OI Defence: क्या बला है ब्रिटेन की LMM मिसाइल? बेहद खास है इसे दागने का तरीका, इसीलिए खरीद रहा भारत
OI Defence: भारत और ब्रिटेन ने भारतीय सेना की स्ट्रेटजिक यूनिट के लिए ब्रिटिश लाइटवेट मल्टीरोल मिसाइलों (LMM) की खरीद हेतु 350 मिलियन पाउंड (लगभग 468 मिलियन डॉलर) के एक डील साइन की है। ये अत्याधुनिक मिसाइलें फिलहाल यूक्रेन के सशस्त्र बलों द्वारा रूसी सैनिकों के खिलाफ उपयोग में लाई जा रही हैं, जिससे उनकी क्षमता और असर दोनों की सफल टेस्टिंग हो चुकी है।
मिसाइल एक इस्तेमाल अनेक
थेल्स यूके द्वारा निर्मित यह मिसाइल, नाम के हिसाब से मल्टीरोल क्षमताओं से लैस है। इसे पैदल सैनिक द्वारा दागा जा सकता है, साथ ही यह बख्तरबंद वाहनों, हेलीकॉप्टरों और नौसेना के जहाजों पर भी तैनात की जा सकती है। भारतीय सेना के लिए यह मिसाइल 6 किलोमीटर की दूरी तक हल्के बख्तरबंद, पहिएदार और ट्रैक किए गए वाहनों से लेकर हवाई प्लेटफार्मों तक के टारगेट को निशाना बनाने में सक्षम होगी।

वजन मात्र 13 किलो, स्पीड 1.5 मैक
LMM मिसाइल लेजर बीम गाइडेंस टेक्नीक पर आधारित है, जिसकी मारक क्षमता एकदम सटीक है। इसे शोल्डर लॉन्च, तिपाई और वाहन-आधारित कॉन्फ़िगरेशन में उपयोग किया जा सकता है। केवल 13 किलोग्राम वजन वाली इस मिसाइल की गति 1.5 मैक (1852.2 kmph) है, जो इसे तेज़ प्रतिक्रिया क्षमता वाली बनाती है। यह 2019 से ब्रिटिश सेना की सेवा में है और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान सफलतापूर्वक तैनात की गई है।
'मार्टलेट'-न थमने वाला पक्षी
इस मिसाइल को ब्रिटिश सेना में "मार्टलेट" नाम से भी जाना जाता है। इसका नाम एक पौराणिक पक्षी पर रखा गया है जो कभी आराम नहीं करता, जो इसकी सतत तत्परता और युद्ध में सक्रियता का प्रतीक है। ब्रिटिश सेना ने इस मिसाइल को अपनी हेलीकॉप्टर इकाइयों और नौसैनिक प्लेटफार्मों में पहले ही शामिल कर लिया है। इसे खास तौर पर शहरी युद्ध के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसका निर्माण थेल्स अपनी उत्तरी आयरलैंड स्थित सुविधा में करता है।
मोदी-स्टार्मर क्या बोले?
ब्रिटेन सरकार के एक बयान के अनुसार, "यह समझौता ब्रिटेन और भारत के बीच एक व्यापक जटिल हथियार साझेदारी को और मजबूत करेगा।" यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टार्मर की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि यह समझौता "भारत की वायु रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करेगा।" साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) की भावना में भारतीय रक्षा मंत्रालय की मौजूदा और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा सौदों में एक नया भरोसा पैदा करेगा।
और क्या-क्या डील हो रही?
फरवरी 2025 में ब्रिटेन और भारत ने थेल्स और भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) के बीच अगली पीढ़ी के हथियारों पर सहयोग बढ़ाने के लिए सहमति व्यक्त की थी। इस समझौते में लेजर बीम राइडिंग MANPADs (LBRM) की आपूर्ति का करार शामिल था। इसके तहत हाई-वेलोसिटी मिसाइलों (स्टारस्ट्रेक) और लॉन्चरों की डिलीवरी इस साल के आखिर तक की जानी है। सूत्रों के अनुसार, "मार्टलेट" मिसाइल भी इसी कैटेगरी के मिसाइल सिस्टम का हिस्सा है, जो भारत की डिफेंस कैपेसिटी को और मजबूत करेगा।
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