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बांग्लादेश की नसों में भारत के खिलाफ जहर भर रहा पाकिस्तान, बांग्लादेशी पत्रकार का सनसनीखे खुलासा

यूसुफ शाह ने दावा किया है कि, 9 नवंबर 2021 को जम्हूरी वतन पार्टी द्वारा लाहौर में एक "पाक-बांग्लादेश मैत्री सम्मेलन" का आयोजन किया गया था, जिनमें उठी मांगे हैरान करने वाली हैं।

ढाका, जनवरी 02: जब बांग्लादेश, पाकिस्तान का हिस्सा था, उस वक्त पाकिस्तानियों ने पूर्वी पाकिस्तान पर कितना जुल्म किया था, उसे बांग्लादेश कभी नहीं भूल सकता है। इतिहास में दर्ज है कि, पाकिस्तानी सेना ने कैसे हजारों बांग्लादेशी लड़कियों के साथ बलात्कार किया है और हजारों बेगुनाह लोगों को मार डाला और इसीलिए बांग्लादेश ने लड़कर पाकिस्तान से आजादी ले ली। लेकिन, अब यही पाकिस्तान, बांग्लादेश की नसों में भारत के खिलाफ जहर भरने की कोशिश कर रहा है। इसका पर्दाफाश खुद बांग्लादेश की मीडिया ने किया है।

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    भारत के खिलाफ जहर भरने की कोशिश

    भारत के खिलाफ जहर भरने की कोशिश

    बांग्लादेश लिबरेशन वॉर के 50 साल पूरे हो चुके हैं और पाकिस्तान अपने कुख्यात चरित्र को छिपाकर खुद को बांग्लादेश का "असली दोस्त" साबित करने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए पाकिस्तान हजारों प्रोपेगेंडा आजमा रहा है। जिस पाकिस्तान ने लाखों बांग्लादेशियों की जिंदगी बर्बाद कर दी, वो पाकिस्तान आज मुसलमान कार्ड खेलकर बांग्लादेश के आज के युवाओं के रग में भारत के खिलाफ जहर भर रहा है। बांग्लादेश की प्रसिद्ध मीडिया ऑउटलेट Bdnews24 में पाकिस्तान की इस साजिश का पर्दाफाश किया गया है और विस्तार से बताया गया है कि, पाकिस्तान किस तरह से अपनी साजिश में बांग्लादेश के लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहा है।

    बांग्लादेश में भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा

    बांग्लादेश में भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा

    Bdnews24 में बांग्लादेश के प्रसिद्ध पत्रकार साजिद यूसुफ शाह ने दावा किया है कि, कई पाकिस्तानी ऑनलाइन और प्रिंट मीडिया पाकिस्तान को बांग्लादेश के "असली दोस्त" और भारत के खिलाफ "जहर फैलाने" के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, पाकिस्तान लगातार ये दिखाने की कोशिश कर रहा है, कि बांग्लादेश का असली दोस्त पाकिस्तान है और बांग्लादेश को पाकिस्तान से आजादी दिलाने वाले "बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान'' कभी पाकिस्तान से बांग्लादेश की आजादी नहीं चाहते थे। जबकि हकीकत ये है कि, 'शेख मुजीबुर रहमान' ही बांग्लादेश की आजादी के असली चैंपियवन थे, लेकिन, पाकिस्तानी मीडया में लगातार ऐसे लेख लिखे जा रहे हैं और बांग्लादेश में उसका प्रचार किया जा रहा है, कि 'शेख मुजीबुर रहमान' कभी भी पाकिस्तान से बांग्लादेश के अलग होने के पक्ष में नहीं थे।

    पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा

    पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा

    बांग्लादेशी पत्रकार साजिद यूसुफ शाह ने लिखा है कि, ''पाकिस्तान की प्रिंट मीडिया और कई अलग अलग मीडिया ऑउटलेट्स में ऐसा दावा किया गया है कि, मुजीबुर 1940 के दशक में पाकिस्तान आंदोलन के चैंपियन में से एक थे और उनकी राजनीति पाकिस्तान के लिए थी और असल में वो पाकिस्तान के असली देशभक्त थे"। उन्होंने लिखा है कि, ''पाकिस्तान प्रोपेगेंडा फैला रहा है कि, मुजीबुर रहमान ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया और चूंकि मुजीब और उनकी पार्टी 'अवामी लीग' को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के चुनाव में भारी बहुमत मिला, इसलिए उन्हें पाकिस्तान की अखंडता के लिए सरकार बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए थी, लेकिन याहिया खान के सैन्य शासन में राजनीतिक स्थिति को गलत तरीके से संभाला गया और इसीलिए पाकिस्तान का विभाजन हो गया।"

