Facts About Greenland: साल में 2 महीने नहीं डूबता सूरज, मात्र इतने रुपए में ग्रीनलैंड घूम सकते हैं आप
Facts About Greenland: दुनिया के सबसे बड़े द्वीपों में से एक ग्रीनलैंड (Greenland) को लेकर आज भी बाहरी दुनिया में बहुत कम सही जानकारी है। अक्सर लोग इसे सिर्फ बर्फ, ग्लेशियर और खाली जमीन से जोड़कर देखते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है। ग्रीनलैंड सिर्फ एक आर्कटिक लैंड नहीं, बल्कि एक समृद्ध संस्कृति, गहरा इतिहास और अनोखी जीवनशैली वाला देश है। इस लेख में हम ग्रीनलैंड से जुड़े आम मिथकों को तोड़ेंगे और इसकी असली पहचान को आसान भाषा में समझेंगे।
दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप, लेकिन महाद्वीप नहीं
ग्रीनलैंड क्षेत्रफल के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है, जो किसी महाद्वीप का हिस्सा नहीं है। इसका कुल क्षेत्रफल 2.16 मिलियन वर्ग किलोमीटर (836,330 वर्ग मील) है, जिसमें इसके आसपास के तटीय द्वीप भी शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि ग्रीनलैंड की लगभग 80 प्रतिशत जमीन मोटी बर्फ की चादर से ढकी हुई है।

हालांकि, जो हिस्सा बर्फ से मुक्त है, वह भी स्वीडन के आकार जितना बड़ा है। 2017 के अनुमान के मुताबिक, यहां की आबादी केवल 56,480 है, जिससे यह दुनिया के सबसे कम जनसंख्या वाले देशों में गिना जाता है।
जब हर तरफ बर्फ है, तो नाम 'ग्रीनलैंड' क्यों?
इतनी बर्फ होने के बावजूद इस देश का नाम ग्रीनलैंड होना लोगों को हैरान करता है। इसका जवाब इतिहास में छिपा है। आइसलैंड के एक व्यक्ति एरिक द रेड को जब इस द्वीप पर निर्वासित किया गया, तो उसने जानबूझकर इसका नाम ग्रीनलैंड रखा। उसका मानना था कि यह नाम लोगों को यहां बसने के लिए आकर्षित करेगा।
वैज्ञानिकों का कहना है कि करीब 2.5 मिलियन साल पहले ग्रीनलैंड वास्तव में हरा-भरा था। हालिया रिसर्च में पता चला है कि लगभग 2 मील मोटी बर्फ के नीचे प्राचीन मिट्टी आज भी जमी हुई हालत में मौजूद है।
डेनमार्क से जुड़ा, लेकिन गुलाम नहीं
ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य का एक स्वायत्त देश है। भले ही यह भौगोलिक रूप से उत्तरी अमेरिका में आता हो, लेकिन लगभग 1000 सालों से इसका राजनीतिक और सांस्कृतिक रिश्ता यूरोप से रहा है। डेनमार्क ने 1721 में यहां उपनिवेश स्थापित किए और 1953 में ग्रीनलैंड को औपचारिक रूप से डेनमार्क का हिस्सा बना दिया। इसके बाद 1979 में ग्रीनलैंड को होम रूल मिला और 2009 में विस्तारित सेल्फ रूल, जिससे ग्रीनलैंड सरकार को अपने फैसले खुद लेने की ज्यादा ताकत मिली।
4,500 साल पुरानी कहानी
इतिहासकारों के अनुसार, ग्रीनलैंड में इंसानों ने करीब 2500 ईसा पूर्व कदम रखा था। शुरुआती मानव समूह समय के साथ खत्म हो गए, लेकिन इसके बाद उत्तरी अमेरिका से कई नई जनजातियां यहां आईं। 10वीं शताब्दी में आइसलैंड के नॉर्समैन दक्षिणी ग्रीनलैंड में बसे, लेकिन 15वीं शताब्दी तक वे भी गायब हो गए। 13वीं शताब्दी में इनुइट लोग एशिया से यहां पहुंचे, और आज के अधिकांश ग्रीनलैंडर उन्हीं के वंशज हैं। यानी इंसान 4,500 साल से ज्यादा समय से ग्रीनलैंड में रह रहे हैं।
इनुइट, न कि 'एस्किमो'
आज ग्रीनलैंड की 88% आबादी इनुइट (मुख्य रूप से कालाल्लित) या मिश्रित इनुइट-डेनिश है। बाकी 12% यूरोपीय मूल के लोग हैं, जिनमें अधिकतर डेनिश हैं। एक जरूरी बात यह है कि ग्रीनलैंड के लोग 'एस्किमो' कहलाना पसंद नहीं करते। उनके लिए सही शब्द इनुइट या कालाल्लित है, जिसका मतलब ही 'ग्रीनलैंडर' होता है। इनुइट ग्रीनलैंडर्स का कनाडा और अलास्का के इनुइट समुदायों से भी गहरा रिश्ता है।
कौन-सी भाषा में बात करते हैं ग्रीनलैंड के लोग?
