Pakistan Bomb Blast: पाकिस्तान में खूनी मंगलवार, बीच बाजार में जोरदार ब्लास्ट, 9 लोगों की मौत
Pakistan Bomb Blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मंगलवार, 12 मई 2026 को हुआ भीषण बम धमाका एक बार फिर देश की जर्जर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है। इस आत्मघाती हमले में कम से कम नौ लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
बन्नू और सराय नौरंग जैसे इलाके अब जंग के मैदान बन चुके हैं, जहां आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षाबल भी सुरक्षित नहीं हैं। यह हमला सीधे तौर पर शहबाज शरीफ सरकार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की नीतियों को चुनौती है, जो आतंकवाद पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम दिख रहे हैं।

सराय नौरंग बाजार में तबाही का मंजर
उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान का सराय नौरंग बाजार मंगलवार को धमाके की गूंज से थर्रा उठा। अफगानिस्तान सीमा के नजदीक स्थित इस भीड़भाड़ वाले बाजार में विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की दुकानों के परखच्चे उड़ गए। इस हमले में 2 पुलिस अधिकारियों और 7 नागरिकों की दर्दनाक मौत की खबर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद वहां खड़ी गाड़ियां मलबे का ढेर बन गईं और चारों तरफ केवल चीख-पुकार और तबाही का मंजर दिखाई दे रहा था। स्थानीय पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है।
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घायलों की स्थिति और राहत कार्य
धमाके के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमों ने मोर्चा संभाला। एम्बुलेंस और दमकल की गाड़ियों के जरिए घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। मेडिकल सुपरिटेंडेंट के अनुसार, करीब 37 घायलों को अस्पताल लाया गया है, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बन्नू के बड़े अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने अस्पताल में इमरजेंसी लागू कर दी है और मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सुरक्षा बलों पर बढ़ते टारगेटेड हमले
पाकिस्तान में सुरक्षा बल अब आतंकियों के लिए आसान शिकार बन गए हैं। मंगलवार के इस ब्लास्ट से महज कुछ दिन पहले शनिवार को भी इसी क्षेत्र में एक पुलिस चौकी को निशाना बनाया गया था। उस हमले में पहले कार बम धमाका हुआ और फिर घात लगाकर की गई फायरिंग में 15 पुलिसकर्मियों की जान चली गई थी। लगातार हो रहे ये हमले यह साबित करते हैं कि पाकिस्तान का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल हो चुका है और आतंकी अब सरकारी तंत्र पर हावी हो रहे हैं।
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आरोप-प्रत्यारोप और तालिबान की चेतावनी
पाकिस्तान सरकार ने हमेशा की तरह इस हमले का ठीकरा भी अफगानिस्तान में मौजूद आतंकियों पर फोड़ा है। हालांकि, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पाकिस्तान की आंतरिक विफलता बताया है। तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए दूसरों पर उंगली उठाना बंद करे। इस राजनीतिक खींचतान के बीच आतंकी संगठन और भी मजबूत हो रहे हैं, जिसका खामियाजा वहां की बेगुनाह जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है












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