Israel Hamas War: बंधकों की वापसी का 'सीक्रेट मैप' क्या? जानें 72 घंटों में रिहाई का हमास का पूरा 'प्लान-A'
Israel Hamas War: इजराइल की कैबिनेट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई की योजना को शुक्रवार को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी। कैबिनेट की इस मुहर के साथ ही संघर्ष विराम लागू हो गया है, जो महीनों से चल रहे युद्ध को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे एक दिन पहले, इजरायली अधिकारियों ने इस समझौते के पहले चरण को लागू करने की विस्तृत प्रक्रिया बताई थी।
इस योजना के तहत, इजराइली सेना (IDF) चरणबद्ध तरीके से गाजा से अपनी टुकड़ियों को पीछे हटाएगी और इसके बाद हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह समझौता क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगा रहा है।

IDF की आंशिक वापसी: समझौते का पहला कदम
इजराइली सरकार ने गुरुवार शाम को संघर्ष विराम और बंधक रिहाई समझौते को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया। इस आधिकारिक मंजूरी के तुरंत बाद, इजरायल रक्षा बल (IDF) ने गाजा पट्टी से अपने सैनिकों को पीछे हटाना शुरू कर दिया।
सरकारी मंजूरी के 24 घंटे के भीतर, IDF को पहले से निर्धारित तैनाती लाइनों पर लौटना होगा। इसका तात्पर्य है कि सेना गाजा के 53 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगी। हालांकि, यह नियंत्रण मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों से बाहर के इलाकों में होगा। रणनीतिक रूप से, IDF पूरी गाजा सीमा के साथ बफर ज़ोन को अपने कब्ज़े में रखेगी, जिसमें मिस्र-गाजा सीमा का क्षेत्र (जिसे फिलाडेल्फी कॉरिडोर भी कहते हैं) और उत्तरी गाजा के कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। यह कदम समझौते के पहले चरण को लागू करने का आधार तैयार करेगा।
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बंधकों की रिहाई: 72 घंटे का इंतजार
IDF के पीछे हटने के 72 घंटे के अंदर, हमास को अपने पास रखे 48 बंधकों को रिहा करना है। शुरुआत उन 20 बंधकों से होगी जिनके जीवित होने की जानकारी है। पहले हमास ने मध्यस्थों को बताया था कि उसे मारे गए कुछ बंधकों के शवों का ठिकाना नहीं पता, इसलिए शवों की रिहाई में थोड़ी देरी हो सकती है। जीवित बंधकों को हमास बिना किसी दिखावटी समारोह के रेड क्रॉस को सौंप देगा। रेड क्रॉस फिर उन्हें गाजा के अंदर इंतजार कर रहे IDF सैनिकों के पास ले जाएगी।
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बंधकों की मानसिक स्वास्थ्य जांच होगी
रिहा हुए बंधकों को गाजा से बाहर निकालकर सीमा के पास बने रीम मिलिट्री बेस ले जाया जाएगा। यहां उनकी शुरुआती शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य जांच होगी। बंधकों के कुछ परिवार वाले भी उनसे मिलने के लिए रीम बेस पर इंतज़ार कर सकते हैं।
IDF ने पूरी तैयारी कर रखी है कि अगर हमास सभी 20 जीवित बंधकों को एक साथ रिहा करता है, तो भी वह उन्हें संभाल ले। बाद में, बंधकों और उनके परिवारों को आगे के इलाज और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलने के लिए मध्य इज़रायल के अस्पतालों में ले जाया जाएगा। हालांकि, जिन बंधकों को तुरंत इलाज की ज़रूरत होगी, उन्हें रीम बेस लाए बिना सीधे बीरशेबा के सोरोका मेडिकल सेंटर एयरलिफ्ट किया जाएगा।
सम्मान में समारोह का होगा आयोजन
मारे गए बंधकों के शवों को IDF सैनिक गाजा में ही प्राप्त करेंगे। उनके सम्मान में सैन्य रब्बी के नेतृत्व में एक छोटा सा समारोह आयोजित किया जाएगा। सुरक्षा के लिए, ताबूतों की भी सैपरों द्वारा जांच की जाएगी। नागरिकों के ताबूतों को पहचान के लिए अबू कबीर फोरेंसिक संस्थान ले जाया जाएगा, जिसमें एक-दो दिन लग सकते हैं। वहीं, मारे गए सैनिकों के शवों को पहचान के लिए IDF के शूरा कैंप ले जाया जाएगा।
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