गाजा बना बच्चों का कब्रिस्तान! 20 देशों में 5 सालों में जितने बच्चे मरे, उतने 21 दिनों की लड़ाई में मारे गये
Gaza Children: हमास ने 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल पर हमला किया था और इसके बाद इजराइल ने हमास के ऊपर जवाबी कार्रवाई शुरू की। ये युद्ध पिछले 3 हफ्तों से चल रहा है, जिसमें भारी संख्या में बच्चे मारे जा रहे है। 7 अक्टूबर से शुरू हुई इस लड़ाई के बाद से सिर्फ तीन हफ्तों में गाजा में मारे गए बच्चों की संख्या पिछले तीन वर्षों में, पूरे वर्ष में 20 देशों में सशस्त्र संघर्षों में मरने वाले बच्चों की संख्या से ज्यादा हो गई है।
द चिल्ड्रेन ने 29 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में कहा है, कि पिछले 5 सालों में 20 देशों में सशस्त्र संघर्ष में जितने बच्चों की मौत हुई है, उससे ज्यादा बच्चों की मौत सिर्फ पिछले 21 में हो गई है।

सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में, फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के प्रमुख फिलिप लाज़ारिनी ने जोर देकर कहा, कि "यह 'कलेक्ट्रल डैमेज" नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा, कि इज़राइल "सामूहिक दंड" दे रहा है।
गाजा में मारे गये भारी संख्या में बच्चे
गाजा में हमास नियंत्रित और इज़राइल में स्वास्थ्य मंत्रालयों से संकेत मिलता है, कि बच्चों की मौत की कुल संख्या कम से कम 3,257 हो गई है, जिसमें गाजा में 3,195 बच्चे मारे गए हैं, जबकि वेस्ट बैंक में 33 और इज़राइल में 29 बच्चे मारे गए हैं।
हालांकि, इसके बाद भी हमास बच्चों को ढाल बनाकर इजराइल पर हमला करने से बाज नहीं आ रहा है और अभी भी हमास ने इजराइल से बंधक बनाकर लाए गये 200 से ज्यादा लोगों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। हमास ने कहा था, कि उसके पास इतने बंधक हैं, जिससे वो इजराइली जेल में बंद अपने तमाम बड़े नेताओं को रिहा करवा सकता है, लेकिन इजराइल किसी समझौते के मूड में नहीं है।
आशंका जताई गई है, कि इजराइली हमलों में जो तबाही फैली है, उसमें सैकड़ों की संख्या में बच्चे लापता हैं, जिनके मलबों में दबे होने की आशंका है। लिहाजा, बच्चों की मौत की असली संख्या में भारी इजाफा होने का अनुमान लगाया गया है।

यूएन सेक्रेटरी जनरल को बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर सौंपी गई पिछली तीन वार्षिक रिपोर्टों के मुताबिक, 2022 में 24 देशों में कुल 2,985 बच्चे मारे गए, जबकि 2021 में 2,515 और 2020 में 22 देशों में 2,674 बच्चे मारे गए हैं।
गाजा में सेव द चिल्ड्रेन के कंट्री डायरेक्टर जेसन ली ने कहा, कि "एक बच्चे की मौत भी काफी ज्यादा है, लेकिन, यहां भारी संख्या में बच्चों कि मौतें हो रही हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका युद्धविराम है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को बच्चों की मौत को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए, बहस में बिताया गया हर दिन और बच्चों को मार रहा है। बच्चों की हर समय सुरक्षा की जानी चाहिए, खासकर जब वे स्कूलों और अस्पतालों में सुरक्षा की मांग कर रहे हों।''
यूनिसेफ ने पहले अपनी एक रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला था, कि "गाजा पट्टी में लगभग हर बच्चा बेहद दुखद घटनाओं और आघात का सामना कर रहा है, जिसमें व्यापक विनाश, लगातार हमले, विस्थापन और भोजन, पानी जैसी आवश्यक दवाओं की गंभीर कमी शामिल है।"
संयुक्त राष्ट्र संगठन ने फिलिस्तीनी वेस्ट बैंक में हुई तबाही पर भी विस्तार से कहा कि "हताहतों की संख्या में चिंताजनक वृद्धि हुई है, जिसमें 28 बच्चों सहित लगभग सौ फिलिस्तीनियों की जान चली गई है।"
मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के लिए एनआईसीईएफ के क्षेत्रीय निदेशक एडेल खोदर ने बच्चों पर बढ़ती मौतों को "हमारे सामूहिक विवेक पर एक बढ़ता हुआ दाग" बताया है।












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