    बहुत बड़ी साजिश का खुलासा

    बहुत बड़ी साजिश का खुलासा

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बांग्लादेश के प्रसिद्ध पत्रकार यूसुफ शाह ने दावा किया है कि, 9 नवंबर 2021 को जम्हूरी वतन पार्टी द्वारा लाहौर में एक "पाक-बांग्लादेश मैत्री सम्मेलन" का आयोजन किया गया था, जिसमें पाकिस्तान में रहने वाले बंगालियों और कुछ अज्ञात बांग्लादेशी "युवा नेताओं" ने भाग लिया था। यूसुफ शाह के अनुसार, इस सम्मेलन में विभिन्न दलों और समूहों के वक्ताओं ने इस क्षेत्र के दो "शक्तिशाली मुस्लिम देशों" के बीच अधिक मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करने के तरीकों और साधनों पर जोर दिया है। आयोजकों ने इस दिन को इसलिए चुना क्योंकि यह कवि इकबाल का 175वां जन्मदिन था। यूसुफ शाह ने दावा किया है कि, आम तौर पर "पाकिस्तानी मीडिया, पाकिस्तान की सरकार और पूरा पाकिस्तान मुजीबुर को देशद्रोही के रूप में संबोधित करती है और 1971 में बांग्लादेश में नरसंहार की बात से इनकार करती हैं, लेकिन अब पाकिस्तान ने अपने प्रोपेगेंडा को बदल लिया है और बांग्लादेशी विद्रोहियों और इंडियन आर्मी पर ही आरोप लगाया जा रहा है, कि उन्होंने निर्दोष पाकिस्तानियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। यूसुफ शाह के मुताबिक, अब पाकिस्तान की तरफ से नई रणनीति बनाई गई है।

    पाकिस्तान में अचानक कैसे पनपा प्यार?

    पाकिस्तान में अचानक कैसे पनपा प्यार?

    यूसुफ शाह के मुताबिक, पिछले साल 9 नवंबर को लाहौर सम्मेलन में पाकिस्तानी नेताओं और कार्यक्रम में बोलने वाले वक्ताओं का एक अलग ही रूख दिखा है, जो काफी ज्यादा हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि, ''लाहौर सम्मेलन के पाकिस्तानी वक्ताओं ने पाकिस्तान सरकार से 1971 की त्रासदी के लिए, बंगाली भाषा और संस्कृति के अपमान के लिए, बांग्लादेश से माफी मांगने की मांग की है और उन्होंने पाकिस्तान सरकार से मांग की है, कि पाकिस्तानी विश्वविद्यालयों में बांग्लादेशी छात्रों की छात्रवृत्ति की संख्या बढ़ाए और ऐसी व्यवस्था करे, कि पाकिस्तानी विश्वविद्यालयों में ज्यादा से ज्यादा सख्या में बांग्लादेशी छात्र पढ़ने के लिए आए। इसके साथ ही पाकिस्तानी वक्ताओं ने कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान सरकार से पाकिस्तानी सड़कों के नाम बांग्लादेश के प्रमुख नेताओं के नाम पर करने की भी मांग की है।

    अचानक आक्रामक प्यार कैसे?

    अचानक आक्रामक प्यार कैसे?

    बांग्लादेशी पत्रकार यूसुफ शाह ने कहा कि, पाकिस्तान के दिल में अचानक बांग्लादेश के लिए पनपा प्यार हैरान करने वाला है और पाकिस्तानी नेताओं का बांग्लादेश के प्रति इतना आक्रामक प्यार कभी नजर नहीं आया है। उन्होंने लिखा है कि, दुख इस बात की है, कि कई बांग्लादेशी सोशल मीडिया यूजर्स पर इस तरह के प्रचार के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्होंन कहा कि, इस तरह का दूसरा सम्मेलन आज, यानि 2 जनवरी को लाहौर में होने वाला है।

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