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Explained: गाजा में फिर भड़कने वाली है जंग? हमास ने ट्रंप की शर्तों को दिखाया ठेंगा! मार दिए दो इजरायली सैनिक

Explained: वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में अमेरिकी मध्यस्थता वाले युद्धविराम के दो सप्ताह बाद भी हमास ने यह साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाला नहीं है। हमास को विश्वास है कि वह बिना युद्ध फिर से शुरू किए अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना में हमास से आत्मसमर्पण की मांग की गई है, जिससे तनाव बढ़ गया है।

हमास की नई मांग - युद्ध के बाद शासन में भूमिका

अरब मध्यस्थों के साथ चल रही बातचीत में हमास इस बात पर जोर दे रहा है कि युद्ध के बाद गाजा में शासन की भूमिका उसे मिले। यह रुख ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना के खिलाफ है, जिसमें अमेरिका ने आतंकवादी संगठन से किसी भी रूप में सत्ता छोड़ने की बात कही है।

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गाजा में जारी हिंसा और इजरायली हमले

हमास ने हाल के दिनों में इजरायली सुरक्षा व्यवस्था की जांच की, जिसके जवाब में इजरायली हवाई हमले हुए। इससे संघर्षविराम की नाजुक स्थिति पर चिंता और बढ़ गई। हमास ने गाजा में अपने प्रतिद्वंद्वी फिलिस्तीनी समूहों के खिलाफ भी हिंसक अभियान छेड़ा है, जिसमें 50 से ज्यादा लोगों को सड़क पर बैठा कर उनकी पीठ में गोलियां मारी गईं। जिससे यह संदेश दिया गया कि गाजा पर शासन करने वाला अब भी वही है।

'हमास अपनी ताकत दिखाना चाहता है'

इजरायल के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी एवनेर गोलोव के अनुसार, "हमास यह दिखाना चाहता है कि कोई उसे खत्म नहीं कर सकता और गाजा में वह सबसे मजबूत खिलाड़ी है।" काहिरा में चल रही बैठकों में अरब मध्यस्थों को हमास के नेताओं ने बताया कि समूह को मिटाया नहीं जा सकता और वह भविष्य में भी शासन में भूमिका निभाना चाहता है।

ट्रंप योजना के दूसरे चरण पर तनाव

यह बयान ऐसे समय में आया है जब बातचीत ट्रंप की योजना के दूसरे चरण पर पहुंच चुकी है - यानी गाजा के प्रशासन और सुरक्षा के लिए हमास-मुक्त विकल्प तैयार करना। लेकिन हमास इस प्रक्रिया से असहमत है और भविष्य की भूमिका बनाए रखना चाहता है।

हमास का डर - बिना गारंटी हथियार नहीं छोड़ेगा

ट्रंप की योजना में हमास से हथियार सरेंडर करने की मांग की गई है, लेकिन हमास का कहना है कि जब तक युद्ध समाप्त होने की गारंटी नहीं मिलती, वह न तो हथियार छोड़ेगा और न ही पीछे हटेगा। समूह चाहता है कि मध्यस्थ गाजा के भविष्य पर बातचीत के लिए 10 साल तक के लिए सीजफायर तय करें।

छोटे गुटों के हमले और बढ़ता तनाव

हाल के दिनों में छोटे हमास गुटों ने कई हमले किए हैं। साथ ही, गाजा में सशस्त्र परिवारों और मिलिशिया के खिलाफ अभियान जारी है। हमास का आरोप है कि इजरायल हमलों को अंजाम देकर ट्रंप समझौते का उल्लंघन कर रहा है और मृत बंधकों के शवों की खोज में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के प्रवेश पर रोक लगा रहा है।

अभी भी इजरायल से लड़ना चाहता है हमास

अम्मान के इस्लामी समूह विशेषज्ञ हसन अबू हानिएह ने कहा, "हमास के लिए युद्धविराम आत्मसमर्पण नहीं बल्कि एक समझौता है।" उनका कहना है कि समूह इजरायल को यह दिखाना चाहता है कि अगर शांति असफल होती है, तो इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

हमास का दावा - हम शांति बनाए रखना चाहते हैं

हमास के वरिष्ठ नेता खलील अल-हय्या ने मिस्र के राज्य-नियंत्रित चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि युद्ध समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा, "हम दृढ़ हैं कि यह समझौता कायम रहेगा, क्योंकि हम इसे चलाना चाहते हैं।"

ट्रंप की शांति प्रक्रिया पर बड़ा दबाव

अब ट्रंप की शांति प्रक्रिया एक अहम मोड़ पर है। हमास ने अपने पास रखे सभी जीवित बंधकों को रिहा कर दिया है और दो सप्ताह बाद भी युद्धविराम कायम है। ट्रंप प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को इजरायल भेजा है कि संघर्ष दोबारा न भड़के।

अमेरिकी प्रतिनिधियों की कूटनीतिक यात्रा

विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस सप्ताह इजरायल पहुंचे। विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी गुरुवार शाम पहुंचे और उन्होंने कहा, "अगले कुछ हफ्तों में युद्धविराम बनाए रखना बेहद जरूरी है।"

