Pakistan Breaks Ceasefire: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हवाई हमले किए, तालिबान ने कहा– अब बदला लेगा!
Pakistan Breaks Ceasefire: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है। तालिबान ने पाकिस्तान पर पक्तिका प्रांत में 3 स्थानों पर हवाई हमले करने का आरोप लगाते हुए 48 घंटे के युद्धविराम को 'टूटा हुआ' घोषित कर दिया है। एक वरिष्ठ तालिबान अधिकारी ने AFP को बताया, 'पाकिस्तान ने संघर्ष विराम (Ceasefire) तोड़ा है। हम जवाबी कार्रवाई करेंगे।'
पाकिस्तानी सेना ने हमलों को TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों पर 'सटीक कार्रवाई' बताया है। दोहा में चल रही वार्ता के बीच यह हमले दोनों देशों को युद्ध के कगार पर ले आए हैं। आइए, जानते हैं पूरी घटना विस्तार से...

नए हमलों का विवरण: पक्तिका में हवाई बमबारी
शुक्रवार शाम को पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती पक्तिका प्रांत के अरगुन और बरमल जिलों पर हवाई हमले किए। टोलो न्यूज के अनुसार, हमलों में कई घर तबाह हो गए, लेकिन हताहतों की संख्या स्पष्ट नहीं है। तालिबान के अधिकारियों ने कहा कि ये हमले युद्धविराम के कुछ घंटों बाद हुए, जब दोहा वार्ता में दोनों पक्षों ने शांति पर सहमति जताई थी।
- तालिबान का दावा: 'पाकिस्तान ने युद्धविराम तोड़ा। हम अपनी संप्रभुता की रक्षा करेंगे।' तालिबान के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया।
- पाकिस्तान का पक्ष: ISPR (पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग) ने कहा, 'हमले TTP के ठिकानों पर थे। अफगानिस्तान TTP को शरण दे रहा है, जो हमारे सैनिकों पर हमले कर रहा है।' पाकिस्तान ने हमलों को 'आत्मरक्षा' बताया।
ये हमले 48 घंटे के युद्धविराम (15 अक्टूबर शाम 6 बजे शुरू) के तुरंत बाद हुए, जो दोहा वार्ता के दौरान बढ़ाया गया था। रॉयटर्स के अनुसार, पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल दोहा पहुंच चुका है, जबकि अफगान टीम शनिवार को जाएगी।
सीमा पर तनाव का इतिहास: 2021 से सबसे खतरनाक दौर
2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाक-अफगान संबंध सबसे निचले स्तर पर हैं। पाकिस्तान अफगानिस्तान को TTP (पाकिस्तानी तालिबान) के लिए सुरक्षित ठिकाना देने का आरोप लगाता है, जबकि तालिबान इसे पाकिस्तानी सेना का बहाना बताता है।
- 9 अक्टूबर 2025: पाकिस्तान ने काबुल, खोस्त, जलालाबाद, और पक्तिका में हवाई हमले किए। काबुल में TTP नेता नूर वाली महसूद को निशाना बनाया गया। तालिबान ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
- 11-12 अक्टूबर: तालिबान ने जवाबी हमले किए। पाकिस्तानी सेना के 58 सैनिक मारे गए (तालिबान का दावा), जबकि पाकिस्तान ने 200+ तालिबान आतंकी मारे जाने का कहा। कुर्रम जिले में 7 पाकिस्तानी सैनिक शहीद, 13 घायल।
- 15 अक्टूबर: युद्धविराम घोषित। कतर और सऊदी अरब के दबाव में दोनों पक्ष सहमत। लेकिन शुक्रवार को हमले फिर शुरू।
- कुल हताहत: एक सप्ताह में 50+ सैनिक और नागरिक मारे गए, 100+ घायल। TTP ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली।
विकिपीडिया के अनुसार, यह 2025 का तीसरा दौर है - पहले 2022 और मार्च 2024 में भी पाकिस्तानी हमले हुए थे।
दोनों पक्षों के आरोप: TTP का कनेक्शन
- पाकिस्तान का आरोप: तालिबान TTP को शरण दे रहा है। TTP ने पाकिस्तानी सेना पर कई हमले किए, जैसे उत्तरी वजीरिस्तान में सैन्य शिविर पर हमला।
- तालिबान का दावा: पाकिस्तान झूठ फैला रहा है। हमले ISIS-K और अन्य विदेशी ताकतों की साजिश हैं। तालिबान ने पाकिस्तानी राजदूत को नोटिस दिया।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया (गार्जियन, रॉयटर्स) के अनुसार, सीमा पर झड़पें 2021 से बढ़ी हैं। काबुल में विस्फोट और कंधार में स्ट्राइक्स ने स्थिति बिगाड़ दी।
दोहा वार्ता: शांति की उम्मीद?
दोहा में पाकिस्तानी और अफगान प्रतिनिधिमंडल वार्ता कर रहे हैं। युद्धविराम बढ़ाने की कोशिश है, लेकिन हमलों ने उम्मीदें तोड़ीं। कतर ने मध्यस्थता की है। CNN के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापक युद्ध का खतरा है, लेकिन कूटनीति से बचाव संभव।
भारत ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। MEA ने कहा, 'क्षेत्रीय स्थिरता जरूरी है।' हमले TTP जैसे ग्रुप्स को मजबूत कर सकते हैं, जो भारत के लिए खतरा हैं।
युद्धविराम टूटा, तनाव चरम पर
पाकिस्तान के हमलों ने युद्धविराम तोड़ा, तालिबान ने बदला लेने का ऐलान किया। दोहा वार्ता में सफलता जरूरी, वरना सीमा पर खूनी संघर्ष बढ़ेगा।
(स्रोत: Reuters , CNN, The Guardian)
ये भी पढ़ें- Pakistan: जिस गजनवी के नाम पर पाकिस्तान में कॉलेज और मिसाइल, उसे ख्वाजा आसिफ ने बताया लुटेरा- Video












Click it and Unblock the Notifications