'BJP के खिलाफ गए तो घर गिरा देंगे', Owaisi ने Yusuf Pathan को लताड़ा-कांपने लगे, Mahua Moitra ने कहा- 'Phattu'
Asaduddin Owaisi Slams Yusuf Pathan: विपक्षी एकता, मुस्लिम सांसदों के बीच डर और बुलडोजर राजनीति की नई बहस छेड़ने वाली घटना संसद की दीवारों के अंदर गूंजती हैं। इसकी तस्वीर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने उजागर की है। सोशल मीडिया पर मेहदी ने दावा किया कि पिछले शीतकालीन सत्र के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने टीएमसी सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान को बीजेपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से हटने की चेतावनी दी।
मेहदी के अनुसार, ओवैसी ने कहा, 'तुम BJP के खिलाफ विरोध क्यों कर रहे हो? खुद को दुश्मन क्यों बना रहे हो? वे गुजरात में तुम्हारा घर बुलडोजर से गिरा देंगे।' यूसुफ कांपते हुए अपनी सीट पर लौट गए। एयर कंडीशनर (AC) के बीच यूसुफ के माथे पर पसीना ही पसीना। फिर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पहुंचकर उन्हें समर्थन दिया। अब यूसुफ पठान TMC बगावत में शामिल होने के बाद यह पुरानी घटना फिर से सुर्खियों में है। आइए विस्तार से समझते हैं क्या कुछ हुआ?

घटना का पूरा ब्योरा: क्या हुआ था संसद में?
शीतकालीन सत्र के दौरान पूरा विपक्ष SIR (संभवतः विशेष जांच या कोई अन्य मुद्दा) और अन्य मुद्दों पर सरकार के खिलाफ विरोध कर रहा था। टीएमसी सांसद हमेशा की तरह वेल में आकर आक्रामक प्रदर्शन कर रहे थे।
आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने एक प्रमुख मुस्लिम सांसद (जो TMC से नहीं थे) को यूसुफ पठान पर चिल्लाते देखा। यूसुफ विरोध छोड़कर सीट पर वापस चले गए। उनका चेहरा बदल गया था और वे कांप रहे थे। मेहदी जब उनके पास गए तो यूसुफ ने बताया कि उस सांसद ने उन्हें बीजेपी के खिलाफ विरोध न करने की सलाह दी और गुजरात में घर पर बुलडोजर की धमकी दी।
इसी दौरान महुआ मोइत्रा पहुंचीं। मेहदी ने उन्हें बताया तो महुआ गुस्से में आ गईं। उन्होंने यूसुफ से कहा, 'उस व्यक्ति की बात मत सुनो, हम तुम्हारे साथ हैं, हम एक हैं। कोई तुम्हें या तुम्हारे परिवार को छूने की हिम्मत नहीं करेगा।'

Mahua Moitra ने Yusuf Pathan को क्यों कहा 'Phattu'?
आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के पोस्ट पर महुआ मोइत्रा ने स्पष्ट रूप से असदुद्दीन ओवैसी का नाम लिया और कहा कि यूसुफ जैसे 'गद्दार' के लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी। महुआ ने कहा कि कितनी अफसोस की बात है कि मैंने एक ऐसे गद्दार का साथ दिया जिसमें न तो हिम्मत थी और न ही रीढ़ की हड्डी। उसके लिए कमेंट्री करना ही बेहतर था! कितना डरपोक और बुजदिल इंसान है।

Who Is Aga Syed Ruhullah Mehdi: आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी कौन हैं?
आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी (जन्म 12 अगस्त 1976) जम्मू-कश्मीर के प्रभावशाली शिया परिवार से आते हैं। उनके पिता आगा सैयद मेहदी की 2000 में हत्या हुई थी। आइए एक नजर राजनीतिक सफर पर...

- 2002, 2008, 2014 में बडगाम से विधायक।
- उमर अब्दुल्ला सरकार में युवा मंत्री।
- अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद मुखर आलोचक।
- 2024 लोकसभा चुनाव में श्रीनगर से NC टिकट पर भारी अंतर से जीत।
वे कश्मीर मुद्दे, आरक्षण और नागरिक अधिकारों पर सक्रिय रहते हैं। संसद में उनके फंड उपयोग का प्रतिशत अभी कम है, लेकिन वे अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं।
Who Is Yusuf Pathan: कौन है यूसुफ पठान? क्रिकेट से राजनीति तक
पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान टी-20 और 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे। 2024 में ममता बनर्जी ने उन्हें बहारामपुर से टिकट दिया, जहां उन्होंने अधीर रंजन चौधरी को हराया।

वर्तमान स्थिति: उनकी नेटवर्थ 45 करोड़ से ज्यादा बताई जाती है। संसद में MPLADS फंड उपयोग बेहद कम (2.93%) है और कोई प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है। अब वे TMC के बागी गुट में शामिल हैं, जो अलग संसदीय दल बनाने की कोशिश कर रहा है।
ओवैसी का पक्ष और बुलडोजर राजनीति को समझें...
असदुद्दीन ओवैसी AIMIM के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद हैं। वे मुस्लिम हितों के मुखर समर्थक माने जाते हैं, लेकिन बीजेपी शासन में 'व्यावहारिक' राजनीति की वकालत भी करते हैं। उनके समर्थक कहते हैं कि बुलडोजर कार्रवाई अक्सर अवैध निर्माण या दंगे के आरोपियों पर होती है। यूसुफ को सलाह देना 'डर' नहीं, बल्कि वास्तविकता से अवगत कराना हो सकता है।
महुआ मोइत्रा की भूमिका और TMC बगावत
महुआ मोइत्रा ने न सिर्फ यूसुफ को समर्थन दिया, बल्कि अब उनके ममता की TMC से बगावत पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आपने उनका साथ दिया, लेकिन उन्होंने पीठ में छुरा घोंपा। TMC में यह बगावत हालिया चुनावी नुकसान और आंतरिक कलह से जुड़ी है। यूसुफ पठान जैसे स्टार चेहरे का जाना पार्टी के लिए झटका है।
'बुलडोजर धमकी' वाली यह घटना महज एक छोटी सी कहानी नहीं। यह दर्शाती है कि आजादी के बाद 78 साल में भी कुछ समुदायों और नेताओं में सत्ता के प्रति डर कितना गहरा है। चाहे यह धमकी हो या सलाह, लोकतंत्र में खुली बहस और बिना डर के विरोध का अधिकार हर सांसद का होना चाहिए।













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