हमास के हमले में दो इजरायली सैनिकों की मौत

रविवार को हमास के आतंकवादियों ने राफा के पास हमला किया, जिसमें दो इजरायली सैनिक मारे गए। जवाब में इजरायल ने लगभग 120 गोलाबारूद हमास की सुरंगों, हथियार डिपो और अन्य ठिकानों पर दागे। हालांकि, हमास ने इन हमलों की जिम्मेदारी से इनकार किया।

ग्रे-जोन में संघर्ष जारी

अरब मध्यस्थों और इजरायली अधिकारियों का मानना है कि हमलों का यह पैटर्न संयोग नहीं था। उन्होंने हमास के नेताओं पर दबाव डाला है कि वे हमले रोकें ताकि युद्धविराम बरकरार रहे।इजरायल और हमास अब "ग्रे-जोन" यानी सीमित संघर्ष के क्षेत्र में रणनीति बना रहे हैं। इजरायली एक्सपर्ट का कहना है कि हमास के हमले भविष्य में होने वाली झड़पों के लिए मिसाल बन सकती है।

अमेरिकी दबाव में इजरायल की संयमित प्रतिक्रिया

अरब मध्यस्थों के अनुसार, अमेरिका ने इजरायल को आगाह किया कि किसी भी प्रतिशोधी कार्रवाई से वार्ता खतरे में न पड़े। विटकॉफ और वेंस ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को संदेश दिया कि जवाब 'आनुपातिक' होना चाहिए ताकि युद्धविराम कायम रहे।

ट्रंप की चेतावनी - हमास समझौते का उल्लंघन न करे

ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा, "हमारे पास हमास के साथ थोड़ी समस्या है, और अगर उन्होंने इसे खुद ठीक नहीं किया, तो हम इसे बहुत जल्दी ठीक कर देंगे।" यह बयान हमास को सीधी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

हमास पर निर्भर है शांति योजना की सफलता

ट्रंप की योजना के तहत इजरायल और अरब सरकारों को शांति सेना में शामिल होना है, लेकिन यह सब हमास के सत्ता छोड़ने पर निर्भर करता है। यदि देरी हुई तो गाजा के पुनर्निर्माण पर असर पड़ेगा, खासकर उस 53% क्षेत्र पर जो अभी भी इजरायली नियंत्रण में है।

गाजा को दो हिस्सों में बांटने की कुशनर की योजना

जेरेड कुशनर ने प्रस्ताव दिया है कि जब तक हमास समाप्त नहीं होता, तब तक गाजा को दो हिस्सों में बांटा जाए - इजरायल नियंत्रित क्षेत्र में पुनर्निर्माण जारी रहे और हमास नियंत्रित हिस्सा उपेक्षित रहे।

गाजावासियों को दोबारा बसाने की चुनौती

उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि हजारों गाजावासियों को दक्षिणी गाजा में स्थानांतरित कर "हमास-मुक्त क्षेत्र" में बसाया जा सकता है। उनका लक्ष्य अगले दो से तीन वर्षों में राफा का पुनर्निर्माण करना है, जिसमें लगभग 5 लाख लोग सुरक्षित रूप से रह सकें।

अरब देशों की चिंता

अरब सरकारें इस विचार के खिलाफ हैं। उन्हें डर है कि इससे गाजा के हिस्से पर इजरायल का स्थायी नियंत्रण हो जाएगा। साथ ही, उन्हें चिंता है कि हमास का राजनीतिक नेतृत्व अपने सैन्य गुटों पर पूरा नियंत्रण नहीं रखता।

हमास के भीतर क्लेश और कमजोर नेतृत्व

हमास का अधिकांश वरिष्ठ नेतृत्व इजरायली हमलों में मारा जा चुका है। बचा हुआ नेतृत्व अब ट्रंप योजना पर आपसी मतभेदों से जूझ रहा है। अरब सरकारों का मानना है कि यह असहमति गाजा में स्थिरता की राह में बड़ी बाधा है।

इजरायल की आपत्ति और हमास की नई रणनीति

इजरायल ने तुर्की और फिलिस्तीनी प्राधिकरण के हस्तक्षेप पर आपत्ति जताई है। इजरायली सैन्य इतिहासकार गाय एवियाद के अनुसार, हमास चाहता है कि युद्धविराम लंबे समय तक चले ताकि वह गाजा पर अपनी पकड़ फिर से मजबूत कर सके।

हमास की नई तैयारी - पुनर्गठन और सैन्य तैनाती

पूर्व खुफिया अधिकारी माइकल मिल्स्टीन के अनुसार, हमास अब अपनी ब्रिगेडों का पुनर्निर्माण कर रहा है, नए कमांडर नियुक्त कर रहा है और हथियारों को स्थानांतरित कर रहा है। वह "पीली रेखा" के पास बल केंद्रित कर रहा है, जिससे इजरायली सैनिकों के साथ झड़प की संभावना बढ़ रही है।

शांति की राह अभी लंबी

विशेषज्ञों का कहना है कि हमास खुले संघर्ष से बचना चाहता है, लेकिन उसके कदम लगातार तनाव को जन्म दे रहे हैं। ट्रंप की शांति योजना और हमास की जिद - दोनों मिलकर गाजा के भविष्य को एक बार फिर अनिश्चित बना रहे हैं।

इस एनालिसिस पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में जरूर बताएं।

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