कश्मीरी केसर, सुंदरबन का शहद... G-20 में शामिल हुए विदेशी मेहमानों को मोदी जी ने गिफ्ट में क्या-क्या दिया?
जी20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए राष्ट्राध्यक्षों और अपने देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं को भारत सरकार ने विशेष उपहार प्रस्तुत किए। इसमें कश्मीरी पश्मीना, अराकू, शीशम के संदूक, पश्मीना शॉल, सुंदरवन के शहद, केसर, खादी आदि चीजें शामिल थीं। ये सभी उपहार भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से दुनिया को अवगत कराते हैं।
इसमें हस्तनिर्मित कलाकृतियों और उत्पादों का एक क्यूरेटेड संकलन शामिल था, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में बहुत कुछ बताता है। कुछ उत्पाद सदियों की परंपरा के उत्पाद हैं और उनकी अद्वितीय कारीगरी और गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में पसंद किए जाते हैं। इन्हें कुशल कारीगरों के हाथों से सावधानीपूर्वक बनाया गया था।
ये उत्पाद हमारे देश की अनूठी जैव-विविधता के परिणाम हैं।
शीशम का संदूक
पीएम मोदी ने जी20 सम्मेलन में आए मेहमानों को शीशमवुड बॉक्स सहित विशेष गिफ्ट हैम्पर्स दिए गए। इस पर पीतल की पट्टी लगी हुई थी। शीशम की लकड़ी के इस बॉक्स को हाथों से बनाया गया है, जिस पर बेहद खास कारीगरी की गई। संदूक भारतीय सांस्कृतिक और लोक कथाओं में एक विशेष स्थान रखता है। पहले इसका इस्तेमाल खजाना रखने के लिए होता था।
केसर मसाला
मेहमानों को कश्मीर का केसर भी गिफ्ट के तौर पर दिया गया। केसर को रेड गोल्ड भी कहा जाता है। यह दुनिया सबसे महंगा मसाला है। इसे फारसी में जाफरान और हिंदी में केसर कहते हैं। कश्मीरी केसर को सबसे खास माना जाता है।

केसर की खेती का पूरा काम हाथों से होता है। मात्र एक औंस केसर के लिए हजारों फूलों की हाथ से कटाई की जाती है। सभी संस्कृतियों और सभ्यताओं में केसर औषधीय महत्व के लिए जाना जाता है। केसर एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।
पश्मीना शॉल
कश्मीरी पश्मीना शॉल पूरी दुनिया में अपनी शानदार फैब्रिक और गर्माहट के लिए प्रसिद्ध है। पश्मीना शॉल बेहद रेयर फैब्रिक से तैयार किया जाता है। यह ऊन 14,000 फीट की ऊंचाई पर पाई जाने वाली चांगथांगी बकरी से मिलता है। खास बात ये है कि इन उन के लिए बकरी के बालों की कटाई नहीं की जाती, बल्कि उसे कंधी किया जाता है। पश्मीना शॉल को पूरी तरह हाथ से तैयार किया जाता है।
सुंदरबन का शहद

सुंदरबन दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है। यह बंगाल की खाड़ी में गंगा, ब्रह्मपुत्र नदियों के संगम से बने डेल्टा पर स्थित है। मैंग्रोव शहद बाकी शहद की तुलना में कम चिपचिपा होता है। इसमें फ्लेवोनोइड्स की मात्रा अधिक होती है। इससे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक है।
दार्जिलिंग चाय

दार्जिलिंग चाय भारत के सुरम्य दार्जिलिंग क्षेत्र में उगाई जाने वाली एक विश्व प्रसिद्ध विशेष चाय है। जिसमें पेको दार्जिलिंग और नीलगिरि चाय शामिल हैं। पेको दार्जिलिंग और नीलगिरि चाय भारत की चाय टेपेस्ट्री के दो शानदार रत्न हैं, जो चाय की खेती और कला का प्रतीक हैं। दार्जिलिंग चाय दुनिया की सबसे मूल्यवान चाय है। इसे अक्सर "चाय की शैंपेन" भी कहा जाता है।
जिघराना इत्र

जिघराना इत्र उत्तर प्रदेश के कन्नौज में बनाई जाती है। इसे सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार तैयार किया जाता है। मास्टर कारीगर चमेली और गुलाब जैसे फूलों से यह इत्र तैयार करते हैं।
अरकू कॉफी

अरकू कॉफी को आंध्र प्रदेश की अराकू घाटी के जैविक बागानों में उगाई जाती है। इसे मशीनों या रसायनों का इस्तेमाल किए बिना प्राकृतिक रूप से उगाया जाता है। अरकू कॉफी की सुगंध बेहद खास होती है। अपनी शानदार स्वाद के लिए इसका खूब नाम है।
खादी
खादी वस्त्र पर्यावरण अनुकूल माना जाता है। पहनने में भी ये काफी आरामदायक होता है। इसे कपास, रेशम, जूट या ऊन से बुना जा सकता है। यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे महत्वपूर्ण प्रतीकों में से एक है। इसका नामांकरण महात्मा गांधी ने किया था।












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