Afghanistan on Pakistan Airstrike: 'अंजाम बुरा होगा', पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक से गुस्से में तालिबान
Afghanistan on Pakistan Airstrike: पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के पक्तिका और नांगरहार प्रांतों में की गई एयरस्ट्राइक ने दोनों देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। तालिबान प्रशासन ने इसे अपनी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन बताते हुए सख्त लहजे में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कई निर्दोष नागरिकों की मौत की खबर है, जिससे काबुल में भारी आक्रोश है।
जहां पाकिस्तान इसे आतंकी ठिकानों पर 'सटीक हमला' बता रहा है, वहीं तालिबान इसे अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर हमला मान रहा है, जिससे सीमा पर सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है।

Pak Air Strike in Afghanistan: तालिबान की सख्त चेतावनी
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अफगानिस्तान को अपनी रक्षा के लिए जवाबी हमला करने का पूरा अधिकार है। तालिबान नेतृत्व ने कहा है कि वे वर्तमान में नुकसान का आकलन कर रहे हैं और सही समय आने पर इसका करारा जवाब दिया जाएगा। इस बयान ने संकेत दिया है कि सीमा पर स्थिति किसी भी समय हिंसक मोड़ ले सकती है।
वहीं अफ़ग़ानिस्तान-तालिबान सरकार के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर बयान देते हुए कहा है कि, 'पाकिस्तानी स्पेशल मिलिट्री ग्रुप ने एक बार फिर अफ़गान इलाके में घुसपैठ की है। कल रात, उन्होंने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में हमारे आम नागरिकों पर बमबारी की, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए। पाकिस्तानी जनरल ऐसे अपराधों से अपने देश की सुरक्षा कमज़ोरियों की भरपाई करते हैं।'
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काबुल और कंधार में आपातकालीन बैठकें
हमलों के तुरंत बाद, तालिबान के शीर्ष नेतृत्व ने काबुल और कंधार में हाई-लेवल आपात बैठकें बुलाई हैं। इन बैठकों का मुख्य एजेंडा पाकिस्तान की सैन्य आक्रामकता का मुकाबला करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक रणनीति तैयार करना है। सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और सैन्य कमांडर जवाबी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। तालिबान प्रशासन का मानना है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ने के लिए ऐसे हिंसक कदम उठा रहा है।
पाकिस्तान का आतंकी ठिकानों पर हमले का दावा
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन हमलों को जायज ठहराते हुए कहा है कि उसने केवल टीटीपी (TTP) और आईएसकेपी (ISKP) जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया है। पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, एफ-16 और जेएफ-17 विमानों के जरिए उन मदरसों और शिविरों को तबाह किया गया जहां से पाकिस्तान में आत्मघाती हमले संचालित किए जा रहे थे। इस्लामाबाद ने दावा किया कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं कि पाकिस्तानी धरती पर होने वाले हालिया धमाकों के तार अफगानिस्तान में मौजूद आतंकियों से जुड़े हैं।
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सीमा पर आम नागरिकों की भारी क्षति
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इन हवाई हमलों में पक्तिका प्रांत के रिहायशी इलाकों और मदरसों को भारी नुकसान पहुंचा है। एक ही परिवार के 17 लोगों की मौत की खबर ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तानी जनरल अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए निहत्थे नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बना रहे हैं। डूरंड लाइन के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग अब और अधिक गोलाबारी के डर से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।












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