Pakistan vs Taliban war: पाक हमले में 80 की मौत के बाद भड़का काबुल, सीमा की ओर बढ़े हजारों तालिबानी लड़ाके
Pakistan Afghanistan Airstrike: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब युद्ध की दहलीज पर आ खड़ा हुआ है। रविवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिका और खोस्त प्रांतों में भीषण एयरस्ट्राइक की, जिसमें 80 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। पाकिस्तान का दावा है कि उसने टीटीपी (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया है, जबकि तालिबान का कहना है कि इस हमले में मासूम बच्चे और परिवार खत्म हो गए।
इस कार्रवाई के बाद अफगानिस्तान ने अपनी सेना को बड़े पैमाने पर डूरंड लाइन (सीमा) की ओर कूच करने का आदेश दे दिया है। सीमा पर दोनों देशों की फौजें आमने-सामने हैं और किसी भी वक्त एक भीषण जंग शुरू हो सकती है।

Pakistan Afghanistan border conflict: पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक और 80 मौतों का दावा
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की संप्रभुता को चुनौती देते हुए उसके तीन प्रांतों में सात ठिकानों पर बमबारी की। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में 80 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिन्हें इस्लामाबाद 'आतंकवादी' बता रहा है। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पक्तिका और नंगरहार से आ रही खबरों के मुताबिक, बमबारी में एक ही परिवार के 17 लोग खत्म हो गए, जिनमें 12 मासूम बच्चे थे। तालिबान ने आरोप लगाया है कि रमजान के पाक महीने में पाकिस्तान ने मदरसों और कुरान को निशाना बनाया है।
सीमा पर युद्ध की आहट: तालिबान सेना का कूच
इस हमले के बाद काबुल में हलचल तेज हो गई है। अफगान तालिबान ने इसे अपनी धरती पर सीधा हमला करार दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगान रक्षा मंत्रालय ने अपने भारी हथियारों, टैंकों और हजारों सैनिकों को पाकिस्तान सीमा की ओर रवाना कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने साफ लफ्जों में कहा है कि इस हमले का बदला लिया जाएगा। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं, क्योंकि दोनों तरफ से भारी गोलाबारी शुरू होने का खतरा मंडरा रहा है।
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Pakistan vs Taliban war: आतंकवाद पर आरोप-प्रत्यारोप
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान में आत्मघाती हमले कराने के लिए हो रहा है। पाकिस्तान के मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि अफगानिस्तान 'आतंकवाद का स्रोत' बन चुका है और वे चुप नहीं बैठेंगे। वहीं, तालिबान ने दोहा समझौते की याद दिलाते हुए कहा कि वे किसी को अपनी जमीन इस्तेमाल नहीं करने दे रहे, बल्कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक नाकामी का ठीकरा अफगानिस्तान पर फोड़ रहा है। दोनों देशों के बीच कूटनीति पूरी तरह फेल हो चुकी है और अब बातचीत की जगह बंदूकें ले रही हैं।
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World News Hindi: क्या छिड़ जाएगी पूरी तरह से जंग?
अक्टूबर 2025 में भी दोनों देशों के बीच खूनी झड़पें हुई थीं, लेकिन इस बार हालात कहीं ज्यादा गंभीर हैं। पाकिस्तान के भीतर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में पहले से ही आग लगी है, और अब अफगानिस्तान के साथ नया मोर्चा खुलने से पूरे दक्षिण एशिया में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। अगर तालिबान की सेना सीमा पार करती है, तो यह एक पूर्ण युद्ध का रूप ले लेगा। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें डूरंड लाइन पर टिकी हैं, जहाँ बारूद की महक आने लगी है।












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