Minar-i-Pakistan: बुलेटप्रूफ कंटेनर में घुसकर इमरान ने सरकार को ललकारा, भारत की जमकर की तारीफ
मीनार-ए-पाकिस्तान रैली के पहले सरकार ने खतरे की चेतावनी जारी की थी। पंजाब सरकार ने कहा था कि आतंकवादी इस रैली पर हमला कर सकते हैं। ऐसे में इमरान खान ने अपनी रैली बुलेटप्रूफ कंटेनर के पीछे खड़े होकर दी।

Image: Oneindia
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने आतंकवाद के तीन मामलों में अंतरिम जमानत मिलने के बाद शनिवार देर रात लाहौर के स्मारक मीनार-ए-पाकिस्तान मैदान में रैली का नेतृत्व किया। इस दौरान एक बार फिर से इमरान खान ने भारत की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने आर्थिक बदहाली के लिए पाकिस्तान की मौजूदा सरकार पर इल्जाम लगाया। उन्होंने कहा कि भारत में महंगाई दर 6 फीसदी है जबकि पाकिस्तान में इससे पांच गुणा अधिक 30 फीसदी है। इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान बर्बादी की कगार पर खड़ा है और लोग दाने-दाने को मोहताज हैं।
बुलेट प्रूफ कंटनेर से किया संबोधित
खुद की जान का खतरा होने का दावा करने वाले इमरान खान ने बुलेट प्रूफ शीशे वाले कंटेनर से रैली को संबोधित किया। इस दौरान वे पाकिस्तान सरकार पर जमकर बरसे। इमरान खान ने पीटीआई के 2,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने और प्रताड़ित करने के लिए शहबाज सरकार की आलोचना की। रैली में जुटी लाखों की भीड़ को लेकर इमरान खान ने कहा, 'एक बात तो साफ है, जो भी सत्ता में हैं, उन्हें आज एक संदेश मिला होगा कि बाधाओं और कंटेनरों के जरिए लोगों के जुनून पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता है।'
समस्या से निकलने को लेकर पेश किया रोडमैप
इमरान खान ने कहा कि आज जिस तरह से पाकिस्तान में शक्तिशाली हलकों का व्यवहार हो रहा है, ऐसा लगता है कि इमरान खान ही देश की एकमात्र समस्या है। इस दौरान इमरान खान ने जनता के सामने देश को आर्थिक संकट से निकालने के लिए एक रोडमैप भी पेश किया। इस रोडमैप में इमरान खान ने इस बात पर जोर दिया कि देश को अपने कर संग्रह और निर्यात में सुधार के लिए कठिन निर्णय लेने की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के पास अगर कोई बेहतर एजेंडा है तो वे घर बैठने के लिए तैयार हैं।
देश को बड़ी सर्जरी की जरूरत
इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान को आर्थिक संकट से दूर निकालने के लिए एक बड़ी सर्जरी की आवश्यक्ता है। इमरान ने कहा कि प्रवासी पाकिस्तानी अपना डॉलर देश में लाएंगे, बशर्ते उन्हें प्रोत्साहन दिया जाए। प्रगति हासिल करने के लिए कर उन्होंने टैक्स बेस बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज किए जा रहे हैं। पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कि सत्ता मिलने का यह मतलब यह नहीं है कि इमरान खान के हाथ बांध दो। मेरे खिलाफ सैकड़ों मामले दर्ज किए गए हैं। जिसमें आतंकवाद के 40 मामले में शामिल हैं। ऐसे में अब केस की कुल संख्या 150 तक पहुंच चुकी है।
'क्या मैं आतंकवादी हूं?'
70 वर्षीय इमरान खान ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार वही महसूस किया जो फिलिस्तीन के लोग महसूस करते हैं। इमरान ने कहा, पुलिस ने मेरे घर पर हमला किया क्योंकि वे मुझे झूठे मामलों में गिरफ्तार करना चाहती थीं। पुलिस के साथ झड़प के दौरान लोगों ने मेरा साथ दिया क्योंकि वे जानते थे कि मैं सही हूं। उन्होंने मुझ पर आतंकवाद के 40 मामले दर्ज किए हैं... क्या देश स्वीकार करेगा कि इमरान खान आतंकवादी हैं?"
बाजवा की फटकार सुनते थे शरीफ
100 से भी अधिक मुकदमे झेल रहे इमरान खान ने कहा कि गरीब इस देश में सारी जिंदगी झूठे केस लड़ने में गुजार देते हैं। यदि कानून का शासन नहीं है तो पाकिस्तान का कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने कहा और कहा कि 'असल आजादी' तभी आएगी जब देश में कानून का शासन कायम होगा। रैली में प्रधानमंत्री शहबाज पर तंज कसते हुए इमरान खान ने कहा, 'पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा कि वह शहबाज को 40 मिनट तक डांटते थे और वह कोई प्रतिक्रिया नहीं देते थे और धैर्य से सुनते थे। ऐसा तब होता है जब आप पिछले दरवाजे से सत्ता में आते हैं।'
इमरान ने पूछा, चुनाव कब होंगे?
इमरान खान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने सुरक्षा और वित्तीय बाधाओं के बहाने पंजाब विधानसभा के 30 अप्रैल के चुनाव को 8 अक्टूबर के लिए टाल दिया है। उन्होंने पूछा कि आखिर इसकी गारंटी कौन देगा कि चुनाव अक्टूबर में भी होंगे? सरकार और उसके संचालकों के पास केवल एक सूत्री एजेंडा है कि इमरान खान को सत्ता में लौटने से कैसे रोका जाए। उन्होंने कहा कि 90 दिनों में पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में चुनाव कराकर कानून का राज स्थापित करने के लिए सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर हैं।
सरकार की कोशिश हुई फेल
इससे पहले पाकिस्तान में पंजाब सरकार ने इस रैली को रुकवाने की हर संभव कोशिश की थी। सरकार ने आतंकवादी खतरे की दलील देकर मीनार-ए-पाकिस्तान की ओर जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों को पुलिस ने कंटेनरों और बैरिकेड्स से बंद कर दिया था। इतना ही नहीं पाकिस्तान सरकार ने इस रैली के कवरेज को भी ब्लैक आउट करवा दिया। रैली स्थल पर विशेष रूप से लाहौर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। इसके बावजूद लाखों पीटीआई समर्थक लंबी दूरी तक पैदल चलकर रैली में हिस्सा लेने पहुंचे।












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