India-US Trade Deal: 500 अरब डॉलर, रूसी तेल पर ब्रेक! क्या हैं टैरिफ डील की शर्तें जिन्होंने दुनिया को चौंकाय
India-US Trade Deal Explained: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं के बाद एक बड़ा ब्रेकथ्रू सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को भारत के साथ नए ट्रेड डील का ऐलान किया, जिसमें पारस्परिक टैरिफ में कमी, अमेरिकी उत्पादों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की बात कही गई।
इस समझौते की पुष्टि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की है, जिन्होंने ट्रंप से फोन पर बातचीत के बाद टैरिफ में कटौती का स्वागत किया। बता दें कि करीब 12 महीने तक चली कठिन और तनावपूर्ण बातचीत के बाद आए इस समझौते को दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम माना जा रहा है।

बीते एक साल में अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ और रूसी तेल खरीद को लेकर विवाद के चलते द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में खटास आ गई थी। ऐसे में इस डील को तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
India US Tariff Reduction: 18% हुआ अमेरिकी टैरिफ, पीएम मोदी ने की पुष्टि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि अब 'मेड इन इंडिया' उत्पादों पर अमेरिका में 18% का टैरिफ लगेगा। यह पहले के 25% पारस्परिक टैरिफ से काफी कम है और पाकिस्तान पर लागू 19% टैरिफ से भी कम बताया जा रहा है। पीएम मोदी ने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत बेहद सुखद रही और 1.4 अरब भारतीयों की ओर से उन्होंने इस फैसले के लिए आभार जताया।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र साथ काम करते हैं, तो इससे लोगों को फायदा होता है और आपसी सहयोग के नए अवसर खुलते हैं। उन्होंने वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए ट्रंप के नेतृत्व की भी सराहना की।
Trade Deal Impact India US: $500 अरब के बदले रूसी तेल पर रोक
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर दावा किया कि यह समझौता सिर्फ टैरिफ कटौती तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, भारत अमेरिकी सामानों पर अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर्स को शून्य तक लाने पर सहमत हुआ है और अमेरिका से 500 अरब डॉलर से अधिक के ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, कृषि उत्पाद, कोयला और अन्य वस्तुएं खरीदेगा।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करेगा और इसके बदले अमेरिका (और संभवतः वेनेजुएला) से ज्यादा ऊर्जा खरीदेगा। उन्होंने इस कदम को रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों से भी जोड़ा। व्हाइट हाउस के मुताबिक, रूसी तेल से जुड़े 25% दंडात्मक टैरिफ को भारत के आयात रोकने की सहमति के बदले हटाया जाएगा, जिससे कुल टैरिफ 18% रह जाएगा।
भारत की ने क्या कहा?
जहां अमेरिकी पक्ष ने समझौते को व्यापक बताया है, वहीं भारत की आधिकारिक प्रतिक्रियाएं फिलहाल टैरिफ में राहत तक सीमित हैं। पीएम मोदी, अश्विनी वैष्णव और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के बयानों में रूसी तेल खरीद रोकने या 500 अरब डॉलर की अमेरिकी खरीद का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इससे यह संकेत मिलता है कि समझौते के कुछ पहलुओं पर अभी औपचारिक दस्तावेज या विस्तृत शर्तें सामने आना बाकी हैं।
'विन-विन' डील: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस समझौते को "विन-विन ट्रेड डील" बताया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के उद्योगों और नागरिकों को लाभ मिलेगा। हालांकि, भारत की ओर से अब तक सार्वजनिक बयानों में केवल टैरिफ में कटौती की पुष्टि की गई है, न कि रूसी तेल खरीद रोकने या 500 अरब डॉलर की अमेरिकी खरीद जैसे दावों की।
क्या रहा समझौते तक पहुंचने का डील?
यह समझौता उस समय सामने आया है जब भारत और अमेरिका ने पिछले साल फरवरी में औपचारिक व्यापार वार्ताएं शुरू की थीं। इस दौरान छह औपचारिक दौर और कई अनौपचारिक बैठकों के बाद सहमति बनी। दिसंबर 2025 में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का एक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया था। इससे पहले अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ लगाए थे, जिनमें रूसी तेल से जुड़ा 25% दंडात्मक शुल्क भी शामिल था।
फिलहाल भारत-अमेरिका ट्रेड डील का पूरा टेक्स्ट सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि टैरिफ कटौती के अलावा ऊर्जा, रक्षा, टेक्नोलॉजी और कृषि जैसे क्षेत्रों में भारत ने क्या-क्या प्रतिबद्धताएं ली हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह डील पूरी तरह लागू होती है, तो इससे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई मिल सकती है और वैश्विक व्यापार संतुलन पर भी असर पड़ सकता है। यह समझौता भारत-अमेरिका संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, लेकिन इसके हर पहलू की असल तस्वीर विस्तृत दस्तावेज सामने आने के बाद ही साफ होगी।
-
फ्रांस में गूंजेगा भारत का नाम! 'एवियन समिट' में शामिल होंगे PM Modi, G7 बैठक में जयशंकर-बैरो की बड़ी बातचीत -
Middle East Crisis पर PM मोदी ने CM संग बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, क्या है सरकार का 7 एम्पावर्ड ग्रुप्स प्लान? -
Donald Trump के हस्ताक्षर से चलेगी पूरी दुनिया? 165 साल का इतिहास खत्म! डॉलर पर होंगे राष्ट्रपति ट्रंप के साइन -
UDAN 2.0 Scheme: देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे, केंद सरकार ने उड़ान-2.0 योजना को दी मंजूरी -
LPG GAS Crisis Big News: Delhi के लिए खुशखबरी! इन 7 कैटेगरी में बंटा कमर्शियल LPG कोटा 20% से बढ़ाकर 50% हुआ -
1987 का ‘ट्रंप ऐड’ आज बना अमेरिका की रणनीति? ईरान पर वही पुरानी जिद फिर दिखी, दुनिया के लिए खतरे की घंटी! -
Delhi: गैस किल्लत पर भड़कीं आम आदमी पार्टी, दिल्ली विधानसभा के बाहर विधायकों ने किया प्रदर्शन -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार -
Middle East War: ट्रंप बनने वाले थे ईरान के सुप्रीम लीडर? ईरान ने दिया डोज, हो गए अरमान ठंडे -
Trump Iran War: 'समझौते की भीख मांग रहा है ईरान' मिडिल ईस्ट जंग के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, क्या खत्म होगी जंग? -
Iran America War: ईरान की वो मिसाइलें जिसकी मार ने ट्रंप को कराया सरेंडर! दुबई-कतर, सऊदी में मचाया हाहाकार -
Trump China Visit: युद्ध के माहौल में चीन दौरे पर जा रहे हैं ट्रंप, 14-15 मई को बीजिंग में 'ग्रैंड डील'












Click it and Unblock the Notifications