी कि उन्होंने कभी बदले में किसी उम्मीद के बिना उस बच्ची को भरपूर स्नेह दिया। बच्ची उन्हें प्यार से नानी कहकर बुलाती थी और यही रिश्ता उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा बन गया था।
एक हादसे ने बदल दिया करियर का रास्ता
-बच्ची को गोद लेने के बाद साधना का जीवन अच्छे से गुजर रहा था लेकिन एक सड़क दुर्घटना ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। हादसे में उनकी आंखों को चोट पहुंची, जिसका असर उनके स्वास्थ्य और करियर दोनों पर पड़ा। करियर के चरम पर साधना हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism) और आंखों की समस्या से ग्रस्त हो गई थीं। इसके इलाज के लिए उन्हें अमेरिका भी जाना पड़ा था और मजबूरन उन्हें एक्टिंग भी छोड़नी पड़ी थी।
-साल 1974 में रिलीज हुई फिल्म 'गीता मेरा नाम' उनकी आखिरी मूवी थी जिसके बाद उन्होंने अभिनय जगत से संन्यास ले लिया था। उम्र के आखिरी पड़ाव में उन्हें अपने ही घर के मालिक (लैंडलॉर्ड) के साथ संपत्ति विवाद, पुलिस केस और मानहानि के मुकदमों का सामना करना पड़ा था। कमजोर स्वास्थ्य और आर्थिक तंगी के कारण इस कानूनी लड़ाई में उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी थी।
25 दिसंबर 2015 को हुई थी साधना की मौत
-अपने समय की सबसे चर्चित एक्ट्रेसेस में शुमार रहीं साधना ने जिंदगी के कई उतार-चढ़ाव देखे। शोहरत, सफलता, प्यार, बिछड़ना और अकेलेपन के बीच उन्होंने हमेशा गरिमा के साथ जीवन जिया। बाद में साधना को कैंसर होने का पता चला था। बढ़ती उम्र में स्वास्थ्य बहुत ज्यादा बिगड़ने के बाद 25 दिसंबर 2015 को मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में 74 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। इंडस्ट्री की दिग्गज स्टार होने के बावजूद, उनके अंतिम संस्कार में फिल्म बिरादरी के बहुत कम लोग शामिल हुए थे, ये बताता है कि उनके अंतिम दिन एकांत और उदासीनता में बीते थे।
-साल 2015 में साधना निधन के साथ हिंदी सिनेमा के एक सुनहरे अध्याय का अंत हो गया। हालांकि आज भी उनकी फिल्में, उनका हेयर स्टाइल और उनकी यादें करोड़ों फैंस के दिलों में जिंदा हैं। साधना सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं थीं बल्कि वह उस दौर की ऐसी आइकॉन थीं जिन्होंने पर्दे के साथ-साथ लोगों की जिंदगी पर भी गहरी छाप छोड़ी थी।













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