PM मोदी के इस नारे के कायल हुए तानाशाह Kim Jong Un? अब उत्तराधिकारी हो सकती है ये खूबसूरत GenZ लड़की!
Kim Jong Un Successor: दुनिया के सबसे रहस्यमयी और सख्त तानाशाही देश उत्तर कोरिया में एक ऐसा ट्विस्ट आया है, जो सियासत से लेकर जेंडर इक्वालिटी तक सबको हिला देगा। किम जोंग उन, जो न्यूक्लियर मिसाइलों और आइसोलेशन के लिए मशहूर हैं, अब 12-13 साल की खूबसूरत लड़की को उत्तराधिकारी बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं।
इसकी पुष्टि दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी NIS ने गुरुवार (11 सितंबर) की है। और ये सब PM मोदी के 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' नारे से इंस्पायर्ड लगता है, जिसे किम ने 'बेटी बढ़ाओ' में बदल दिया है। क्या ये पुरुष प्रधान समाज में क्रांति है, या स्ट्रैटेजिक मूव? आइए, इससे विस्तार से समझें...

किम जू ए का इंटरनेशनल डेब्यू: चीन ट्रिप ने मचाया धमाल
सितंबर 2025 की शुरुआत में किम जोंग उन अपनी बुलेटप्रूफ 'सन ट्रेन' से बेटी किम जू ए को लेकर चीन पहुंचे। बीजिंग में WWII की 80वीं एनिवर्सरी पर मिलिट्री परेड में उन्होंने चाइनीज प्रेसिडेंट शी जिनपिंग और रशियन प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन से मिले। लेकिन, सबकी नजरें जू ए पर टिक गईं-स्मार्ट ड्रेस में स्टैंडिंग, पापा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अक्सर नजर आतीं हैं। NIS ने कहा, 'ये ट्रिप उत्तराधिकार की स्टोरी को कंपलीट करने का पार्ट था। जू ए ने 'क्रांतिकारी नरेटिव' बिल्ड कर लिया है।' स्टेट मीडिया ने उन्हें 'सम्मानित बेटी' कहा, जो सिर्फ टॉप लीडर्स के लिए यूज होता है। पॉस्टेज स्टैंप्स पर भी पापा-बेटी की फोटो छपी।
NIS के सांसद ली सेओंग-क्वेउन ने कहा, 'जू ए को रिकग्नाइज्ड उत्तराधिकारी माना जा रहा है। अफवाहें हैं कि किम का कोई बेटा या डिसेबल्ड चाइल्ड है, या कोई स्टडी एब्रॉड कर रहा है-सब बकवास हैं। NIS ने चेक किया, ऐसा कुछ नहीं है। जू ए की उम्र 12-13 बताई जा रही है, और वो घुड़सवारी, स्कीइंग और स्विमिंग की शौकीन हैं। 2022 में ICBM लॉन्च पर पहली बार पब्लिकली दिखीं, तब से मिलिट्री परेड्स, रिजॉर्ट ओपनिंग्स में साथ हैं। लेकिन क्या इतनी छोटी उम्र में लीडरशिप? एक्सपर्ट्स कहते हैं, किम फैमिली हेल्थ इश्यूज की वजह से जल्दी प्लानिंग कर रहे हैं।

PM मोदी के नारे से इंस्पायर्ड 'बेटी बढ़ाओ': उत्तर कोरिया में जेंडर रिवोल्यूशन?
उत्तर कोरिया जैसे गहरे पुरुष प्रधान सोसाइटी में, जहां कन्फ्यूशियन प्रिंसिपल्स से पुरुष ही फैसला लेते हैं, महिलाओं को वर्कफोर्स में होने के बावजूद सेकंड क्लास ट्रीटमेंट मिलता है। लेकिन किम जोंग उन ने अपनी बेटी को आगे बढ़ाकर 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' को ट्विस्ट दे दिया-'बेटी बढ़ाओ'! भारत में 2015 में शुरू हुई ये स्कीम कन्या भ्रूण हत्या, लिंग डिस्क्रिमिनेशन रोकने के लिए थी। हेल्थ मिनिस्ट्री के डेटा से CSR 918 (2014-15) से बढ़कर 933 (2022-23) हो गया। जागरूकता कैंपेन, एजुकेशन और वेलफेयर से लड़कियां एम्पावर हुईं।
किम की बहन को भतीजी ने किया ओवरटेक!
क्या किम ने इसे कॉपी किया? एक्सपर्ट्स का मानना है, हां। उत्तर कोरिया में कोई बेटा न होने से जू ए को चुना गया। अगर वो सत्ता संभालेंगी, तो ये पुरुष-डॉमिनेटेड डायनेस्टी में पहली फीमेल लीडर होंगी। लेकिन चैलेंजेस? पूर्व NIS डायरेक्टर पार्क जी-वोन कहते हैं, 'उम्र कम, एक्सपीरियंस जीरो-कन्फ्यूशियन कल्चर में फीमेल लीडर को एक्सेप्ट करना मुश्किल है।' किम की सिस्टर किम यो जोंग (प्रोपगैंडा चीफ) पहले उत्तराधिकारी लग रही थीं, लेकिन जू ए ने ओवरटेक कर लिया। एक्सपर्ट्स कहते हैं, ये मूव मिलिट्री और पार्टी एलीट्स की लॉयल्टी सिक्योर करने का है।
क्या बनेगी जू ए नेक्स्ट किम?
नवंबर 2022 से जू ए की राइज रॉकेट स्पीड की है-मिसाइल टेस्ट्स से लेकर रिसॉर्ट्स तक। बीजिंग डेब्यू में मीडिया से दूर रखा गया, प्राइवेसी मेंटेन की। किम फैमिली का रूल 1948 से चला आ रहा-किम इल-सुंग से किम जोंग उन तक। अगर जू ए नेक्स्ट, तो न्यूक्लियर पावर वाली दुनिया की पहली फीमेल डिक्टेटर होंगी। लेकिन क्रिटिक्स कहते हैं, ये जल्दबाजी-उम्र छोटी, कल्चर पुरानी है। किम का कोई बेटा न होना ये मूव जरूरी बनाता है।
भारत का 'बेटी बचाओ' ग्लोबल इंस्पिरेशन बन गया-क्या किम का 'बेटी बढ़ाओ' कोरिया में रिवोल्यूशन लाएगा? या सिर्फ पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी? दुनिया की नजरें प्योंगयांग पर टिकी हैं। कमेंट बॉक्स में बताएं अपनी राय...
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