Israel Iran War: ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर इजरायल का वार, तबाह हुआ नंताज प्लांट, 15000 सेंट्रीफ्यूज डैमेज
Israel Iran War: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने मंगलवार को इजरायली हमले में ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले की पुष्टि की है। पहली बार इसकी पुष्टि की गई है। ईरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले परमाणु संयंत्र नंताज को इजरायली हमले में भारी नुकसान हुआ है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी के चीफ राफे ग्रॉसी ने कहा कि शुक्रवार को इजरायली हमले शुरू होने के बाद ईरान के नतांज स्थित अंडरग्राउंड यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट में सेंट्रीफ्यूज के बुरी तरह से टूटने की आशंका है। ये हमले उस बड़े अभियान का हिस्सा थे जिसे इजरायल ने पांच दिन पहले इरान के सैन्य और न्यूक्लियर ढांचे को निशाना बनाकर शुरू किया था।
Israel Iran War: पहली बार भूमिगत संरचना को निशाना
IAEA ने उच्च-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट इमेज से पता लगाया है कि इजरायल के हमले भूमिगत एनरिचमेंट कक्षों तक पहुंचे और उन्हें काफी नुकसान हुआ है। ऐसा पहली बार हुआ है जब उक्त संस्थान की ओर से न्यूक्लियर प्लांट को नुकसान पहुंचाने की पुष्टि की गई है । इसके अलावा, इस सेंटर का ऊपर वाला ढांचा पीएफईपी (पायलट फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट) पहले ही पूरी तरह तबाह हो गया है।

साथ ही, बिजली आपूर्ति के उपकरण भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। IAEA प्रमुख राफे ग्रॉसी ने बताया कि बिजली कटने से लगभग 15,000 केंद्रिफ्यूज गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं। उनमें से कई अपनी पूरी कार्य-क्षमता खो चुके हैं।
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फर्दो और इसफहान के सुरक्षित होने का दावा
नंताज के अलावा ईरान के अन्य साइट फर्दो और इसफहान अब तक हमलों से अछूते रहे हैं। इन स्थानों में कोई टूट-फूट या रेडिएशन लीक की रिपोर्ट नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी के चीफ राफे ग्रॉसी ने यूनियन बोर्ड ने कहा कि कुछ हानिकारक गैसों के रिसाव की संभावना बनी हुई है, हालांकि कंटेनमेंट प्रभावित नहीं हुआ है और साइट के बाहर रेडिएशन स्तर सामान्य है। इजरायली सेना का दावा है कि इस हमले से ईरान की परमाणु क्षमता पर बहुत घातक और दूरगामी प्रहार हुआ है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि फर्दो की तरह गहरी भूमिगत संरचनाएं अभी भी सुरक्षित हैं और न्यूक्लियर प्रोजेक्ट की निरंतरता बनी हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी धमकी
ईरान ने अब तक 370 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले इजरायल पर किए हैं। इन हमलों में इजरायल में कम से कम 24 मौतें होने की पुष्टि की गई है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को धमकी दी है। उन्होंने तेहरानवासियों को तत्काल शहर खाली करने की सलाह दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने नहीं दिया जा सकता है। हम ईरान के लिए बेहतर समाधान देखने की कोशिश कर रहे हैं। जी-7 की बैठक में भी सभी देशों ने बेहतर समाधान तलाशने पर जोर दिया है। फ्रांस ने संघर्ष विराम और क्षेत्रीय तनाव घटाने की अपील की है। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे सिर्फ सीज़फ़ायर नहीं बल्कि समाधान की तलाश में हैं।
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