भारत में आतंक फैलाने तालिबान ने अमेरिकी हथियार भेजे पाकिस्तान, इंडियन आर्मी ने कहा- पाकिस्तान में मचेगी तबाही!
तालिबान ने अत्याधुनिका घातक हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान को की है और इंडियन आर्मी ने कहा है कि वो आतंकियों को जहन्नुम भेजने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
काबुल/नई दिल्ली, अगस्त 24: इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि तालिबान के हाथ जो अरबों रुपये के घातक अमेरिकी हथियार लगे हैं, उसकी सप्लाई पाकिस्तान को की जा रही है। रिपोर्ट है कि तालिबान के आतंकियों ने भारी तादाद में अमेरिकी हथियारों की खेप पाकिस्तान भेज रहा है। द मिरर की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की मंजूरी मिलने के बाद तालिबान के आतंकी अमेरिकी हथियारों को पाकिस्तान भेज रहे हैं और एक्सपर्ट्स ने आशंका जताते हुए कहा है कि इन हथियारों को भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन, भारतीय सेना ने कहा है कि अगर तालिबान अमेरिकी हथियार को पाकिस्तान में भेज रहा है, तो पहली तबाही पाकिस्तान में ही मचने वाली है।

पाकिस्तान में ही मचेगी तबाही
भारतीय सेना के सीनियर अधिकारियों का कहना है कि तालिबान जिन घातक हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान में कर रहा है, उन हथियारों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी भारत में एक्टिव आतंकी संगठनों तक पहुंचाने की कोशिश करेगी। लेकिन, भारतीय सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि सीमा पर भारतीय जवान इतने मुस्तैद और अलर्ट हैं कि अगर हथियार पहुंचाने की कोशिश की जाएगी तो उन आतंकियों को सीधे जहन्नुम भेज दिया जाएगा। भारत के सीनियर मिलिट्री अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि ''हमारे पास कई ऐसे इनपुट्स आए हैं, जिसमें ऐसी संभावना जताई गई है कि अमेरिकी हथियार, खासकर छोटे-छोटे हथियार पाकिस्तान भेजे गये हैं। लेकिन, अफगानिस्तान में तालिबान की जीत के बाद पाकिस्तान में खुद इतने आतंकी संगठन एक्टिव हो गये हैं, कि उन हथियारों से पाकिस्तान में ही तबाही मचेगी।

6.5 लाख हथियार भेजे जाने की खबर
ऐसी आशंका है कि अमेरिकन सेना ने 6.5 लाख छोटे मगर घातक हथियार, जिनमें एम-16 और एम-14 असॉल्ट राइफल शामिल हैं, अफगानिस्तान आर्मी को सौंपे थे। इसके साथ ही पिछले 20 सालों में अमेरिका ने कई और स्मॉल और मीडियम रेंज के हथियार भी अफगानिस्तान आर्मी को सौंपे थे, जो अब तालिबान के हाथ में है। इसके साथ ही काफी ज्यादा कम्यूनिकेशन संयंत्र भी तालिबान ने अफगान सैनिकों से छीन लिए हैं। इनके साथ ही तालिबान के हाथ में भारी संख्या में बुलेटप्रूफ जैकेट्स, नाइट विजन चश्मे भी तालिबान ने छीन लिए हैं और अब माना जा रहा है कि ये तमाम हथियार और यंत्र पाकिस्तान में स्थिति अलग अलग आतंकी संगठनों तक पहुंचा दिए गये हैं। रिपोर्ट है कि अमेरिकन हथियार पाकिस्तान आर्मी तक भी पहुंचा दिए गये हैं।

तैयार है इंडियन आर्मी
भारतीय सेना के सीनियर सूत्रों ने कहा है कि एंटी टेरेरिस्ट ग्रुप पूरी तरह से कश्मीर की घाटी में एक्टिव है और एक एक गतिविधियों पर नजर रख रही है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना के जवान अत्याधुनिक हथियारों से लैश होकर दुश्मन की हर एक साजिश को रोकने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने 2002 से 2017 के बीच अफगान सेना को 28 अरब डॉलर के हथियार दिए हैं, जिनमें बंदूक, रॉकेट, नाइट विजन गॉगल्स और खुफिया जानकारी जुटाने वाले छोटे ड्रोन शामिल हैं। 2003 से 2016 के बीच अफगान सेना को 208 विमान व हेलीकॉप्टर दिए गए। इनमें से 40 से 50 विमान अफगान पायलट तालिबान हमले के दौरान उज्बेकिस्तान लेकर भागने में सफल रहे। एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने सबसे ज्यादा चिंता तालिबान के हाथ लगे नाइट-विजन गॉगल्स और कम्युनिकेशंस उपकरण हैं। लेकिन, इंडियन आर्मी का कहना है कि वो हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और भारत की तरफ बढ़ने वाले एक-एक आतंकी हाथ को काट दिया जाएगा।

कश्मीर में तालिबान का डर
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान जिस तरह से महिलाओं पर जुल्म करता है, उसे लेकर डर कश्मीर की घाटी के स्थानीय लोगों में भी है। वहीं, अगर अफगानिस्तान से आतंकी कश्मीर की तरफ आते हैं, तो उन्हें काफी आसानी से पहचान लिया जाएगा और मौत के घाट उतार दिया जाएगा। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दिनों कश्मीर के कई इलाकों में स्थानीय लोगों ने खुद आतंकियों के बारे में सेना को खबर देना शुरू कर दिया है और कई आतंकियों को पकड़ कर कश्मीर के स्थानीय निवासियों ने खुद सेना के हवाले किया है। लिहाजा, इंडियन आर्मी का मानना है कि अगर अफगानिस्तान से आतंकी कश्मीर की तरफ आते हैं तो उनका बचना नामुमकिन है। इंडियन आर्मी के सूत्रों का कहना है कि सीमा पर सुरक्षा इतनी सख्त है कि अगर कोई आतंकी सीमा पार करने की कोशिश करेगा तो उसे सीधे जहन्नुम पहुंचा दिया जाएगा।

तालिबान के हाथ खतरनाक हथियार
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की तरफ से अफगान बलों को दिए गए 6 लाख इंफेंट्री हथियार, जिनमें घातक एम16 असॉल्ट राइफल और 162,000 संचार उपकरण भी शामिल है, अब तालिबान के कब्जे में हैं। अमेरिका ने अफगान सेना को 2003 से 16000 नाइट-विजन गॉगल्स उपकरण दिए थे। अब इनमें से अधिकतर तालिबान के कब्जे में हैं। जो रात को लड़ने की क्षमता असली गेमचेंजर साबित हो सकती है। अफगानिस्तान में सैन्य अभियान की देखरेख करने वाली यूएस सेंट्रल कमांड के 2016 से 2019 तक प्रमुख रहे रिटायर्ड जनरल जोसेफ वोटल तालिबान के हाथ लगी मशीन गनों, मोर्टारों और कई हॉवित्जर तोप को वहां के गृह युद्ध में बेहद अहम मान रहे हैं।












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