इमरान ने ISI चीफ को दी धमकी, कहा- कान खोल कर सुन लो, बहुत कुछ मालूम है, पोल खोल दूंगा
इमरान खान का कहना है कि वो सियासी दौरे पर नहीं, बल्कि जिहाद के लिए निकले हैं। रैली को संबोधित करते हुए इमरान खान ने मौजूदा सरकार और सेना पर बेहद संगीन आरोप भी लगाए।
केन्या में पत्रकार अरशद की हत्या के बाद देश में पनप रहे गुस्से को भुनाने के लिए इमरान खान की पार्टी PTI शुक्रवार को लाहौर से इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च पर निकली है। इसे हकीकी आजादी मार्च का नाम दिया गया है। इस रैली में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान भी शामिल हुए हैं। इमरान खान का कहना है कि वो सियासी दौरे पर नहीं, बल्कि जिहाद के लिए निकले हैं। रैली को संबोधित करते हुए इमरान खान ने मौजूदा सरकार और सेना पर बेहद संगीन आरोप भी लगाए।

देश की भलाई के लिए चुप रहाः इमरान खान
देश की खुफिया एजेंसी को कड़ी चेतावनी देते हुए इमरान खान ने कहा कि वह चाहते तो आईएसआई का पर्दाफाश कर सकते थे लेकिन देश की भलाई के लिए उन्होंने ऐसा नहीं किया। इमरान खान ने कहा "DG ISI नदीम अंजुम अपने कान खोल लो और सुनो, मैं बहुत सी चीजें जानता हूं मेरे सीने में इन लोगों के अनगिनत राज दफन हैं, लेकिन मुल्क की इज्जत बनी रहे। इसलिए चुप हूं। मैं बेहतरी के लिए रचनात्मक आलोचना करता हूं अन्यथा मैं बहुत कुछ मैं कह सकता था।"

इमरान खान ने खोला राज
इमरान खान ने कहा, "उन्हें डर था कि मैं लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को नियुक्त करना चाहता हूं। उन्हें डर था कि अगर ऐसा हुआ होता तो इससे उनका भविष्य खराब हो जाएगा।" अपने रुख पर सफाई देते हुए इमरान खान ने कहा, ''मैंने कभी किसी को सेना प्रमुख नियुक्त करने के बारे में नहीं सोचा। मैंने कभी ऐसा फैसला नहीं लिया जो योग्यता के आधार पर न हो।''

इमरान ने फिर की भारत की तारीफ
इमरान खान ने एक बार फिर से भारत के स्वतंत्र विदेश नीति की भूरी-भूरी प्रशंसा की। इमरान खान ने कहा, "भारत मर्जी से रूस से तेल खरीदता है, पाकिस्तानी गुलाम हैं। ये अपने देश के लोगों की भलाई के फैसले नहीं ले पाए। मुल्क के फैसले, मुल्क में ही लिए जाते हैं। अगर रूस सस्ता तेल दे रहा है और देशवासियों को बचाने का विकल्प हमारे पास है, तो हमें किसी से पूछना नहीं चाहिए। कोई दूसरा देश आकर हमें ये न बताए कि पाकिस्तान को क्या करना चाहिए। भारत तो रूस से तेल ले सकता है, लेकिन गुलाम पाकिस्तानियों को इसकी इजाजत नहीं है।"

इमरान बोले- पाकिस्तान को आजाद करना उनका मकसद
इमरान खान ने कहा, "मैं एक स्वतंत्र देश देखना चाहता हूं और न्याय होना चाहिए और लोगों को सुरक्षा और सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। इसके लिए हमें ताकतवर फौज चाहिए। अगर फौज कमजोर है तो मुल्क की आजादी चली जाती है। मैं अपने मुल्क को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता। एक आजाद मुल्क देखना चाहता हूं।" इमरान खान ने कहा कि यह सबसे महत्वपूर्ण यात्रा है जो वह शुरू कर रहे हैं। इमरान ने कहा कि यह मार्च राजनीति के लिए नहीं है और न ही चुनाव या धर्म के लिए है। इस रैली का मकसद एक ही है कि मैं पाकिस्तान को आजाद कराना चाहता हूं।"

पत्रकार अरशद की मौत का ठीकरा ISI पर फोड़ा
इमरान खान ने भाषण के दौरान इस्लामाबाद में केन्या में मारे गए पत्रकार अरशद के नाम पर मीडिया से जुड़ी यूनिवर्सिटी खोलने का भी ऐलान किया। बता दें कि इमरान खान का दावा है कि अरशद शरीफ के कत्ल के पीछे फौज और ISI का हाथ है। अरशद कई राज जानते थे, इसलिए उन्हें मरवा दिया गया। वहीं पाकिस्तान सरकार ने चेतावनी दी है कि लॉन्ग मार्च के दौरान अगर कानून तोड़ा गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मार्च से निपटने के लिए सरकार ने करीब 13000 से अधिक जवानों को राजधानी में तैनात किया है। इसके लिए सरकार ने 41.2 मिलियन पाकिस्तानी रुपए का बजट जारी किया है।












Click it and Unblock the Notifications