Myanmar and Tibet Earthquake: भूकंप के झटकों से कांपा म्यांमार और तिब्बत, दहशत में लोग, प्रशासन अलर्ट
Myanmar and Tibet Earthquake: पिछले कुछ महीनों में म्यांमार और तिब्बत में भूकंप के कई झटके महसूस किए गए हैं। रविवार को एक बार फिर इस इलाके में 3.6 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। भूकंप से अभी तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र म्यांमार और तिब्बत की सीमा के पास स्थित था। भूकंप के लिहाज से यह इलाका संवेदनशील जोन में आता है। यह क्षेत्र भूगर्भीय रूप से सक्रिय जोन में आता है, जहां हल्के से मध्यम तीव्रता वाले भूकंप आते रहते हैं।
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय नागरिकों ने बताया कि झटके कुछ सेकंड तक महसूस किए गए और उस दौरान घरों की दीवारें और खिड़कियां हिलने लगी थीं। हालांकि, किसी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन अलर्ट पर है। आम लोगों को सुरक्षित रहने और खतरे वाली जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

Myanmar and Tibet Earthquake: नुकसान की खबर नहीं
अधिकारियों के अनुसार, भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़ी तबाही की संभावना नहीं थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) और चीन भूकंप प्रशासन ने बताया कि सतह से करीब 10 किलोमीटर गहराई में इसका केंद्र था। किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन लोगों ने झटकों की तीव्रता महसूस की थी। एहतियात के तौर पर कुछ दफ्तरों और बिल्डिंग को अस्थायी रूप से खाली कराया गया है। ग्रामीण इलाकों से भी किसी गंभीर नुकसान की जानकारी नहीं आई है।
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यह क्षेत्र एशियाई और बर्मा प्लेट्स की सीमाओं के पास स्थित है, जहां प्लेट टेक्टोनिक्स की हलचलें अक्सर भूकंप का कारण बनती हैं। खासकर म्यांमार, नेपाल, तिब्बत और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्से ऐसे हाई रिस्क जोन में आते हैं।
पिछले कुछ महीनों में म्यांमार और तिब्बत के इस क्षेत्र में यह तीसरा भूकंप है। विशेषज्ञों का कहना है कि हल्के झटके बड़े भूकंप से पहले की चेतावनी हो सकते हैं। इसलिए क्षेत्रीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से घबराने की बजाय सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की सलाह दी है। इसके साथ ही ज़रूरत पड़ने पर राहत और बचाव दल को सक्रिय किया जा सकता है।
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