सामने आई 6 मीटर लंबी टेबल की सच्चाई! राष्ट्रपति मैक्रों को डर था रूस चुरा लेगा उनका DNA
पेरिस, 11 फरवरी। यूक्रेन विवाद को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिशें जारी हैं, इसी क्रम में बीते सोमवार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच अहम बैठक हुई। कोरोना संकट के बीच दोनों राष्ट्र प्रमुखों के बीच हुई इस मीटिंग पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं, लेकिन यूक्रेन विवाद के अलावा इस मीटिंग से जुड़ी एक और बात ने लोगों को हैरान कर दिया है। बताया जा रहा है कि पुतिन से मिलने से पहले राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूसी कोविड टेस्ट कराने से इनकार कर दिया था, जिसकी वजह से दोनों के बीच करीब 6 मीटर लंबी टेबल रखी गई थी।

सामने आई 6 मीटर लंबी टेबल की सच्चाई
पुतिन और मैक्रों की बैठक की सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि दोनों टेबल पर आमने-सामने बैठे हुए हैं। सोशल मीडिया पर ये टेबल भी काफी चर्चा में रही, जिसको लेकर अब बड़ा दावा सामने आया है। रॉयटर्स के मुताबिक फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसलिए कोरोना वायरस का टेस्ट कराने से इनकार कर दिया था कि कहीं कोविड किट की मदद से रूस के हाथ उनका डीएनए न लग जाए। यही वजह थी कि दोनों के बीच लगभग 6 मीटर की दूरी पर बातचीत हुई।

मैक्रों को दिया गया था विकल्प
बैठक की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीति के जानकारों का मनना था कि इतनी बड़ी टेबल दिखाकर पुतिन दुनिया को राजनयिक संदेश भेजना चाहते हैं। हालांकि अब इसे लेकर कुछ और ही रिपोर्ट सामने आ रही है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति के स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के जानकार दो सूत्रों का कहना है कि इमैनुएल मैक्रों को बैठक से पहले एक विकल्प दिया गया था। या तो वो रूसी अधिकारियों द्वारा किए जा रहे पीसीआर टेस्ट को स्वीकार करें और फिर पुतिन के करीब जाएं। हालांकि उन्होंने टेस्ट कराने से इनकार कर दिया और सख्त कोविड नियमों का पालन करते हुए बैठक में सामान्य से अधिक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया।

'नहीं चाहते कि कोई डीएनए हासिल कर ले'
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने बताया, हम अच्छी तरह जानते थे कि इसका मतलब हाथ मिलाना तो कत्तई नहीं है, और वहां एक लंबी टेबल थी। सुरक्षा कारणों के चलते हम यह बिल्कुल स्वीकार नहीं कर सकते कि रूसी डॉक्टरों द्वारा चेकिंग के बहाने वो राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का डीएनए हासिल कर लें। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस बात की पुष्टि की है कि मैक्रों ने कोरोना टेस्ट कराने से इनकार कर दिया था और रूस को भी इससे कोई समस्या नहीं थी। लेकिन एहतियात के तौर पर पुतिन से उनकी 6 मीटर (20 फीट) की दूरी आवश्यकता थी।
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