Jaspal Rana Net Worth: मनु भाकर के कोच जसपाल राणा छोड़ गए कितनी संपत्ति? इतनी है कुल नेटवर्थ
Jaspal Rana Net Worth: भारतीय शूटिंग जगत के दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा के निधन ने खेल प्रेमियों को गहरा झटका दिया है। 49 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले जसपाल राणा ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं।
हालांकि, उनकी जिंदगी का एक ऐसा पहलू भी था जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद एक समय ऐसा आया जब उन्हें तीन साल तक कोई नियमित सैलरी नहीं मिली। इन सबके बावजूद उनके काम में हमेशा निरंतरता बनी रही।

कितनी थी जसपाल राणा की नेटवर्थ?
उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्ट्स और चुनावी हलफनामे के अनुसार जसपाल राणा की कुल संपत्ति करीब 1.37 करोड़ रुपये से 1.5 करोड़ रुपये के बीच आंकी जाती है। उन्होंने साल 2009 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
टिहरी गढ़वाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते समय उन्होंने चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे में लगभग 1.37 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों की जानकारी दी थी। खास बात यह रही कि उनके ऊपर किसी प्रकार का बैंक लोन या कर्ज दर्ज नहीं था। उनकी संपत्ति में खेल करियर के दौरान मिले पुरस्कार, सरकारी पेंशन और उत्तराखंड में मौजूद पारिवारिक संपत्तियां शामिल थीं।
मनु भाकर को मेडल दिलाने वाले कोच को नहीं मिली सैलरी
पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु भाकर ने दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। इस सफलता के पीछे जसपाल राणा की कोचिंग को बड़ी वजह माना गया। लेकिन ओलंपिक के बाद खुद जसपाल राणा ने एक ऐसा खुलासा किया जिसने खेल जगत को हैरान कर दिया। उन्होंने बताया था कि टोक्यो ओलंपिक 2021 के बाद से लेकर पेरिस ओलंपिक 2024 तक उन्हें किसी भी सरकारी एजेंसी या राष्ट्रीय शूटिंग संघ से नियमित वेतन नहीं मिला। यानी करीब तीन साल तक उन्होंने बिना सैलरी के काम किया।
उस दौरान उन्होंने आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए भी मनु भाकर समेत कई खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देना जारी रखा। उन्होंने यहां तक कहा था कि ओलंपिक के बाद परिवार चलाने के लिए उन्हें नौकरी तलाशनी पड़ सकती है।
पहले कितनी मिलती थी सैलरी?
जसपाल राणा को साल 2012 में भारतीय जूनियर पिस्टल टीम का मुख्य कोच बनाया गया था। उस समय उनकी मासिक सैलरी करीब 50 हजार रुपये तय की गई थी। पेरिस ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन के बाद फरवरी 2025 में उन्हें भारतीय 25 मीटर पिस्टल टीम का हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया गया, जिसमें अच्छा मानदेय मिलने लगा।
जब ठुकरा दिए थे 25 लाख रुपये
जसपाल राणा अपने स्वाभिमानी स्वभाव के लिए भी जाने जाते थे। वर्ष 2007 में उत्तराखंड सरकार ने उन्हें 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। उनका मानना था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए हासिल की गई उपलब्धियों की तुलना में यह सम्मानजनक राशि नहीं थी। उनके इस फैसले ने उस समय काफी चर्चा बटोरी थी।
पुरस्कार और उपलब्धियों से भरा रहा करियर
जसपाल राणा भारतीय शूटिंग इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्हें खेल जगत में उत्कृष्ट योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए कई पदक जीते। राष्ट्रमंडल खेलों में उनके नाम 15 पदकों का शानदार रिकॉर्ड दर्ज है।













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