Israel Gaza War: युद्धविराम के बीच इज़राइल में अमेरिकी सेना की एंट्री, क्या है ट्रंप का सीक्रेट प्लान?
Gaza Ceasefire Hostage Release: करीब दो साल से जारी इजराइल-हमास युद्ध अब रुकने वाला है। काहिरा में बातचीत के बाद, दोनों पक्षों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित संघर्ष विराम के पहले चरण पर सहमति दे दी है। इस समझौते के लागू होते ही, हमास 7 अक्तूबर 2023 के हमले के बाद बंदी बनाए गए इज़राइली नागरिकों को रिहा करेगा।
इस ऐतिहासिक समझौते को ज़मीन पर उतारने और युद्धविराम की निगरानी के लिए अमेरिका एक अहम भूमिका निभा रहा है। अमेरिका लगभग 200 सैनिकों को इज़राइल भेज रहा है। ये सैनिक वहाँ स्थापित सिविल-मिलिट्री समन्वय केंद्र के माध्यम से राहत और सुरक्षा सहायता का समन्वय करेंगे।

अमेरिका क्यों भेजेगा 200 सैनिक?
- समन्वय केंद्र: ये सैनिक इज़राइल में स्थापित होने वाले एक सिविल-मिलिट्री समन्वय केंद्र (Civil-Military Coordination Center) में काम करेंगे।
- मानवीय सहायता: वे गाजा में मानवीय सहायता, रसद (लॉजिस्टिक्स) और सुरक्षा समर्थन के प्रवाह को सुचारू बनाने में मदद करेंगे।
- अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी: अमेरिकी सेना के साथ-साथ साझेदार देशों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि भी इस केंद्र में शामिल होंगे।
- गाजा में प्रवेश नहीं: अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अमेरिकी सैनिक गाजा पट्टी के अंदर प्रवेश नहीं करेगा, वे इज़राइल से ही सहायता कार्यों की निगरानी करेंगे।
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IDF की आंशिक वापसी और बंधकों की रिहाई का शेड्यूल
इजराइली सरकार ने गुरुवार शाम को इस संघर्ष विराम और बंधक रिहाई समझौते को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया। इसके तुरंत बाद ही, इजरायल रक्षा बल (IDF) ने गाजा पट्टी से अपने सैनिकों को पीछे हटाना शुरू कर दिया है।
- 24 घंटे में वापसी: सरकारी मंजूरी के 24 घंटे के भीतर, IDF को पहले से निर्धारित तैनाती लाइनों पर लौटना होगा। सेना गाजा के 53 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखेगी, जो मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों से बाहर का इलाका होगा।
- बफर ज़ोन: IDF रणनीतिक रूप से पूरी गाजा सीमा के साथ बफर ज़ोन और फिलाडेल्फी कॉरिडोर (मिस्र-गाजा सीमा क्षेत्र) पर अपना नियंत्रण रखेगी।
- 72 घंटे में रिहाई: IDF के पीछे हटने के 72 घंटे के अंदर, हमास को अपने पास रखे 48 बंधकों को रिहा करना होगा। इसकी शुरुआत 20 जीवित बंधकों से होगी।
- हस्तांतरण प्रक्रिया: जीवित बंधकों को बिना किसी समारोह के रेड क्रॉस को सौंपा जाएगा, जो उन्हें गाजा के अंदर इंतजार कर रहे IDF सैनिकों के पास पहुंचाएगा। मारे गए बंधकों के शवों की रिहाई में देरी हो सकती है, क्योंकि हमास ने कुछ शवों के ठिकाने की अनिश्चितता जताई है।
PM मोदी ने दी बधाई तो नेतन्याहू ने किया धन्यवाद
गाजा में शांति समझौते पर सहमति बनने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन करके बधाई दी। इस गर्मजोशी भरी पहल के लिए नेतन्याहू ने भी तुरंत पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया।
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बातचीत की जानकारी दी। पोस्ट के अनुसार, भारतीय प्रधानमंत्री ने नेतन्याहू से कहा कि वह हमेशा उनके घनिष्ठ मित्र रहे हैं और उनकी यह मित्रता सदैव बनी रहेगी। इसके जवाब में, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजराइल राज्य के प्रति भारत के समर्थन के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि भविष्य में भी वे घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे। यह बातचीत दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी संबंधों को दर्शाती है।
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