Ram Temple Scam: Mastermind Anukalp Mishra कौन? बुआ ने किया पर्दाफाश, बताया घोटाले की रकम कहां खर्च की?

Ram Temple Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में मुख्य साजिशकर्ता माने जा रहे अनुकल्प मिश्रा का पर्दाफाश उनकी चाची नेहा मिश्रा ने किया है। नेहा ने दावा किया है कि अनुकल्प ने मंदिर प्रशासन में नौकरी लगने के बाद थोड़े ही समय में नोएडा में महंगा फ्लैट और कई जगहों पर कीमती जमीनें खरीदीं।

साथ ही अपने करीबियों को भी मंदिर ट्रस्ट में नियुक्तियां दिलवाईं। यह खुलासा राम मंदिर चढ़ावा घोटाले को नया मोड़ दे रहा है, जहां SIT जांच चल रही है और कई लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कौन है अनुकल्प? कैसे और कहां खर्च कर दी रकम?

ram-mandir-donation-scam

Who Is Mastermind Anukalp Mishra: अनुकल्प मिश्रा कौन हैं?

अनुकल्प मिश्रा अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र के बसवान गांव के निवासी हैं। राम मंदिर ट्रस्ट में दान राशि गिनने और रखरखाव से जुड़ी ड्यूटी पर तैनात थे। पुलिस और SIT जांच के अनुसार, वे इस घोटाले के मुख्य मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। उनके भाई लवकुश मिश्रा और अन्य परिचित भी इस मामले में आरोपी हैं।

नेहा मिश्रा के अनुसार, अनुकल्प का गांव में काफी प्रभाव था। उन्होंने मंदिर के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ अच्छे संबंध बनाए हुए थे, जिसका उन्होंने व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल किया।

ram-mandir-donation-scam

Who Is Neha Mishra : बुआ नेहा मिश्रा का बड़ा खुलासा

नेहा मिश्रा ने अनुकल्प पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर में नौकरी मिलने के बाद अनुकल्प की आर्थिक स्थिति अचानक सुधर गई।

मुख्य आरोप:

  • अनुकल्प ने नोएडा में एक महंगा फ्लैट खरीदा।
  • कई जगहों पर कीमती जमीनें खरीदीं।
  • बहनोई लवकुश मिश्रा को भी मंदिर प्रशासन में नौकरी दिलवाई।
  • अप्रैल में आयोजित भगवत कथा में भारी धनराशि खर्च की, जिसमें ट्रस्ट महासचिव चंपत राय दो-तीन बार शामिल हुए।
  • रिश्तेदारों को आर्थिक मदद देने लगा।

नेहा ने दावा किया कि अनुकल्प ने मंदिर प्रशासन में नियुक्तियां करवाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया। वरिष्ठ अधिकारी उनके कार्यक्रमों में शामिल होते थे, जो उनकी पहुंच को दर्शाता है।

तलाकशुदा है अनुकल्प की चाची

नेहा मिश्रा की शादी 2016 में अनुकल्प के चाचा बिजेंद्र मिश्रा से हुई थी। लेकिन पति के अवैध संबंधों के कारण कुछ महीनों बाद ही तलाक हो गया। मामला अभी पारिवारिक अदालत में लंबित है।

नेहा के अनुसार, अदालत के आदेश के बावजूद बसवान गांव में उन्हें एक कमरा दिया गया था। भगवत कथा के दौरान अनुकल्प, उनके पिता रविंद्र मिश्रा और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर उनके कमरे का ताला तोड़ दिया और सामान फेंक दिया।

30 अप्रैल को जब नेहा अपनी मां और बहनों के साथ गोरखपुर से बसवान पहुंचीं, तो अनुकल्प और उनके लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इनायतनगर पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन थाना प्रभारी रतन शर्मा मौके पर पहुंचने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय नेहा से पूछताछ की गई कि वे गांव क्यों आई हैं।

घोटाले की रकम कहां खर्च हुई?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेहा मिश्रा के खुलासे में बताया-

  • अनुकल्प ने मंदिर में नौकरी मिलने के बाद पांच-छह जगहों पर महंगी जमीनें खरीदीं।
  • नोएडा में फ्लैट खरीदकर बिजेंद्र मिश्रा (दूसरी पत्नी के साथ) को दिया।
  • रिश्तेदारों और दूसरी पत्नी के परिवार को आर्थिक सहायता दी।
  • भगवत कथा जैसे कार्यक्रमों में भारी खर्च करके शान-शौकत दिखाई।

यह खुलासा SIT जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें संपत्ति की खरीदारी और प्रभाव का दुरुपयोग दोनों शामिल हैं।

राम मंदिर चढ़ावे से 7.5 करोड़ रुपये गायब, कहां गए?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला तब सुर्खियों में आया, जब पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने 5 से 7.5 करोड़ रुपये गायब होने का आरोप लगाया। SIT जांच में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अवनीश, करुणे और टिन्नू यादव जैसे नाम सामने आए। अब तक 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की रिकवरी हो चुकी है।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शुरू में इन आरोपों से इनकार किया था, लेकिन SIT ने कई दिनों तक पूछताछ की। अनुकल्प मिश्रा को इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

SIT जांच की प्रगति

SIT ने ट्रस्ट अधिकारियों, बैंक स्टेटमेंट, नोट गिनने वाली एजेंसी और कर्मचारियों से पूछताछ की है। अनुकल्प मिश्रा की भूमिका दान राशि गिनने, रखरखाव और जमा प्रक्रिया में बताई जा रही है। नेहा मिश्रा के खुलासे के बाद SIT उनकी स्टेटमेंट भी दर्ज कर सकती है।

इस घोटाले पर विपक्ष ने सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने कहा है कि कोई भी दोषी बचेगा नहीं। CM योगी आदित्यनाथ ने SIT से निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया है।

परिवारवाद और प्रभाव का दुरुपयोग?

नेहा मिश्रा का बयान परिवार के अंदरूनी कलह को भी उजागर करता है। यह दिखाता है कि मंदिर जैसे पवित्र स्थल से जुड़े पदों का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए कैसे किया जा सकता है। अनुकल्प ने न केवल खुद संपत्ति जुटाई, बल्कि पूरे परिवार को फायदा पहुंचाया।

आगे क्या?

  • SIT अनुकल्प मिश्रा और अन्य आरोपियों की संपत्तियों की जांच कर रही है।
  • नेहा मिश्रा की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई की उम्मीद।
  • अदालत में मामले की सुनवाई जारी।
  • राम भक्तों में आक्रोश, जांच रिपोर्ट का इंतजार।

अनुकल्प मिश्रा मामला राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की गहराई दिखाता है। एक तरफ करोड़ों राम भक्तों की आस्था जुड़ी है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने इसे निजी फायदे का जरिया बनाया। नेहा मिश्रा का पर्दाफाश इस बात की पुष्टि करता है कि घोटाले की रकम महंगी संपत्तियों, फ्लैटों और पारिवारिक लाभ में खर्च हुई।

SIT की निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी। राम मंदिर ट्रस्ट को पारदर्शिता बनाए रखनी होगी, ताकि करोड़ों भक्तों का विश्वास बना रहे। कोई भी दोषी हो, उसे सजा मिलनी चाहिए, यह पूरे देश की मांग है।

Ram Mandir Scam: 'कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले उपदेश दे रहे, 15 दिन में दूध का दूध और पानी का पानी'- CM योगी
Ram Mandir Scam: 'कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले उपदेश दे रहे, 15 दिन में दूध का दूध और पानी का पानी'- CM योगी
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+