रूस पर प्रतिबंधों की स्थिति क्या सऊदी अरब बढ़ा सकता है तेल का उत्पादन ?
यूक्रेन में रूसी हमले के बाद से तेल की किल्लत होने की आशंका बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक यूरोपीय संघ ने मास्को पर अधिक प्रतिबंध लगाए हैं। इस प्रतिबंध के तहत समुद्र से तेल आयात पर प्रतिबंध भी शामिल है।
न्यूयॉर्क, 2 जून : फाइनेंशियल टाइम्स ( Financial Times) के एक रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब कथित तौर पर तेल उत्पादन बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक अगर यूक्रेन युद्ध के कारण यूरोपीय संघ के नए प्रतिबंधों से रूसी तेल का उत्पादन गिर जाता है तो सऊदी तेल उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विचार कर सकता है। गुरुवार की सुबह तेल की कीमतों में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बुधवार को 0.5 फीसदी की बढ़त के बाद यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड करीब 112 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक दिन पहले 0.6 फीसदी की तेजी के बाद ब्रेंट क्रूड 113 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था।

तेल की किल्लत होने की आशंका
यूक्रेन में रूसी हमले के बाद से तेल की किल्लत होने की आशंका बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक यूरोपीय संघ ने मास्को पर अधिक प्रतिबंध लगाए हैं। इस प्रतिबंध के तहत समुद्र से तेल आयात पर प्रतिबंध भी शामिल है। इधर, यूक्रेन से जारी संघर्ष के बीच रूस ने लगातार तीखे तेवर दिखाए जिसकी वजह से अमेरिका सहित कई यूरोपीय देशों ने ताबड़तोड़ प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया था। इस बीच अब रूस कूटनीतिक तौर पर फिर से सक्रिय नजर आ रहा है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव लगातार कई देशों के संग बैठके कर रहे हैं।
रूस पर लग रहे प्रतिबंध
रूस पर भले ही अमेरिका और कई यूरोपीय देश तमाम प्रतिबंध लगा चुके हैं लेकिन ओपेक प्लस एक ऐसा समूह है जिसके जरिए रूस ने तेल की कूटनीति एक बार फिर से शुरू कर दी है और इसमें सऊदी अरब उनका साथ खुलकर दे रहा है। रूसी तेल पर यूरोपीय संघ भी जल्द ही पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने वाला है लेकिन इन सबके बाद भी सऊदी रूस से अपनी साझेदारी जारी रखेगा। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने कहा है कि सऊदी अरब ओपेक प्लस से एक समझौता करने वाला है।
इसी कड़ी में रियाद में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्लाह बिन जायेद अल नाहयान से भी मुलाकात की है। रूस के विदेश मंत्रालय ने इस मुलाकात पर कहा है कि दोनों नेता ओपेक प्लस देशों के समूह के बीच सहयोग के स्तर को लेकर खुश हैं। उधर रूस के विदेश की मंत्री बहरीन, सऊदी अरब और तुर्की की यात्रा इसी मुद्दे के एजेंडे को लेकर है।












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