France: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने किया इस्लाम पर बिल का ऐलान, तुर्की बोला-मुस्लिम विरोधी भावनाएं भड़केंगी
पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश में बढ़ते इस्लामोफोबिया, रंगभेद और भेदभाव को खत्म करने के मकसद से एक बिल का ऐलान किया है। 'इस्लाम ऑफ द एनलाइटमेंट' नाम के इस बिल को ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। लेकिन अब मैक्रों का यह ऐलान तुर्की के साथ तनाव की वजह बन गया है। तुर्की के विदेश मंत्रालय की तरफ से इस पर बयान जारी कर फ्रांस के खिलाफ नाराजगी का प्रदर्शन किया गया है। तुर्की ने कहा है कि फ्रांस को और ज्यादा बेहतर तरीकों से इस मसले को देखना चाहिए।

फ्रांस में इमामों को मिलेगी ट्रेनिंग
टर्की के विदेश मंत्रालय की तरफ से पांच अक्टूबर को एक बयान जारी किया गया है। इस बयान में कहा गया है, 'किसी को भी हमारे पवित्र धर्म जिसका मतलब है 'शांति' उसके बारे में कुछ भी कहने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और न ही किसी प्रकार की गलत और तोड़-मरोड़कर इसे पेश करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।' विदेश मंत्रालय के मुताबिक बिल को लाने के बाद फ्रांस की समस्याओं का हल नहीं होगा बल्कि इससे समस्या और बढ़ेगी। मैक्रों ने चार अक्टूबर को बिल के बारे में ऐलान किया था। उन्होंने बताया कि बिल का ड्राफ्ट नौ दिसंबर को काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स के पास भेजा जाएगा। मैक्रों का कहना है कि नए उपायों की मदद से फ्रांस के गणतंत्र को सुरक्षित करने और उसके आदर्शों की रक्षा करने में सफलता मिल सकेगी। इसके अलावा कट्टर इस्लामवाद से भी लड़ा सकेगा।
ताकि विदेशी प्रभाव में न आएं इमाम
उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी सरकार की प्राथमिकता यही है। उन्होने कहा कि फ्रांस में इमामों को ट्रेनिंग दी जाएगी और इसके बाद उन्हें एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। मैक्रों का कहना है कि सरकार का मकसद फ्रांस में बसे इमामों को विदेशी इमामों के प्रभाव में आने से रोकना है। मैक्रों ने पिछले दिनों एक बयान में कहा था कि पूरी दुनिया में इस्लाम में एक तरह का संकट दिखाई दे रहा है। टर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्डोगान के प्रवक्ता इब्राहिम कालिन ने ट्विटर पर लिखा, राष्ट्रपति मैक्रों का ये कहना कि इस्लाम में समस्या है, खतरनाक और उकसाने वाला बयान है। इससे इस्लामोफोबिया और मुस्लिम विरोधी भावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।'












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