पाकिस्तान के राष्ट्रपति इस्तीफा देकर शहबाज शरीफ का बिगाड़ेंगे खेल? इमरान खान का गेम बाकी है!
पाकिस्तान में ऐसा कम ही होता है, जब सेना के खिलाफ ही जनता सड़कों पर उतर आए और ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगाए। इमरान खान के समर्थन में कई शहरों में रैलियां निकाली है, जिसमें निशाने पर सेना था।
इस्लामाबाद, अप्रैल 11: पाकिस्तान की सियासी लड़ाई में इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव प्रस्ताव के जरिए हटा भले ही दिया गया हो, लेकिन इमरान खान ने अभी तक हार नहीं मानी है और उन्होंने पाकिस्तान के लोकतंत्र के साथ ही फुटबॉल खेलना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान की राजनीतिक लड़ाई में अभी लंबा खेल बाकी है और माना जा रहा है, कि इमरान खान के कहने पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति भी इस्तीफा दे सकते हैं और पाकिस्तान में नया राजनीतिक संकट पैदा कर सकते हैं। पाकिस्तान की राजनीतिक संकट में अभी क्या सब हो सकता है, आइये समझते हैं...
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शहबाज शरीफ या शाह महमूद कुरैशी?
पाकिस्तान के संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार और पीएमएल-एन के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ और इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेता शाह महमूद कुरैशी के प्रधानमंत्री पद के लिए फिर से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र पाकिस्तान की नेशनल असेंबली द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। पाकिस्तान नेशनल असेंबली ने ट्वीटर पर कहा, कि दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसके बाद उन्हें स्वीकार कर लिया गया। यानि, शहबाज शरीफ निर्विरोध प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे और अब संसद में फिर से मतदान होगा। पाकिस्तान नेशनल असेंबली में आज दोपहर 2 बजे पाकिस्तान का नया प्रधानमंत्री चुना जाएगा, लेकिन उससे पहले इमरान खान के समर्थकों ने पूरे पाकिस्तान का चक्का जाम कर दिया है।

सेना के खिलाफ इमरान के सपोर्टर
पाकिस्तान में ऐसा कम ही होता है, जब सेना के खिलाफ ही जनता सड़कों पर उतर आए और ‘चौकीदार चोर है' के नारे लगाए। इमरान खान के समर्थन में कई शहरों में रैलियां निकाली है, जिसमें राजधानी इस्लामाबाद, कराची, पेशावर और लाहौर शामिल हैं। इससे पहले इमरान खान ने पाकिस्तान में स्वतंत्रता आंदोलन की शुरुआत का ऐलान किया था, उन्होंने यह आंदोलन विदशी ताकत से सत्ता परिवर्तन के खिलाफ संघर्ष के तौर पर किया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अपने लोकतंत्र और संप्रभुता की रक्षा करती है नाकि विदेशी लोगों का इस्तेमाल करके देश चलाती है। इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान 1947 में आजाद हुआ, लेकिन आजादी का संघर्ष आज से शुरू होगा, विदेशी ताकत के प्रभाव से आजादी। इमरान खान ने ट्वीट करके लिखा, देश के लोकतंत्र और संप्रभुता की रक्षा जनता करेगी।

इमरान खान के सभी सांसद देंगे इस्तीफा?
रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान किसी भी हाल में शहबाज शरीफ को पाकिस्तान का नया वजीर-ए-आजम बनते हुए नहीं देखना चाहते हैं और उन्होंने विपक्ष से बिलावल भुट्टो तक को प्रधानमंत्री बनाने की अपील की थी, लेकिन विपक्ष तैयार नहीं हुआ। जिसके बाद अब इमरान खान आर-पार की मूड में आ चुके हैं। पीटीआई के वरिष्ठ नेता और पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने रविवार को घोषणा की, कि उनकी पार्टी के सदस्य कल (सोमवार) नेशनल असेंबली से इस्तीफा दे देंगे, यदि पीएमएल-एन के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ का नामांकन स्वीकार किया गया। यानि, इमरान खान की शहबाज शरीफ को लेकर चिढ़ अब चरम पर पहुंच चुकी है।