ग्रीनलैंड में ज़्यादातर लोग ग्रीनलैंडिक (कालाल्लिसुत) और डेनिश दोनों भाषाएं बोलते हैं। 1979 से ये दोनों भाषाएं सरकारी कामकाज में इस्तेमाल हो रही हैं। आज की युवा पीढ़ी स्कूल में अंग्रेजी भी सीखती है। ग्रीनलैंडिक भाषा का इतिहास बेहद पुराना है और यह कनाडा की इनुइट भाषाओं से काफी मिलती-जुलती है। "कयाक" और "इग्लू" जैसे शब्द दुनिया की कई भाषाओं में ग्रीनलैंड से ही पहुंचे हैं।
कितने रुपए में भारत से कर सकते हैं ट्रिप?
अगर दिल्ली से आप अपनी यात्रा शुरु करना चाहते हैं तो फ्लाइट और वीजा का 80,000 रुपए तक खर्च आता है। जबकि वहां एक दिन का होटल का किराया 8000-10,000 रुपए तक होता है। इसमें 50,000-70,000 आप सात दिनों के हिसाब से खाने और टैक्सी का खर्च भी जोड़ सकते हैं। 10-10,000 में स्नो मोबाइल टूर और रेनडीयर सफारी भी कर सकते हैं। इसके अलावा 30,000 रुपए आइस ब्रेक शिप में यात्रा करने के लगते हैं। वहीं नॉर्दन लाइट्स देखने के लिए आपको कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा। इस लिहाज से देखें तो 2,80,000 से 3 लाख रुपए के बीच प्रति व्यक्ति आपकी ट्रिप हो सकती है। चूंकि होटल समेत कई चीजों का पैसा भी इसमें बचेगा।
बिना हाईवे और रेलवे वाला देश
इतना बड़ा देश होने के बावजूद ग्रीनलैंड में कोई नेशनल रोड या रेलवे नेटवर्क नहीं है। शहरों के अंदर सड़कें हैं, लेकिन वे शहर की सीमा पर खत्म हो जाती हैं। शहरों के बीच सफर हवाई जहाज, नाव, हेलीकॉप्टर, स्नोमोबिल या डॉगस्लेड से किया जाता है। गर्मियों में नाव सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती है और लोग fjords में घूमते नजर आते हैं।
मछली पकड़ना: जीवन और अर्थव्यवस्था
ग्रीनलैंड की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा आधार मछली पकड़ना है। देश लगभग हर चीज़ आयात करता है, सिवाय मछली, समुद्री भोजन और कुछ स्थानीय शिकार के। हर इलाके को व्हेल, सील और मछली का तय कोटा दिया जाता है ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। ब्लू व्हेल जैसी प्रजातियां पूरी तरह संरक्षित हैं। व्हेल और सील का मांस सिर्फ स्थानीय खपत के लिए होता है, इसका निर्यात नहीं किया जाता।
नुक: ग्रीनलैंड का दिल
ग्रीनलैंड की लगभग एक-चौथाई आबादी राजधानी नुक (Nuuk) में रहती है। यह देश का सबसे बड़ा और आधुनिक शहर है। यहां छोटे आकार के बावजूद म्यूज़ियम, कैफे, फैशन बुटीक और आर्ट गैलरी मौजूद हैं। नुक पहाड़ों और विशाल fjords से घिरा हुआ है, जिससे यहां से प्रकृति की सैर आसान हो जाती है।
जब सूरज कभी नहीं डूबता
ग्रीनलैंड में हर साल 25 मई से 25 जुलाई तक सूरज बिल्कुल नहीं डूबता। इसे Midnight Sun कहा जाता है। 21 जून, यानी साल का सबसे लंबा दिन, यहां राष्ट्रीय अवकाश होता है। इस दिन लोग बाहर BBQ, धूप और प्रकृति का पूरा आनंद लेते हैं। यह जानकारी Visit Greenland द्वारा दी गई है, जो ग्रीनलैंड सरकार द्वारा संचालित आधिकारिक पर्यटन संस्था है।
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