Pakistan: माशूका से मिलने चला गया सरहद पार, पाकिस्तान में भारतीय नागरिक गिरफ्तार, कौन है बादल सिंह?
Pakistan News: पाकिस्तानी मीडिया में दावा किया गया है, कि पुलिस ने एक भारतीय नागरिक को अवैध तरीके से देश में घुसने और रहने के लिए गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि भारतीय नागरिक, अपनी माशूका से मिलने के लिए बिना वैध दस्तावेज के पाकिस्तान में रह रहा था।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने एक भारतीय नागरिक बादल सिंह को बिना जरूरी कानूनी दस्तावेजों के पाकिस्तान में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी सदर पुलिस के अधिकार क्षेत्र में मोंग इलाके में एक केंद्रित अभियान के दौरान हुई। ये गिरफ्तारी पाकिस्तानी पंजाब के मंडी बहाउद्दीन इलाके में की गई है।

पाकिस्तान में भारतीय नागरिक गिरफ्तार (Indian Citizen Arrested in Pakistan)
दावा किया गया है, कि बादल सिंह वैध वीजा या निवास परमिट पुलिस को नहीं दिखा पाया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कहा गया है, कि बादल सिंह को विदेशी अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है। अपने बयान में बादल सिंह ने खुलासा किया, कि वह भारत के अलीगढ़ में नगला खटकरी का रहने वाला है। पुलिस ने कहा है, कि उसे मुखबिर के जरिए उसके बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, आव्रजन कानूनों का उल्लंघन करने के लिए उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तारी के बाद बादल सिंह को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। उसे जेल भेज दिया गया है, और उसके अवैध प्रवास की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
वहीं, पाकिस्तानी न्यूज चैनल बोल न्यूज के रिपोर्टर गुलाम अब्बास शाह ने एक ट्वीट के जरिए दावा किया है, कि बादल सिंह अपने प्यार के लिए बगैर वीजा के पाकिस्तान पहुंच गया था। उन्होंने लिखा है, कि "प्यार की तलाश में अवैध रूप से पाकिस्तान में घुसने के आरोप में भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। अलीगढ़ के रहने वाले भारतीय नागरिक बादल बाबू को फेसबुक पर पाकिस्तानी लड़की से प्यार हो गया था और वो उससे मिलने आया था। जिसके बाद अवैध रूप से पाकिस्तान में घुसने के आरोप में मंडी बहाउद्दीन में उसे गिरफ्तार किया गया। विदेशी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए जाने के बाद वह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है। पुलिस ने इसे एक संवेदनशील मामला बताया है।"
हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया और पत्रकारों की तरफ से किए गये दावों की पुष्टि करने में असमर्थ हैं और हम तस्दीक नहीं कर सकते हैं, कि क्या ये घटना वैसा ही है, जैसा दावा किया जा रहा है, या फिर इस रिपोर्ट में कोई सच्चाई नहीं है।












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