इमरान खान के ड्रामे की वजह से बना पाकिस्तान का मजाक, बाइडेन के सलाहकार ने खोली पूर्व PM की पोल
पाकिस्तान में जारी इमरान खान के ड्रामे की वजह से दुनियाभर में देश की खिल्ली उड़ रही है। ऐसा अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन के एडवाइजर शाहिद अहमद खान का कहना है। शाहिद ने ये दावा किया कि अमेरिका का पाकिस्तान की राजनीति से कोई लेनादेना नहीं है।
स्थानीय चैनल जियो न्यूज के एक कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति के सलाहकार शाहिद अहमद खान ने कहा कि इमरान खान के सायफर विवाद ने पाकिस्तान को दुनिया भर में हंसी का पात्र बना दिया है।

बीते साल पीएम पद से हटाए जाने से पहले अप्रैल में इमरान ने अपनी रैली में एक चिट्ठी दिखाई थी। इमरान ने दावा किया था कि चिट्ठी (सायफर) अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट यानी फॉरेन मिनिस्ट्री की तरफ से पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को भेजा गया है।
इमरान ने इसे दिखाते हुए दावा किया कि अमेरिका उन्हें PM की कुर्सी पर नहीं देखना चाहती है और अमेरिका के इशारे पर ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।
साइफर क्या होता है?
साइफर एक गुप्त दस्तावेज होता है, जिसे दूसरे देश में राजदूत अपने देश में भेजते हैं, यदि वे किसी देश या व्यक्ति के बारे में गलत बोलते हैं, तो उन्हें कारण पूछने का अधिकार होता है।
पीएम पद पर रहने के दौरान इमरान खान ने अमेरिका में पाकिस्तानी राजदूत मजीद से अमेरिकियों के बीच पाकिस्तान को लेकर क्या सोच है, इस बारे में जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में मजीद ने एक इंटरनल मेमो लिखा था।
इसमें उन्होंने लिखा था कि व्हाइट हाउस को लगता है कि इमरान सरकार के रहते पाकिस्तान से रिश्ते बेहतर नहीं हो सकते। इमरान खान संभवतः इसी चिट्ठी को अपनी रैली में दिखा रहे थे।
इसे लेकर शाहिद ने कहा कि यह चिट्ठी पाकिस्तान के बारे में थी, इमरान खान के लिए नहीं थी। उन्होंने कहा कि ये एक ऐंबैस्डर का अपने विदेश मंत्रालय को लिखी आंतरिक चिट्ठी थी, जिसका कोई कानूनी महत्व नहीं था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राजनयिकों ने इस बारे में पाकिस्तानी सरकार से बात तक नहीं की।
शाहिद ने कहा कि अमेरिकी डिप्लोमैट्स पाकिस्तान की सरकार से बात तक नहीं करते हैं और न ही अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी लोग वहां की राजनीति में दिलचस्पी लेते हैं। शाहिद ने हैरानी जताते हुए कहा कि पाकिस्तान हर उस देश और संस्था से अपने रिश्ते खराब कर लेता है, जहां से उसके हित जुड़े होते हैं।
शाहिद ने कहा कि अमेरिका का पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान US के लिए एक महत्वपूर्ण देश है और चीन के साथ उसके संबंधों को देखते हुए उसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता है।
शाहिद ने कहा कि IMF भी पाकिस्तान सरकार से खुश नहीं था। वो इस बात से भी नाराज थे कि पिछली सरकार के साथ जो डील हुई थी उसे लागू नहीं किया गया।












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