इमरान खान को स्वीकार नहीं हैं शहबाज
इमरान की पार्टी के वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी ने कहा कि, पीटीआई प्रमुख इमरान खान ने बानी गाला (अपने घर) में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की, जहां उन्होंने दोहराया कि उनका निष्कासन एक साजिश का हिस्सा था और विदेशी शक्तियों ने उन्हें हटाने के लिए ऑपरेशन चलाया। उन्होंने कहा कि, "जब किसी देश के आंतरिक मामलों से जुड़े फैसले बाहर से लिए जाते हैं, तो यह उसकी गुलामी की सबसे बड़ी निशानी होती है।" रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान किसी भी सूरत-ए-हाल में शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री बनते हुए नहीं देखना चाहते हैं। वो लगातार कहते रहे हैं, कि शहबाज शरीफ डाकू है ओर उसने प्रधानमंत्री बनने के लिए शेरवानी सिला रखी है। लिहाजा, अब जबकि शहबाज वाकई में प्रधानमंत्री की कुर्सी के बगल में खड़े हैं, तो इमरान खान इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।

इमरान के निशाने पर शरीफ परिवार
इमरान खान की पार्टी ने कहा कि, पीटीआई ने पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। उन्होंने कहा, "हमने कुरैशी को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना है, क्योंकि सबसे पहले हम शाहबाज शरीफ के नामांकन को चुनौती देना चाहते हैं क्योंकि उनके खिलाफ 16 अरब रुपये का भ्रष्टाचार का मामला दर्ज है।" फवाद चौधरी ने कहा कि, सभी सांसदों ने पार्टी के अंदर अपना इस्तीफा सौंप दिया है और अगर शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री बनाने की कोशिश की जाती है, तो फिर सभी सांसद इस्तीफा दे देंगे।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति देंगे इस्तीफा?
इमरान खान किसी भी हाल में हार नहीं मानना चाहते हैं और पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार नजिम सेठी ने आशंका जताई है, कि आज खुद देश के राष्ट्रपति इस्तीफा दे सकते हैं। नजीम सेठी ने ‘द वायर' से इंटरव्यू के दौरान कहा कि, ‘शहवाज शरीफ को अगर नेशनल असेंबली में चुन भी लिया जाता है, तो वो तब तक प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, जब तक राष्ट्रपति उन्हें शपथ नहीं दिलवाएंगे, लेकिन हमने सुना है, कि नेशनल असेंबली में शहबाज शरीफ के चुने जाते ही राष्ट्रपति आरिफ अल्वी इस्तीफा दे देंगे।' नजिम सेठी ने कहा कि, ‘राष्ट्रपति के इस्तीफा देते ही पाकिस्तान में बहुत बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो जाएगा और फिर सवाल ये उठता है, कि शहबाज शरीफ का शपथ कौन करवाएगा?'

इमरान के खास हैं राष्ट्रपति
नजिम सेठी ने कहा कि, इमरान खान ने देश की संसदीय गरिमा, जो पहले से ही कम थी, उसे और धूल में मिला दिया है। उन्होंने कहा कि, अगर राष्ट्रपति इस्तीफा दे देता है, जो इमरान खान के खास हैं, तो फिर पाकिस्तान के लोकतंत्र को लेकर दुनिया में क्या संदेश जाएगा और देश की क्या इज्जत रह जाएगी। नजिम सेठी ने कहा कि, ‘अगर राष्ट्रपति इस्तीफा दे देते हैं, तो फिर संसद के स्पीकर के पास कार्यवाहक राष्ट्रपति का अधिकार आ जाता है और ऐसे में नेशनल असेंबली का स्पीकर शहबाज शरीफ का शपथ ग्रहण कराएगा।' वहीं, नजिम सेठी ने कहा कि, अगर इमरान खान के सभी सांसद इस्तीफा दे देते हैं, तो फिर नेशनल असेंबली बिना विपक्ष के हो जाएगी और ऐसे में नई सरकार के पास दो ही विकल्प होंगे, या तो खाली सीटों पर चुनाव करवाए या फिर असेंबली भंग करे। उन्होंने कहा कि, अभी राजनीतिक ड्रामा खत्म नहीं हुआ है, बल्कि ये अभी और बढ़ने वाला है।












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