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India US Trade Deal: अमेरिकी सांसद ने भारत के पक्ष में बोलते हुए ट्रंप की क्यों लगा दी क्लास, क्या है मामला?

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील की आधिकारिक घोषणा के बाद अमेरिकी राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर आयात शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के फैसले का स्वागत करते हुए अमेरिकी सांसद सिडनी कामलागर-डोव ने इसे संबंधों की नई शुरुआत बताया है।

हालांकि, उन्होंने पूर्व में लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी टैरिफ की कड़ी आलोचना करते हुए इसे दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग में बड़ी बाधा करार दिया। यह समझौता न केवल आर्थिक व्यापार को गति देगा, बल्कि क्वाड (QUAD) जैसे महत्वपूर्ण मंचों पर भी दोनों देशों की साझेदारी को पुनर्जीवित करने की क्षमता रखता है।

India US Trade Deal

सिडनी कामलागर-डोव की ट्रंप को नसीहत

अमेरिकी कांग्रेस सदस्य सिडनी कामलागर-डोव ने ट्रंप प्रशासन को पुरानी गलतियों से सीखने की सलाह दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि भारत पर लगाए गए मनमाने 50 प्रतिशत टैरिफ ने द्विपक्षीय सहयोग के एक पूरे साल को बर्बाद कर दिया। उनके अनुसार, व्यापारिक तनाव के कारण वार्षिक क्वाड शिखर सम्मेलन जैसी महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाएं भी प्रभावित हुईं। अब जब समझौता हो चुका है, तो संबंधों में किसी भी तरह के गतिरोध के लिए कोई जगह नहीं बचती है।

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टैरिफ विवाद और रूसी तेल का मुद्दा

सांसद डोव ने विशेष रूप से उस 50 प्रतिशत टैरिफ की आलोचना की, जिसका आधा हिस्सा (25 प्रतिशत) भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद से जुड़ा था। उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों ने सार्थक सहयोग में बाधा उत्पन्न की। इस नई ट्रेड डील के तहत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करना एक सुधारात्मक कदम है। इससे न केवल व्यापारिक लागत कम होगी, बल्कि भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच आपसी समझ और विश्वास बढ़ेगा।

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खोए हुए समय की भरपाई की अपील

सिडनी कामलागर-डोव ने जोर देकर कहा कि प्रशासन को अब "खोए हुए समय" की भरपाई के लिए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने भारत के साथ सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों, जैसे कि रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने की वकालत की। सांसद का मानना है कि व्यापारिक बाधाओं के हटने के बाद अब अमेरिका और भारत को एक साझा विजन के साथ आगे बढ़ना चाहिए ताकि वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना किया जा सके और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।

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मोदी-ट्रंप की दोस्ती और भविष्य की राह

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति 'मित्रता और सम्मान' का प्रतीक बताया है। अपने 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट में ट्रंप ने मोदी को अपना सबसे करीबी दोस्त और एक शक्तिशाली नेता करार दिया। टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करना इसी व्यक्तिगत केमिस्ट्री का नतीजा माना जा रहा है। यह ट्रेड डील न केवल भारतीय निर्यातकों के लिए राहत की खबर है, बल्कि यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव और स्थिरता के लिए भी एक रणनीतिक जीत साबित हो सकती है।

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