NASA ने इस देश में ढूंढ़ा एक नया ‘द्वीप’, सिर्फ 7 दिन में 6 गुणा बड़ा हुआ आकार, देखें तस्वीरें
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा को ऑस्ट्रेलिया के निकट दक्षिणपश्चिमी प्रशांत सागर में ज्वालामुखी फटने के कुछ घंटों बाद एक छोटा द्वीप दिखाई दिया है।
वाशिंगटन, 28 सितंबरः अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा को ऑस्ट्रेलिया के निकट दक्षिणपश्चिमी प्रशांत सागर में ज्वालामुखी फटने के कुछ घंटों बाद एक छोटा द्वीप दिखाई दिया है। बतादें कि इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय टोंगा द्वीप में होम रीफ ज्वालामुखी ने लावा, राख और धुंआ उगलना शुरू किया था। समुद्र में फटे इस ज्वालामुखी से वायुमंडल में 5 करोड़ टन (45 मिलियन मीट्रिक टन) जल वाष्प फैल गया और आसपास के पानी का रंग बदल गया।

7 दिनों में 6 गुना बढ़ा आकार
अब नासा की अर्थ ऑब्जवेर्टरी ने बताया है कि विस्फोट के ठीक 11 घंटे बाद एक नया द्वीप पानी की सतह के ऊपर एक नया द्वीप नजर आया है। धरती पर नजर रखने वाली नासा की इस कार्यशाला ने सैटेलाइट के ज़रिए इस द्वीप की तस्वीरें भी खींची हैं। नासा की प्रेस रिलीज के मुताबिक, नए द्वीप के आकार में जल्द ही बड़ा बदलाव हुआ है और महज सात दिनों के भीतर यह 6 गुना बढ़ चुका है।

ज्यादा समय तक अस्तित्व में नहीं रहेगा द्वीप
13 सितंबर को नासा के शोधकर्ताओं ने इस द्वीप का इलाका 4000 स्क्वायर मीटर यानि लगभग 1 एकड़ बताया था और इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 10 मीटर यानी करीब 33 फीट बताई गई थी। लेकिन 20 सितंबर को शोधकर्ताओं ने जानकारी दी है कि इस द्वीप का आकार बढ़कार 24000 स्क्वायर मीटर यानी लगभग 6 एकड़ का हो गया है। इसके साथ ही वैज्ञानिकों ने यह भी अनुमान लगाया है कि यह द्वीप ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकेगा।

16 साल बाद पहाड़ के अंदर फूटा ज्वालामुखी
समुद्र के अंदर होम रीफ नाम के पहाड़ में इस 16 साल बाद ज्वालामुखी फूटा है। नासा के मुताबिक यह द्वीप इंसान के बसने के लिए नहीं है। इसकी वजह समझाते हुए नासा ने बताया है कि समुद्र के नीचे मौजूद ज्वालामुखियों के फटने से बनने वाली द्वीप अल्पकालिक होते हैं और कम समय के लिए ही अस्तित्व में आते हैं। यानी ये कुछ महीनों या साल तक मौजूद रह सकते हैं। हालांकि कई बार वो कई सालों तक बने रहते हैं।

16 साल पहले भी बना था एक नया द्वीप
नासा के ही मुताबिक टोंगा के समीप ही लाटेइकी ज्वालामुखी के 12 दिन तक फटने के कारण 2020 में एक द्वीप बना था लेकिन फिर यह दो महीने में ही बह गया। वहीं, साल 2006 में भी होमरीफ से एक नया द्वीप पैदा हुआ था, महासागर की लहरों को इसके शीर्ष को डुबोने में एक साल का समय लग गया था। हालांकि 1995 में इसी ज्वालामुखी के कारण बना एक द्वीप 25 साल तक रहा था।

कब तक कायम रहेगा द्वीप?
टोंगा जियोलॉजिकल सर्विसेज के एक फेसबुक पोस्ट के अनुसार, सोमवार तक भी होम रीफ ज्वालामुखी में विस्फोट जारी था। अब यह देखा जाना बाकी है कि इस विस्फोट की वजह से जन्मा यह छोटे से शीर्ष वाला द्वीप कितने समय तक बना रह पाता है।












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