आलू 220, मूली 500 रुपये किलो, एक वक्त खा रहे लोग, श्रीलंका में आसमान में नहीं, मंगल पर पहुंची महंगाई

श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के Fose Market के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अभी टमाटर के भाव 150 रुपये किलो श्रीलंकाई रुपये पर पहुंच गए हैं। वहीं, मूली का भाव लगभग 500 रुपये प्रति किलो हो चुका है।

कोलंबो, 12 जुलाईः भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका अपनी आजादी के बाद से सबसे बड़े राजनीतिक व आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश में जनता की बगावत के बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे इस्तीफा देने वाले हैं, वहीं, प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे पहले ही इस्तीफा सौंप चुके हैं। इस बीच हजारों लोगों की भीड़ ने पिछले कई दिनों से राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास पर कब्जा जमा रखा है, सड़कों पर सेना तैनात है और पीएम-राष्ट्रपति समेत तमाम बड़े नेता अंडरग्राउंड हो गए हैं। वहीं, खाने-पीने की जरूरी चीजों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं।

तस्वीर- सांकेतिक

बदतर होते जा रहे हालात

बदतर होते जा रहे हालात

श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के Fose Market के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अभी टमाटर के भाव 150 रुपये किलो श्रीलंकाई रुपये पर पहुंच गए हैं। वहीं, मूली का भाव लगभग 500 रुपये प्रति किलो हो चुका है। भोजन बनाने के लिए जरूरी माने जानी चीजें जैसे कि आलू-प्याज की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। कोलंबो के बाजारों में प्याज 200 रुपये किलो और आलू 220 रुपये किलो में बिक रहा है।

एक वक्त का खाना खा रहे लोग

एक वक्त का खाना खा रहे लोग

आलू, प्याज और टमाटर जैसी आम इस्तेमाल की सब्जियों के दाम बढ़ने से श्रीलंका के लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। मिली जानकारी के मुताबिक श्रीलंका में लाखों परिवार भोजन की कमी को देखते हुए बस एक वक्त का खाना खा रहे हैं। सब्जियों के दाम में ऐसे समय आग लगी है, जब पहले से ही श्रीलंका में डीजल-पेट्रोल की कमी हो चुकी है और लोगों को बेतहाशा पावर कट का सामना करना पड़ रहा है।

51 बिलियन अमेरिकी डॉलर का बकाया

51 बिलियन अमेरिकी डॉलर का बकाया

श्रीलंकाई सरकार पर 51 बिलियन अमेरिकी डॉलर का बकाया है और उधार ली गई राशि चुकाना तो दूर की बात है, वह अपने ऋणों पर ब्याज भुगतान करने में भी असमर्थ है। श्रीलंका के आर्थिक विकास का इंजन माने जाने वाला पर्यटन उद्योग भी महामारी और 2019 के आतंकवादी हमले के बाद चरमरा चुका है। श्रीलंका की मुद्रा में 80 फीसदी की गिरावट आई है, जिससे आयात बेहद महंगा हो गया है। महंगाई कंट्रोल से बाहर हो गई है।

दिवालियेपन की ओर बढ़ रहा देश

दिवालियेपन की ओर बढ़ रहा देश

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य पदार्थों की कीमतों में 57 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसका नतीजा यह कि देश दिवालियेपन की ओर बढ़ रहा है, जिसके पास पेट्रोल, दूध, रसोई गैस और टॉयलेट पेपर आयात करने के लिए भी पैसा नहीं है। श्रीलंका में आम तौर पर भोजन की कमी नहीं है, लेकिन लोग भूखे रह रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम का कहना है कि 10 में से 9 परिवार भोजन छोड़ रहे हैं, जिससे स्टोर किया हुआ खाना और ज्यादा दिन तक चल सके। जबकि 30 लाख आपातकालीन मानवीय सहायता प्राप्त कर रहे हैं।

चीजों में सुधार लाने के लिए बेताब लोग

चीजों में सुधार लाने के लिए बेताब लोग

डॉक्टरों ने उपकरण और दवा की महत्वपूर्ण आपूर्ति प्राप्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। श्रीलंकाई लोगों की बढ़ती संख्या काम की तलाश में विदेश जाने के लिए पासपोर्ट की मांग कर रही है। सरकारी कर्मचारियों को तीन महीने के लिए अतिरिक्त दिन की छुट्टी दी गई है ताकि उन्हें अपना भोजन उगाने का समय मिल सके। अगर संक्षेप कहा जाए तो लोग पीड़ित हैं औऱ चीजों में सुधार लाने के लिए बेताब हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+