अफगानिस्तान छोड़कर परिवार समेत UAE पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी, इस तरह हुआ स्वागत

काबुल, 18 अगस्त। अमेरिकी सेना की घर वापसी के कुछ सप्ताह के भीतर ही तालिबान ने अफगानिस्तान पर एक बार फिर अपना कब्जा जमा लिया। 15 अगस्त को जब भारत में आजादी का जश्न मनाया जा रहा था तो उसी समय काबुल में तालिबान सत्ता हथियाने के लिए आगे बढ़ रहा था। राष्ट्रीय राजधानी काबुल में तालिबान के प्रवेश के पहले ही तत्कालीन राष्ट्रपति अशरफ गनी परिवार समेत देश छोड़ कर निकल गए। रिपोर्ट के मुताबिक पहले वह पड़ोसी देश तजाकिस्तान पहुंचे उसके बाद अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में उनके होने की पुष्टि की गई है।

यूएई सरकार ने की पुष्टि

यूएई सरकार ने की पुष्टि

यूएई के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय ने अफगान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के संयुक्त अरब अमीरात में होने की पुष्टि की। मंत्रालय ने कहा कि यूएई ने मानवीय आधार पर राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनके परिवार का देश में स्वागत किया है। बता दें कि अशरफ गनी पर आरोप लगे हैं कि वह अफगानिस्तान के खजाने से मोटी रकम लेकर फरारा हुए हैं। ऐसे दावे सामने आए हैं कि अशरफ गनी अपने साथ हेलीकॉप्टर में ठूंस-ठूंस कर नकदी और चार लग्जरी कार लेकर गए हैं।

Recommended Video

    Afghanistan Crisis: Ashraf Ghani हेलीकाप्टर सहित 4 Cars में कैश भरकर देश से भागे | वनइंडिया हिंदी
    अफगान छोड़ने की बताई ये वजह

    अफगान छोड़ने की बताई ये वजह

    अशरफ गनी ने अफगान छोड़ने के वजहों का जिक्र करते हुए फेसबुक पर लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा था। उन्होंने कहा था कि अगर वह देश में ही रुकते तो उन्हें मारने के लिए तालिबान काबुल में खून की नदियां बह जाती। अशरफ गनी ने गुरुवार को देश छोड़ा था, बुधवार तक उनके स्थायी पते की जनकारी किसी को नहीं थी। इस बीच अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि वह तजाकिस्तान या ओमान में छिपे हुए हैं।

    तालिबान को लेकर 21 देशों ने जारी किया साझा बयान

    तालिबान को लेकर 21 देशों ने जारी किया साझा बयान

    अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा सहित 21 देशों ने अपने एक संयुक्त बयान में कहा है, हम अफगानी महिलाओं और लड़कियों, उनके शिक्षा, काम और आवाजाही की स्वतंत्रता के अधिकारों के बारे में बहुत चिंतित हैं। हम अफगानिस्तान में सत्ता और अधिकार के पदों पर बैठे लोगों से उनकी सुरक्षा की गारंटी देने का आह्वान करते हैं। बयान में आगे कहा गया है,

    'हम महिलाओं और कमजोर वर्गों की हर तरह की मानवीय सहायता के लिए तैयार हैं। साथ ही हम बारीकी से निगरानी करेंगे कि भविष्य में जो भी सरकार बनेगी, वो बीते 20 सालों में अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके अधिकारों और स्वतंत्रता को सुनिश्चित करे और उनके अधिकार ना छीने जाएं।'

    यह भी पढ़ें: Afghanistan-Taliban Crisis : अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे से भीलवाड़ा को ₹ 200 करोड़ से ज्यादा का घाटा

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+