'गटर में रहते हैं कॉकरोच', CJP के क्रेज के बीच ये क्या बोल गए पवन कल्याण, कहा-खुलकर नहीं आते सामने

Pawan Kalyan on Cockroach Janta Party: देश में युवाओं की राजनीति में बढ़ती भागीदारी और कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) को लेकर चल रही चर्चा के बीच आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जन सेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण ने अपनी राय रखी है। उन्होंने इस उभरते हुए युवा आंदोलन को कोई अचानक पैदा हुई नई घटना मानने से इनकार किया। पवन कल्याण का कहना है कि इतिहास गवाह है कि हर कुछ दशकों में नई पीढ़ी सामने आती है और समाज व राजनीति को अपने नजरिए से आगे बढ़ाने की कोशिश करती है।

पवन कल्याण के मुताबिक आज के युवाओं की सोच, उम्मीदें और सवाल अलग हैं, इसलिए उनकी आवाज को केवल विरोध के रूप में नहीं बल्कि बदलाव की मांग के रूप में समझना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के भीतर गुस्सा क्यों है, इस सवाल का जवाब तलाशना ज्यादा जरूरी है। इसी दौरान उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party), युवाओं की नाराजगी और बदलती राजनीतिक सोच पर खुलकर बात की।

Pawan Kalyan on CJP

'हर दौर में आती है नई सोच वाली पीढ़ी'

एक बातचीत के दौरान जब पवन कल्याण से पूछा कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) जैसे मंचों का उभरना पारंपरिक राजनीति से युवाओं की नाराजगी को दिखाता है। इस पर पवन कल्याण ने कहा कि हर दौर में नई पीढ़ी अपनी सोच लेकर सामने आती रही है। उन्होंने कहा कि आज Gen Z को लेकर जिस तरह चर्चा हो रही है, उसे पूरी तरह नया नहीं माना जा सकता। 1920 के दशक से लेकर 1940, 1980, 2000 और अब 2020 के दशक तक हर पीढ़ी ने अपने तरीके से समाज और राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश की है। उनके अनुसार हर नई पीढ़ी अपनी आकांक्षाओं के साथ आती है और बदलाव चाहती है।

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युवाओं के गुस्से को समझना जरूरी

पवन कल्याण ने कहा कि किसी भी युवा आंदोलन को खारिज करने के बजाय यह समझने की जरूरत है कि युवा आखिर नाराज क्यों हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उनके गुस्से और असंतोष की वजह को समझना चाहिए।

कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि "कॉकरोच नाली में रहने वाला जीव है, इसलिए शायद मैं उनके दर्द को समझ सकता हूं।" उनके इस बयान को युवाओं की भावनाओं को समझने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

कैसे शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी की चर्चा

कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया के तौर पर हुई थी। यह तब चर्चा में आई जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सुर्य कांच (Surya Kant) ने युवाओं के लिए "कॉकरोच" शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस नाम को लेकर एक अलग तरह का अभियान शुरू हुआ, जिसने धीरे-धीरे लोगों का ध्यान खींचा।

बेटे से भी पूछा युवाओं का नजरिया

पवन कल्याण ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को समझने के लिए अपने बेटे से भी बात की। उन्होंने बेटे से पूछा कि उसके दोस्तों के बड़े समूह में से कितने लोग इस तरह के मंचों का समर्थन करते हैं। उनके अनुसार करीब 20 दोस्तों के ग्रुप में तीन लोगों ने इस मंच को सब्सक्राइब किया था।

पवन कल्याण ने कहा कि यह संख्या भले बड़ी न लगे, लेकिन इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि कुछ युवा अपनी असहमति दर्ज कराने के लिए नए रास्ते तलाश रहे हैं।

खुलकर सामने न आएं, फिर भी असहमति मौजूद है

बातचीत के दौरान जब पवन कल्याण से पुछा गया कि कई युवा सार्वजनिक रूप से ऐसे मंचों से जुड़ने से बचते हैं। इस पर पवन कल्याण ने कहा कि जरूरी नहीं कि हर समर्थक खुलकर सामने आए।

उन्होंने कहा कि कुछ युवा अपनी असहमति दिखाना चाहते हैं। कुछ लोगों को कुछ घटनाएं पसंद नहीं आतीं और उन्हें ऐसा मंच मिल जाता है जहां वे अपनी बात रख सकें। उनके अनुसार यह केवल सक्रिय राजनीति का मामला नहीं है, बल्कि अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने का भी माध्यम है।

पवन कल्याण ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्होंने कई युवाओं से बातचीत की है। इन चर्चाओं में एक बात बार-बार सामने आई कि युवा राजनीति में बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी सोच हो सकती है और जरूरी नहीं कि सभी विचार एक जैसे हों। लेकिन युवाओं की बड़ी संख्या यह मानती है कि पुरानी और घिसी-पिटी राजनीति से आगे बढ़ने की जरूरत है। पवन कल्याण के मुताबिक युवा क्षेत्रीय पक्षपात, टकराव की राजनीति और नकारात्मक राजनीतिक संस्कृति से अलग कुछ नया देखना चाहते हैं। उनका कहना है कि युवा ऐसे नेताओं और विचारों को पसंद करते हैं जो समझदारी से बात करें और जिनकी बातों में सार हो। बता दें आज CJP लखनऊ में प्रोटेस्ट कर रही है।

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