गाजा में टैंक लेकर घुसा इजराइल, बोलीं हिलेरी क्लिंटन, समर्थन करने वाले नहीं जानते, कितना खतरनाक है हमास
इजराइल गाजा में जमीनी आक्रमण का विस्तार कर रहा है। इजराइली सेना आक्रमक तरीके से टैंकों के साथ गाजा में घुस रही है। अल जजीरा के मुताबिक, लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। कम्युनिकेशन बंद हो गया है।
इजराइल-हमास संघर्ष के बीच अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री ने भी बड़ा बयान दिया है। हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि जो लोग सीजफायर की बात कर रहे हैं वो हमास को नहीं समझते। क्लिंटन ने कहा कि युद्ध विराम संभव नहीं है।

हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि युद्ध विराम हमास के लिए एक तोहफा होगा। उन्होंने कहा कि युद्ध विराम के दौरान हमास खुद को संगठित करेगा ताकि इजरायलियों द्वारा अंतिम हमले को रोकने में सक्षम होने के लिए मजबूत स्थिति बनाई जा सके।
पूर्व विदेश सचिव ने कहा कि "हम एक बहुत ही अलग दुनिया में हैं। मुझे नहीं लगता कि यह वह दुनिया होनी चाहिए जिसमें हम हैं, लेकिन दुर्भाग्य से हम वहीं हैं, और हमें इसके माध्यम से अपना आगे का रास्ता तय करना होगा।"
इससे पहले बीते 27 अक्टूबर को गाजा में इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में पारित हुआ था। इस प्रस्ताव के पक्ष में 120 देशों ने वोट किया था जबकि 14 देशों ने इसके खिलाफ वोटिंग की थी। भारत-ब्रिटेन समेत 45 देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया था।
बता दें कि यह प्रस्ताव जॉर्डन की तरफ से पेश किया गया था। इसमें अहम बात ये थी कि अमेरिका समेत 14 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया था। वहीं भारत के अलावा इस प्रस्ताव से दूरी बनाने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, जापान, यूक्रेन और यूके शामिल थे।
इस बीच फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा दुनिया भर में युद्धविराम को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। शनिवार को लंदन, बर्लिन और रोम में इजराइल-हमास युद्धविराम का आह्वान करने के लिए प्रदर्शन किया गया।
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, हजारों फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क, इटली की राजधानी रोम, जर्मनी की राजधानी बर्लिन में मार्च निकाला।












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