आंगनबाड़ी सेविका के बेटे सोमनाथ मंडल ने BPSC में लहराया परचम, बताया अपनी सफलता का सिक्रेट!
Somnath Mandal: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का परिणाम आने के बाद राज्य के कई गांवों और कस्बों में खुशियां मनाई जा रही हैं। इन्हीं सफल उम्मीदवारों में कटिहार जिले के कदवा प्रखंड के रहने वाले सोमनाथ मंडल भी शामिल हैं, जिन्होंने 1467वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार का सपना पूरा किया है। साधारण परिवार से आने वाले 22 वर्षीय सोमनाथ की यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच लगातार मेहनत करते हुए यह मुकाम हासिल किया।
BPSC रिजल्ट सामने आने के बाद गांव में बधाई देने वालों का तांता लग गया। लोग इसे सिर्फ एक छात्र की सफलता नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए गर्व का पल बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सोमनाथ की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार संघर्ष करते हैं।

कटिहार के सागरथ पंचायत से निकले सफल उम्मीदवार
सोमनाथ मंडल कदवा प्रखंड के सागरथ पंचायत के निवासी हैं। उनके पिता रामनाथ मंडल पंचायत के पूर्व मुखिया रह चुके हैं। सफलता के बाद सोमनाथ ने बताया कि परिवार के सहयोग और बुजुर्गों के आशीर्वाद ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपनी मां जुली देवी और दादा स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद मंडल को अपनी सफलता का श्रेय दिया।
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सोमनाथ की शुरुआती शिक्षा कटिहार के कुम्हड़ी क्षेत्र में हुई। स्कूल स्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 2016 में सीबीएसई बोर्ड से दसवीं की परीक्षा पास की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया में दाखिला लिया और वर्ष 2023 में जूलॉजी विषय से स्नातक की डिग्री हासिल की।
रोजाना 5 से 7 घंटे करते थे पढ़ाई
सोमनाथ ने बताया कि बीपीएससी जैसी परीक्षा के लिए उन्होंने नियमित रूप से पढ़ाई की। तैयारी के दौरान वह हर दिन पांच से सात घंटे पढ़ने का प्रयास करते थे। उनका कहना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए लगातार अभ्यास और खुद पर भरोसा जरूरी होता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे लक्ष्य तय कर मेहनत जारी रखें।
चार भाई-बहनों में सबसे बड़े
सोमनाथ एक भाई और तीन बहनों के बीच सबसे बड़े हैं। परिवार और पड़ोसियों के अनुसार वे बचपन से ही पढ़ाई में रुचि रखते थे। गांव के लोगों का कहना है कि उनकी मेहनत का परिणाम अब सबके सामने है।
परिणाम घोषित होने के बाद उनके घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। शिक्षक, समाजसेवी और स्थानीय लोग लगातार पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। बधाई देने वालों में सुरेश यादव, देवानंद सिंह, सच्चिदानंद सिंह, पंकज यादव, मृत्युंजय वर्मा, सुरेंद्र विश्वास, मनीष विश्वास, सुमंत सिंह और विजय दास समेत कई लोग शामिल रहे।
BPSC में श्रद्धा पांडे रहीं टॉपर
70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में श्रद्धा पांडे ने 593 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। शशांक गौरव 592 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। तीसरा स्थान आयुष बिजॉय को मिला, जिन्हें भी 592 अंक प्राप्त हुए।
इस भर्ती अभियान के जरिए राज्य सरकार के 27 विभागों में 2009 पदों को भरा जाना है। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के 12 और वित्त विभाग में वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी के 6 पद शामिल किए गए थे। इस तरह कुल 2027 रिक्तियों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी की गई।
लाखों उम्मीदवार हुए थे शामिल
इस परीक्षा के लिए करीब 4 लाख 83 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2024 को राज्य के 37 जिलों में बनाए गए 911 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। पटना के बापू परीक्षा परिसर में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद वहां की परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
पुनर्परीक्षा के बाद जारी हुआ अंतिम परिणाम
रद्द हुई परीक्षा के बाद 4 जनवरी 2025 को पटना के 22 केंद्रों पर दोबारा परीक्षा कराई गई, जिसमें 3 लाख 28 हजार 990 उम्मीदवार शामिल हुए। मुख्य परीक्षा के लिए 21,581 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। इसके बाद 5,449 उम्मीदवार साक्षात्कार तक पहुंचे। आयोग ने बताया कि दिव्यांग वर्ग की आठ सीटें खाली रह गईं।
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