Israel Gaza Airstrike: गाजा में फिर बरसे इजराइल के बम! ‘नाजुक' सीजफायर टूटा या बचा? जानिए 5 बड़ी बातें
Israel Gaza Airstrike: गाजा में मुश्किल से एक हफ्ता भी नहीं गुजरा था कि हालात फिर से विस्फोटक हो गए। अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम अब डगमगाने लगा है। रविवार (19 अक्टूबर) को इजराइल ने गाजा में भीषण हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 36 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। इजराइल का दावा है कि उसके दो सैनिकों की मौत के बाद ये कार्रवाई की गई, जबकि हमास ने इसे "झूठा बहाना" बताते हुए कहा कि "पहले हमला इजराइल ने किया।"
हालांकि दोनों पक्षों ने बाद में कहा कि वे युद्धविराम बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हालात बेहद नाज़ुक हैं। गाजा में हर बम के साथ उम्मीदें भी टूट रही हैं। एक तरफ मानवीय संकट है, तो दूसरी तरफ राजनीतिक जिद। दोनों तरफ की हिंसा अब आम लोगों की जिंदगी पर सबसे भारी पड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद, यह संघर्ष अब भी सुलग रहा है और "नाजुक" युद्धविराम किसी भी पल राख में बदल सकता है। आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम की 5 बड़ी बातें।

1. इजराइल का पलटवार - 120 बम, दर्जनों ठिकाने तबाह
इज़राइल डिफेंस फोर्स (IDF) के मुताबिक, हमास के लड़ाकों ने राफा में उसके सैनिकों पर हमला किया था, जिसमें दो सैनिक मारे गए। इसके बाद इजराइल ने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की। IDF ने बताया कि उसने लड़ाकू विमानों और तोपों की मदद से गाजा पट्टी में दर्जनों आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस दौरान 120 से ज्यादा बम गिराए गए और करीब छह किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंगों को नष्ट किया गया। इजराइल का दावा है कि ये सुरंगें हमास के गुप्त नेटवर्क का हिस्सा थीं, जिनका इस्तेमाल राज्य के खिलाफ आतंकी योजनाओं के लिए किया जा रहा था।
2. हमास का पलटवार-पहले हमला इजराइल ने किया
हमास ने इजराइल के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। संगठन ने कहा कि रफ़ा में उनकी कोई सक्रिय यूनिट नहीं थी और कई महीनों से उन इलाकों में उनका संपर्क टूटा हुआ है। हमास ने कहा, "यह हमला युद्धविराम को तोड़ने का बहाना है। इजराइल खुद समझौते की अवहेलना कर रहा है ताकि गाजा पर फिर से बमबारी का रास्ता साफ किया जा सके।"
3. गाजा में बढ़ता दर्द-बच्चों समेत 36 की मौत
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, रविवार को हुए हमलों में कम से कम 36 लोगों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। नुसेरत और बुरेज शरणार्थी कैंप में सिर्फ अल-अवदा अस्पताल को ही 24 शव मिले। जवाइदा में एक कॉफी हाउस पर हमला हुआ, जिसमें छह लोग मारे गए। वहीं, खान यूनिस में दो बच्चों समेत चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई। अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में 68,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। दूसरी ओर, हमास के शुरुआती हमले में इज़राइल में करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था।
4. राहत सामग्री पर रोक, फिर सोमवार से बहाल
इजराइल ने हालिया तनाव के बाद गाजा में मानवीय सहायता भेजने पर अस्थायी रोक लगा दी थी। एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि यह रोक सिर्फ "सुरक्षा कारणों" से थी और सोमवार से सहायता की डिलीवरी फिर शुरू होगी। राफा बॉर्डर, जो पहले मिस्र के नियंत्रण में था, अब भी "अगले आदेश तक बंद" रहेगा।
5. अमेरिका की प्रतिक्रिया, सीजफायर बरकरार है, लेकिन नाजुक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम अभी भी लागू है, लेकिन माना कि "हमास के कुछ लोग गोलीबारी कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "हो सकता है कि यह हमास की ऊपरी लीडरशिप का नहीं बल्कि कुछ बागी लड़ाकों का काम हो। लेकिन हालात को सख्ती और समझदारी से संभाला जाएगा।" अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने भी संकेत दिया कि वे जल्द ही इज़राइल का दौरा कर सकते हैं ताकि "जमीनी हालात का जायजा" ले सकें। उन्होंने कहा, सीजफायर फिलहाल चालू है, लेकिन यह उतार-चढ़ाव वाले दौर में है।
क्या फिर भड़क सकता है युद्ध?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो संघर्ष दोबारा शुरू हो सकता है। मिस्र, अमेरिका और अन्य देशों की कोशिश है कि दोनों पक्ष संयम बरतें, लेकिन जमीन पर हालात काफी तनावपूर्ण हैं। गाजा में अब भी भुखमरी, बीमारियां और बर्बादी का साया है, जबकि इजराइल अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क है। हर ओर यह सवाल गूंज रहा है -क्या यह युद्धविराम टिकेगा या एक और तबाही की दस्तक करीब है?












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