India Pak Tension: आतंकवाद में लपेटा अमेरिका का नाम, फिर भी जेडी वेसं लगाए हैं पाक से झूठी उम्मीद

India Pak Tension: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान, पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के मुद्दे को सुलझाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने भारत से कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में क्षेत्रीय तनाव को ना बढ़ाने की सलाह दी है। फॉक्स न्यूज के "स्पेशल रिपोर्ट विद ब्रेट बैयर" शो में दिए गए इंटरव्यू के दौरान वेंस ने कहा, "हमारी उम्मीद है कि भारत इस आतंकवादी हमले का इस तरह से जवाब देगा जिससे क्षेत्रीय संघर्ष न हो।"

क्या सारी उम्मीद भारत से ही करेंगे वेंस?

मतलब वेंस शांति की सारी उम्मीद भारत से कर रहे हैं। शायद वेंस भूल गए हैं कि अमेरिका में हुए 9/11 हमले का मास्टरमाइंड और अल-कायदा का मुखिया ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के ही एबोटाबाद में मिला था। ऐसे में वेंस को ये नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान पर भरोसा करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। हाल ही में जब अमेरिका को अफगानिस्तान छोड़ना पड़ा तो इसमें चीन और रूस के साथ-साथ पाकिस्तान ने भी तालिबान के लड़ाकों को अमेरिका के खिलाफ तैयार होने में सारी मदद मुहैया कराई थी।

India Pak Tension

पाक ने अमेरिका पर लगाया गंदे काम करवाने का आरोप

जिस दिन कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हमला हुआ वेंस अपने परिवार के साथ भारत में ही थे। तब वेंस ने इसकी निंदा भी की थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत तमाम अमेरिकी अधिकारियों ने इस घटना की निंदा की है और इसे आतंकी घटना बताते हुए इंसानियत के खिलाफ बताया है। जबकि पाकिस्तान पर सीधे आरोप लगाए बिना भारत के प्रति समर्थन जताया है। हालांकि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्काई न्यूज के अपने इंटरव्यू में अमेरिका के कहने पर गंदे काम करने का दावा किया था, यहां गंदे काम से आसिफ का मतलब आतंकवादियों को बढ़ावा देने से था।

Take a Poll

अमेरिका, भारत की क्या मदद कर रहा?

अमेरिकी विदेश विभाग भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ विभिन्न स्तरों पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को भारतीय विदेश मंत्री S. जयशंकर और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ चर्चा की। वाशिंगटन ने लगातार दोनों देशों से तनाव कम करने और समाधान की दिशा में काम करने का सलाह दी है।

'पाकिस्तान है पहलगाम का असल जिम्मेदार'

भारत ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने का आरोप लगाया है, जबकि इस्लामाबाद ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि पाकिस्तान को लगता है कि भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई आसन्न है।

अमेरिका क्यों ले रहा इतनी दिलचस्पी?

वाशिंगटन का सहयोगी होने के बावजूद, 2021 में अफ़गानिस्तान से अमेरिका की वापसी के बाद पाकिस्तान का महत्व कम हो गया है। हालांकि, इन न्यूक्लियर पावर से सम्पन्न पड़ोसियों के बीच स्थिरता बनाए रखना क्षेत्रीय शांति के लिए जरूरी है। भारत और पाकिस्तान के बीच सहयोग के लिए अमेरिका की पहल संवाद को बढ़ावा देने और तनाव को आगे बढ़ने से रोकने के लिए है। कश्मीर को लेकर भारत-पाकिस्तान की ऐतिहासिक दुश्मनी में मौजूदा दौर में बढ़ते तनाव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की पैनी नज़र है। कूटनीतिक बातचीत का नतीजा यह तय करने में अहम होगा कि शांति कायम रह सकती है या फिर आगे भी जंग की आशंका है।

कश्मीर में पाक भेजता रहा है आतंकवादी

कश्मीर, जो है तो भारत का एक राज्य लेकिन पाकिस्तान इस बात के सहारे अपने पैर पसारने की कोशिश करता रहा है कि यहां की ज्यादातार आबादी मुस्लिम है। दोनों देशों के आजाद होने के बाद पाकिस्तान ने पहला हमला कश्मीर पर किया था। जिसमें दोनों पाकिस्तान के पास इसका हिस्सा चला गया था। पाकिस्तान ने अतीत में इस क्षेत्र को लेकर कई बार आतंकवाद के सहारे आग लगाने की कोशिशें की हैं। अब हाल ही में हुए हमले के बाद, भारत ने सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया और दोनों देशों ने एक-दूसरे की एयरलाइनों के लिए अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए, जिसके कारण उनकी सीमा पर गोलीबारी हुई।

चीन का प्रभाव कम करना चाहता है अमेरिका

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने की कसम खाई है, जबकि जयशंकर ने रुबियो को बताया कि अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इस बीच, वाशिंगटन अपने कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखता है, भारत के रणनीतिक महत्व को पहचानता है क्योंकि वह इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करना चाहता है।

इस खबर पर आपकी क्या है राय?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+